
सुब्रमण्यम स्वामी की फाइल फोटो
नई दिल्ली:
बीजेपी नेता सुब्रह्मण्यम स्वामी ने दिल्ली की एक अदालत को बताया कि वह नेशनल हेराल्ड मामले में दस्तावेज तलब करने के लिए एक नई अर्जी दाखिल करेंगे। इस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उपाध्यक्ष राहुल गांधी और कुछ अन्य लोग आरोपी हैं।
स्वामी ने मजिस्ट्रेट लवलीन को बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत के उस आदेश को दरकिनार कर दिया है, जिसमें वित्त मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय, कॉरपोरेट मामलों के विभाग, आयकर विभाग से दस्तावेज और कांग्रेस पार्टी का 2010-2011 का बैलेंस शीट तलब करने का आदेश दिया गया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने स्वामी को नई अर्जी दाखिल करने की अनुमति दी है।
बीजेपी नेता ने कहा, 'ऐसा कोई तरीका नहीं जिससे मुझे फिर इन दस्तावेजों की प्रतियां हासिल करने से रोका जा सके। मैं दस्तावेजों के तलब के लिए एक पूर्ण याचिका दाखिल करूंगा। हाईकोर्ट का आदेश यह नहीं कहता है कि इन दस्तावेजों को लौटाया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा है कि मैं नई अर्जी दाखिल कर सकता हूं। मैं हाईकोर्ट की अनुमति के मुताबिक दस्तावेजों के समन के लिए अर्जी दूंगा।'
कुछ आरोपियों की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील आरएस चीमा और रेबेका जॉन ने अदालत को बताया कि पहले तलब किए गए दस्तावेजों को लौटाया जाना चाहिए, क्योंकि हाईकोर्ट ने निचली अदालत के 11 जनवरी 2016 और 11 मार्च 2016 के आदेशों को दरकिनार कर दिया है। चीमा ने कहा कि निचली अदालत के आदेश के अनुरूप कुछ दस्तावेज तलब किए गए थे और उन्हें रिकॉर्ड पर लाया गया था, लेकिन उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब इन दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर नहीं रखा जा सकता।
मजिस्ट्रेट ने आदेश दिया कि समन किए गए और अदालत के सामने पेश किए गए दस्तावेजों को हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक उचित अधिकारियों को लौटाया जाए। बहरहाल, स्वामी ने कहा कि इन दस्तावेजों को अदालत में रखा जाना चाहिए और वह इस बाबत जल्द ही एक नई अर्जी दाखिल करेंगे। मामले की अगली सुनवाई अब 20 अगस्त को होगी।
(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
स्वामी ने मजिस्ट्रेट लवलीन को बताया कि दिल्ली हाईकोर्ट ने निचली अदालत के उस आदेश को दरकिनार कर दिया है, जिसमें वित्त मंत्रालय, शहरी विकास मंत्रालय, कॉरपोरेट मामलों के विभाग, आयकर विभाग से दस्तावेज और कांग्रेस पार्टी का 2010-2011 का बैलेंस शीट तलब करने का आदेश दिया गया था। हालांकि, हाईकोर्ट ने स्वामी को नई अर्जी दाखिल करने की अनुमति दी है।
बीजेपी नेता ने कहा, 'ऐसा कोई तरीका नहीं जिससे मुझे फिर इन दस्तावेजों की प्रतियां हासिल करने से रोका जा सके। मैं दस्तावेजों के तलब के लिए एक पूर्ण याचिका दाखिल करूंगा। हाईकोर्ट का आदेश यह नहीं कहता है कि इन दस्तावेजों को लौटाया जाना चाहिए। हाईकोर्ट ने कहा है कि मैं नई अर्जी दाखिल कर सकता हूं। मैं हाईकोर्ट की अनुमति के मुताबिक दस्तावेजों के समन के लिए अर्जी दूंगा।'
कुछ आरोपियों की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील आरएस चीमा और रेबेका जॉन ने अदालत को बताया कि पहले तलब किए गए दस्तावेजों को लौटाया जाना चाहिए, क्योंकि हाईकोर्ट ने निचली अदालत के 11 जनवरी 2016 और 11 मार्च 2016 के आदेशों को दरकिनार कर दिया है। चीमा ने कहा कि निचली अदालत के आदेश के अनुरूप कुछ दस्तावेज तलब किए गए थे और उन्हें रिकॉर्ड पर लाया गया था, लेकिन उच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब इन दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर नहीं रखा जा सकता।
मजिस्ट्रेट ने आदेश दिया कि समन किए गए और अदालत के सामने पेश किए गए दस्तावेजों को हाईकोर्ट के आदेश के मुताबिक उचित अधिकारियों को लौटाया जाए। बहरहाल, स्वामी ने कहा कि इन दस्तावेजों को अदालत में रखा जाना चाहिए और वह इस बाबत जल्द ही एक नई अर्जी दाखिल करेंगे। मामले की अगली सुनवाई अब 20 अगस्त को होगी।
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