- छत्तीसगढ़ के सक्ती में वेदांता पावर प्लांट में 14 अप्रैल को बॉयलर यूनिट में तकनीकी खराबी से भीषण हादसा हुआ था
- इस दुर्घटना में 22 श्रमिकों की मौत हुई और 14 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं
- राज्य सरकार ने बिलासपुर आयुक्त को जांच अधिकारी नियुक्त कर 30 दिनों में रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश दिए हैं
छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले में स्थित वेदांता पावर लिमिटेड प्लांट में हुए भीषण हादसे को लेकर राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. सामान्य प्रशासन विभाग ने इस घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. इस हादसे की जांच बिलासपुर आयुक्त कर रहे हैं. वहीं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने जानकारी दी है कि घटना को लेकर एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है, दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.
यह हादसा 14 अप्रैल को डभरा तहसील के अंतर्गत सिंघीतराई स्थित प्लांट की बॉयलर यूनिट-1 में हुआ था, जहां स्टीम पाइप से जुड़े वाटर सप्लाई पाइप के ज्वाइंट में तकनीकी खराबी आने से बड़ी दुर्घटना हुई थी. इस हादसे में अब तक 23 श्रमिकों की जान चली गई थी, जबकि 14 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं.
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जांच के दिए गए हैं आदेश- सीएम विष्णु देव साय
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सक्ती जिले के सिंघीतराई स्थित 'वेदांता पावर प्लांट' में जब घटना घटी थी तभी हमने कहा था कि इसकी जांच होगी और जो भी दोषी होंगे, उन पर सख्त कार्रवाई होगी. जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं. वहीं घायलों के अच्छे इलाज की भी समुचित व्यवस्था की गई है.
वहीं प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री ने सक्ती में दुर्घटना को लेकर निर्देश दिया है, सक्ती की घटना बहुत बड़ी है. इस मामले में एफआईआर हो चुकी है और सख्त कार्रवाई की शुरुआत भी हो चुकी है.

सार्वजनिक हो एफआईआर- पूर्व सीएम भूपेश बघेल
वहीं इस घटना को लेकर छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने एक्स पर एक पोस्ट किया, "सूचना है कि सक्ती में 20 लोगों की दर्दनाक मौत पर एफआईआर हो गई है. उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को जानने का हक है कि किनके खिलाफ और किन धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई है. पहले इसी वेदांता कंपनी में हुए हादसे में तकरीबन 40 लोगों की मौत हुई थी.
भूपेश बघेल ने कहा कि वेदांता प्लांट में यह पहली दुर्घटना नहीं है, कोरबा स्थित वेदांता प्लांट में भी ऐसी ही दुर्घटना हुई थी, जिसमें चालीस लोगों की मौत हो गई थी. अब सक्ती में बॉयलर फटा है. इस घटना में हुई मौतें बेहद दर्दनाक हैं और प्रशासन को इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर जांच समिति गठित कर सख्त कार्रवाई करनी चाहिए. प्रशासन को जिम्मेदारी से काम लेना चाहिए.

वेदांता पावर प्लांट (सक्ती) में क्यों फटा बॉयलर?
14 अप्रैल को सिंहितराई स्थित वेदांता पावर प्लांट के बॉयलर-1 में एक जबरदस्त धमाका हुआ. धमाका प्लांट में दोपहर करीब 2.30 बजे हुआ. बॉयलर से टरबाइन तक उच्च दबाव वाली भाप ले जाने वाली एक स्टील की नली फट गई, जिससे कई मज़दूर गंभीर रूप से झुलस गए. पाइपलाइन फटने के बाद, लगभग 600 डिग्री तापमान वाली अत्यधिक गर्म भाप ने उन लोगों को अपनी चपेट में ले लिया जो उस समय अपना दोपहर का खाना खा रहे थे. कुछ अन्य लोग जो खुले स्थानों पर चल रहे थे, वे भी घायल हो गए.
शुरुआती रिपोर्ट में हादसे का कारण
- मुख्य बॉयलर निरीक्षक द्वारा सौंपी गई शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार, भट्टी के अंदर अत्यधिक ईंधन होने से उच्च दबाव उत्पन्न हुआ, जिसके कारण बॉयलर में धमाका हो गया.
- दबाव के कारण बॉयलर की एक निचली पाइप अपनी निर्धारित जगह से बाहर निकल गई, जिसके परिणामस्वरूप यह गंभीर दुर्घटना हुई.
- सक्ती स्थित फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की एक रिपोर्ट ने भी इस बात की पुष्टि की है कि ईंधन का जमाव और उसके परिणामस्वरूप उत्पन्न अत्यधिक दबाव ही इस धमाके के मुख्य कारण थे.
- जांच के दौरान यह बात सामने आई कि वेदांता कंपनी और उसके ठेकेदार NGSL (NTPC GE Power Services Limited) ने मशीनरी और उपकरणों के रखरखाव तथा संचालन संबंधी मानकों का ठीक से पालन नहीं किया.
- सक्ती के पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल ठाकुर ने बताया कि डभरा पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 106 (लापरवाही से मृत्यु कारित करना), 289 (मशीनरी के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण) और 3(5) (सामान्य आशय) के तहत FIR दर्ज की गई है.
- FIR में वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल और प्रबंधन अधिकारी देवेंद्र पटेल सहित आठ से दस लोगों को नामजद किया गया है.
- पुलिस अधीक्षक ने बताया, यदि जांच के दौरान और भी लोग दोषी पाए जाते हैं, तो उनके नाम भी इसमें जोड़ दिए जाएंगे. उपलब्ध सबूतों और तकनीकी रिपोर्टों के आधार पर, इस घटना में साफ तौर पर लापरवाही देखी गई है.
सक्ती में वेदांता पावर प्लांट
2022 में, वेदांता लिमिटेड ने एथेना छत्तीसगढ़ पावर लिमिटेड का अधिग्रहण किया था. यह एक रुका हुआ 1,200 MW का थर्मल पावर प्रोजेक्ट था, जिसमें 600 MW की दो यूनिट शामिल थीं. यह छत्तीसगढ़ के सक्ती ज़िले में सिंहितराई में स्थित है. यह अधिग्रहण इन्सॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड, 2016 के प्रावधानों के तहत लिक्विडेशन की प्रक्रिया के ज़रिए पूरा किया गया था.
जुलाई 2025 में, वेदांता पावर प्लांट ने अपना ट्रायल रन सफलतापूर्वक पूरा कर लिया और यूनिट 1 (600 MW) के लिए कमर्शियल ऑपरेशन डिक्लेरेशन (COD) हासिल कर लिया, जिससे इसका औपचारिक रूप से संचालन शुरू हो गया. इस प्लांट का संचालन और रखरखाव NGSL (NTPC – GE का संयुक्त उद्यम) द्वारा किया जाता है.
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