प्रयागराज में चल रहे शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के धरने के बीच बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल को भेजा है. वो विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की नई गाइडलाइन से नाराज बताए जा रहे हैं.इस गाइड लाइन का सवर्ण जातियों के लोग विरोध कर रहे हैं. उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद विवाद को ब्राह्मणों के अपमान से जोड़ा है. उन्होंने कहा है कि उनका इस्तीफा पद और प्रतिष्ठा से ऊपर स्वधर्म और स्वाभिमान है. अग्निहोत्री के इस्तीफे ने यूपी की राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारे में हलचल पैदा कर दी है. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने अग्निहोत्री के इस्तीफे को बेहद गंभीर संकेत बताया है. वहीं सपा, बसपा और बीजेपी ने अभी तक इस मामले में कुछ नहीं कहा है.
अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे पर क्या बोले अजय राय
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा कथित इस्तीफ़ा बेहद गंभीर संकेत है।
— Ajay Rai🇮🇳 (@kashikirai) January 26, 2026
शंकराचार्य व उनके शिष्यों पर लाठीचार्ज और प्रशासनिक दबाव—यह सब दर्शाता है कि भाजपा शासन में संविधान, आस्था और अभिव्यक्ति तीनों असुरक्षित हैं।
सच्चाई सामने आनी चाहिए।
प्रदेश को डर से नहीं, संविधान से चलाया… pic.twitter.com/drLeY2jxpF
अलंकार अग्निहोत्री के इस्तीफे पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रमुख अजय राय ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा,'' बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा कथित इस्तीफ़ा बेहद गंभीर संकेत है. शंकराचार्य व उनके शिष्यों पर लाठीचार्ज और प्रशासनिक दबाव—यह सब दर्शाता है कि भाजपा शासन में संविधान, आस्था और अभिव्यक्ति तीनों असुरक्षित हैं. सच्चाई सामने आनी चाहिए. प्रदेश को डर से नहीं, संविधान से चलाया जाएगा.''
अग्निहोत्री ने कहा है,''प्रदेश सरकार ब्राह्माण विरोधी अभियान चला रही है. शंकराचार्य जी के साथ जो हुआ, सभी ने देखा. चोटी-शिखा पकड़कर संतों को पिटा गया. जूतों-चप्पलों से मारा गया. अगर प्रशासन के लोग इस तरह अत्याचार करेंगे तो अन्य समाज के लोग ब्राह्माणों के साथ किस तरह का व्यवहार करेंगे.'' उनके इस बयान के बाद ब्राह्मण सभा के लोग उनके समर्थन में उतर आए हैं.
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