- भूटान में ग्लेशियल झील के फटने से असम और पश्चिम बंगाल में बाढ़ को लेकर हाई अलर्ट किया गया है
- पश्चिम बंगाल की संकोश नदी के किनारे और असम के निचले इलाकों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है
- भूटान ने फ्लैश फ्लड की संभावना को लेकर असम-बंगाल के निचले इलाकों के लिए चेतावनी दी गई है
भूटान में एक ग्लेशियर झील फटने के बाद असम और पश्चिम बंगाल में हाई अलर्ट जारी किया गया है. भूटान के लेमथांग में गुरुवार रात को एक ग्लेशियल झील फटी है. जिसका पानी तेजी से आगे बढ़ रहा है. संभावित खतरे को देखते हुए पश्चिम बंगाल में संकोश नदी के किनारे रहने वाले और असम में रहने वाले लोगों को एहतियातन सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है. दरअसल इन जगहों पर भूटान से पानी बहकर आने का खतरा बना हुआ है. सूत्रों के मुताबिक, भूटान ने भारत को निचले इलाकों में फ्लैश फ्लड के बारे में अलर्ट किया है. ये अलर्ट उत्तरी बंगाल के जिलों में निचले इलाकों के लिए है. इसका खतरा भूटान की सीमा से लगे निचले असम के जिलों पर असर पड़ने की भी आशंका है. दार्जिलिंग की पहाड़ियों, तराई और डुआर्स क्षेत्र के सभी लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है.
भूटान में ग्लेशियर झील फटने से हड़कंप
बाढ़ का पानी अब पुनाखा जोग से लगभग आठ किलोमीटर दूर,कबेसा गेवोग के श्रीगंग इलाके तक पहुंच चुका है. हालांकि अब तक किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है.झील के पानी से आई बाढ़ की वजह से गासा त्साचू की सभी सुविधाएं पूरी तरह बह गई हैं. हालांकि, किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है, क्योंकि इस इलाके को पहले ही खाली करा लिया गया था.इससे पहले 26 अगस्त 2021 को भी एक भीषण बाढ़ ने गासा त्साचू को बहा दिया था, जब उफान पर चल रही मोचू नदी ने अपना रास्ता बदलकर गर्म पानी के झरने (हॉट स्प्रिंग) की ओर रुख कर लिया था.

भूटान में ग्लेशियर झील फटने से हड़कंप
माइक से अनाउंसमेंट कर सतर्क रहने का अलर्ट
भूटान में हुई आपदा के बारे में उत्तर बंगाल विकास मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने कहा कि कूचबिहार प्रशासन ने संकोश नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क कर दिया है. जरूरत पड़ने पर राहत सामग्री की जरूरत पड़ने पर ध्यान देने को कहा गया है. इलाकों में माइक से अनाउंसमेंट किया गया है.
A glacial lake outburst flood (GLOF) has been reported at Lemthang in Bhutan. The overflowing water from the lake is flowing downwards through the Mofu River towards the Sunkosh River. Therefore, everyone living in the catchment areas of the Sunkosh River and all its connected tributaries have been informed to move to a safe distance immediately to protect their lives. Everyone in our Darjeeling hills, Terai and Dooars region are requested to stay alert.
— Raju Bista (@RajuBistaBJP) October 29, 2026
सोनकोश नदी की ओर बढ़ रहा झील का पानी
झील से बाहर निकला पानी मोफू नदी के रास्ते सोनकोश नदी की ओर बढ़ रहा है. उत्तरी बंगाल और निचले असम के सीमावर्ती इलाकों में इसी नदी को गदाधर नदी के नाम से जाना जाता है. एक तरफ भूटान में लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया जा रहा है. इस बीच बंगाल और असम के लिए भी अलर्ट जारी किया गया है.
A glacier lake outburst flood (GLOF) which has originated from the Sintaphu lake at Mochu subbasin Gasa has been reported. The NCHM is currently monitoring the water level along the Mochu river at Tashithang. India has been informed. https://t.co/ArS7S73wd2
— The Bhutanese (@thebhutanese) October 29, 2026
बंगाल में बाढ़ का हाई अलर्ट
सूत्रों के हवाले से खबर है कि भूटान के अलर्ट के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने सोनकोश नदी के कैचमेंट एरिया में रहने वाले सभी लोगों को सतर्क कर दिया है.दरअसल निचले असम के जिलों में अचानक बाढ़ जैसी स्थिति पैदा होने का खतरा बना हुआ है. हालांकि असम सरकार ने अभी तक कोई आधिकारिक अलर्ट जारी नहीं किया है. पुनाखा में बाढ़ की चेतावनी के बाद बौद्ध भिक्षुओं को भी सुरक्षित जगहों पर ले जाया गया.
Monks being evacuated after the flood warning presumably in Punakha. https://t.co/qULz1czOFH
— Abir Ghoshal (@abirghoshal) October 29, 2026
शिंताफू तशो में अचानक झील फटी
बता दें कि भूटान में ताकत्सेमाखांग के पास शिंताफू तशो (Shintaphu Tsho) में अचानक झील फट गई है. बाढ़ का पानी गुरुवार रात करीब 8:15 बजे ताकत्सेमाखांग पहुंच गया. सूत्रों के मुताबिक, भूटान में अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. अंधेरा होने की वजह से पानी की मात्रा का सही अंदाजा नहीं लगाया जा सका. लोगों के मुताबिक, पानी के बहने की आवाज से से ऐसा लगता है कि यह घटना काफी बड़ी है.मवेशियों का कितना नुकसान हुआ है, ये अब तक पता नहीं चल सका है.
नेशनल सेंटर फॉर हाइड्रोलॉजी एंड मेटियोरोलॉजी के एक अधिकारी ने बताया कि तक्तसिमाखांग में जल-स्तर की निगरानी करने वाला एक स्टेशन है, लेकिन अभी तक वहां कोई अलर्ट नहीं मिला है. इससे लगता है कि पानी अभी तक उस स्टेशन तक नहीं पहुंचा है. बता दें कि शिंताफू झील को संभावित रूप से खतरनाक 17 हिमनद झीलों (ग्लेशियल लेक्स) में से एक माना जाता है. यह झील 'मो छू' (Mo Chhu) नदी के उद्गम स्थल पर स्थित है.
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