केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पंजाब दौरे पर हैं. लुधियाना में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने पंजाब में नशे के मुद्दे और नशा विरोधी कार्यकर्ताओं की मौत को लेकर आम आदमी पार्टी की सरकार पर सवाल उठाए. शाह ने कहा कि विजयदशमी के दिन उन्होंने गुरदासपुर, संगरूर और मानसा का दौरा कर तीन पीड़ित परिवारों से मुलाकात की. उनके मुताबिक, गुरदासपुर के 40 वर्षीय विक्रमजीत सिंह, संगरूर के गुलजार सिंह और मानसा के परविंदर सिंह झोटा नशे के खिलाफ लड़ाई से जुड़े थे और इसी कारण उनकी हत्या हुई या उन्हें आत्महत्या करनी पड़ी.
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि अपने लंबे राजनीतिक जीवन में वह कई दुखद घटनाओं के पीड़ित परिवारों से मिले हैं, लेकिन इन तीन परिवारों से मिलने के बाद उन्होंने खुद को बेहद दुखी पाया. उन्होंने दावा किया कि नशे के कारोबार से परेशान स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान पंजाब की जो स्थिति सामने आई, वह दिल्ली में मिलने वाली कागजी रिपोर्टों से कहीं ज्यादा झकझोरने वाली है. उन्होंने AAP सरकार से सवाल किया कि जिन परिवारों ने अपना बेटा, भाई या पति खोया है, उन्हें सरकार क्या जवाब देगी. मानसा में शाह ने परविंदर सिंह झोटा के परिवार से भी मुलाकात की और परिवार को CBI जांच का भरोसा दिया.
#WATCH | लुधियाना, पंजाब | केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "मैं पंजाब की पवित्र धरती से, पंजाब औरदेश भर के लोगों को विजयदशमी कीबहुत-बहुत शुभकामनाएं देना चाहता हूं। आज की विजयदशमी मैं अपने जीवन में कभी भुला नहीं पाऊंगा। आज मैं गुरदासपुर, संगरूर और मानसा, पंजाब के तीन स्थानों पर जाकर आया हूं। गुरदासपुर में 40 वर्षीय विक्रमजीत सिंह, संगरूर में श्री गुलजार सिंह और मानसा जिले में परविंदर सिंह झोटा, तीनों की नशे के खिलाफ लड़ाई के कारण या तो हत्या हुई है या उन्हें आत्महत्या करनी पड़ी है। मैं 30 सालों से विधानसभा, लोकसभा में चुनकर आ रहा हूं। भाजपा के अध्यक्ष और देश के गृह मंत्री होने के नाते कई जगहों पर, कई दुखद हादसों में पीड़ित परिवारों से मैंने मिलने का काम किया है। लेकिन मैं आज देश की जनता और विशेषकर पंजाब की जनता को बताना चाहता हूं कि मैंने कभी भी अपने आप को इतना दुखी नहीं पाया है। इन तीनों परिवारजनों से मिलकर और आस-पास के जो भी चिट्टा के व्यापार से त्रस्त लोग थे, वे भी वहां एकत्रित हुए थे। उन्होंने पंजाब की जो स्थिति बताई, वो दिल्ली की कागजी रिपोर्टों में पढ़ी जाने वाली स्थिति से कई गुना ज्यादा झकझोर कर रखने वाली है। यहां पर मैं आज सरकार से पूछना चाहता हूं कि किसी ने बेटा खोया है, किसी ने भाई खोया है, किसी ने पति खोया है, इन सबका यहां की AAP सरकार के पास क्या जवाब है? बहाना बनाने के अलावा मैंने आज तक कोई जवाब नहीं सुना है।"
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 20, 2026
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि मैं जब पहले पंजाब में आया था तब मैंने भाजपा की नशा मुक्त पंजाब की रैली को संबोधित करने आया था. मैं आया था नशे के कारोबार को समाप्त करने की अपील करने लेकिन उल्टा मुझ पर ही आरोप मढ़ दिए गए. आज मैं यहां दुखी लोगों को सांत्वना देने आया, मेरा कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं था. लेकिन मुझे अपशब्द कहे गए. मैं उनको केवल इतना ही कहना चाहता हूं कि मुझे अपशब्द कहने से कुछ नहीं होगा. अगर आपको संतुष्टि मिलती है तो कहें, लेकिन नशे के कारोबार को तो समाप्त कीजिए, चिट्टे के कारोबार को तो समाप्त कीजिए. मैं पंजाब सरकार और उनके मुखियाओं को याद कराने आया हूं कि आप 3 महीने में नशे के कारोबार को समाप्त करने का वादा करके गद्दी पर बैठे हैं. 5 साल हो गए, नशे का कारोबार बढ़ता ही जा रहा है. यहां तक की आपके सिपाही भी पकड़े जाते हैं. उनके पास से 10-12 किलो हिरोइन भी पकड़ी जाती है. जो लोग नशे के कारोबार को विरोध करते हैं, उन्हें आत्महत्या करनी पड़ती है, उन्हें मार दिया जाता है... शर्म आनी चाहिए पंजाब की AAP सरकार के कर्ता-धर्ताओं को."
अमित शाह ने कहा कि पंजाब की जनता से मेरा सवाल है कि AAP सरकार नशे पर रोक क्यों नहीं लगा पाई? नशा पकड़े जाने के बाद फॉरेंसिक लैब में उसकी जांच तक नहीं हो रही है. हर जिले में नशा तस्करों का एक गैंग बना हुआ है. मेरा पंजाब के लोगों से वादा है कि 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त बना दिया जाएगा. हमने अनुच्छेद 370 हटाया, आतंकवाद और नक्सलवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी और अब पंजाब से नशे को समाप्त कर इसे नशामुक्त बनाएंगे. नशे के कारण जिन लोगों की जान गई है, उन्हें हम सच्ची श्रद्धांजलि देते हैं. पंजाब के लोगों से मेरा आग्रह है कि नशे के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद रखें.
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