पणजी:
विकिलीक्स का दवा है कि वर्ष 2008 में गोवा के समुद्री तट भी लश्कर के संदिग्ध आतंकवादी नासिर रियाजुद्दीन के निशाने पर थे, जिसके खिलाफ बेंगलुरु में वर्ष 2008 में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोटों के सिलसिले में कार्रवाई चल रही है।
विकिलीक्स ने यह दावा हाल ही में जारी अमेरिकी राजनयिक संदेश के जरिये किया है। फरवरी 2008 के इस राजनयिक संदेश में डेविड टी हॉपर को उद्धृत किया है, जो उस वक्त चेन्नई में अमेरिकी वाणिज्य दूत थे। हॉपर ने पुलिस अधिकारियों का हवाला देते हुए उन इलाकों के बारे में बताया है, जिसे रियाजुद्दीन ने कर्नाटक में अपनी गिरफ्तारी से पहले हमले के लिए चिह्न्ति किया था।
हॉपर के अनुसार, रियाजुद्दीन ने पूछताछ के दौरान पुलिस से बताया कि उसने प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के सदस्यों के साथ मिलकर देशभर में बम विस्फोट करने के लिए कई स्थानों को चिह्न्ति किया। इनमें से एक गोवा के समुद्री तट भी थे, जहां बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों का अक्सर आना-जाना लगा रहता है।
मुंबई में 26 नवंबर, 2008 को हुए आतंकवादी हमले के बाद गोवा में हाईअलर्ट जारी किया गया था, जहां के समुद्री तट सालाना करीब 26 लाख पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, जिनमें से आधे विदेशी होते हैं। यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों में इस्राइली नागरिकों की बड़ी संख्या के कारण भी सुरक्षा एजेंसियों को लगा कि गोवा आतंकवादियों के निशाने पर हो सकता है।
गोवा की सरकार ने हालांकि संभावित आतंकवादी हमले को लेकर किसी तरह की खुफिया सूचना होने से इनकार किया है।
राजनयिक संदेश के मुताबिक, रियाजुद्दीन के निशाने पर आंध्र प्रदेश का पुलिस मुख्यालय, बेंगलुरु तथा मंगलोर में इंफोसिस का परिसर भी था। संदेश में कर्नाटक के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शंकर बिदारी, कर्नाटक के दावणगेरे जिले के पुलिस अधीक्षक रवेंद्र प्रसाद तथा राज्य की गृह सचिव वत्सला वत्स को उद्धृत किया गया है।
हॉपर ने यह भी कहा कि कर्नाटक की पुलिस ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ खुफिया सूचना साझा की थी।
संदेश में यह भी कहा गया है कि आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में मौलवी रियाजुद्दीन के पिता मोहम्मद नसीरुद्दीन को वर्ष 2004 में गुजरात पुलिस ने राज्य के गृह मंत्री हीरेन पंड्या की हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार किया था।
संदेश के मुताबिक, भारतीय पुलिस को लगता है कि नसीरुद्दीन का संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) से है।
विकिलीक्स ने यह दावा हाल ही में जारी अमेरिकी राजनयिक संदेश के जरिये किया है। फरवरी 2008 के इस राजनयिक संदेश में डेविड टी हॉपर को उद्धृत किया है, जो उस वक्त चेन्नई में अमेरिकी वाणिज्य दूत थे। हॉपर ने पुलिस अधिकारियों का हवाला देते हुए उन इलाकों के बारे में बताया है, जिसे रियाजुद्दीन ने कर्नाटक में अपनी गिरफ्तारी से पहले हमले के लिए चिह्न्ति किया था।
हॉपर के अनुसार, रियाजुद्दीन ने पूछताछ के दौरान पुलिस से बताया कि उसने प्रतिबंधित स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के सदस्यों के साथ मिलकर देशभर में बम विस्फोट करने के लिए कई स्थानों को चिह्न्ति किया। इनमें से एक गोवा के समुद्री तट भी थे, जहां बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटकों का अक्सर आना-जाना लगा रहता है।
मुंबई में 26 नवंबर, 2008 को हुए आतंकवादी हमले के बाद गोवा में हाईअलर्ट जारी किया गया था, जहां के समुद्री तट सालाना करीब 26 लाख पर्यटकों को आकर्षित करते हैं, जिनमें से आधे विदेशी होते हैं। यहां आने वाले विदेशी पर्यटकों में इस्राइली नागरिकों की बड़ी संख्या के कारण भी सुरक्षा एजेंसियों को लगा कि गोवा आतंकवादियों के निशाने पर हो सकता है।
गोवा की सरकार ने हालांकि संभावित आतंकवादी हमले को लेकर किसी तरह की खुफिया सूचना होने से इनकार किया है।
राजनयिक संदेश के मुताबिक, रियाजुद्दीन के निशाने पर आंध्र प्रदेश का पुलिस मुख्यालय, बेंगलुरु तथा मंगलोर में इंफोसिस का परिसर भी था। संदेश में कर्नाटक के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक शंकर बिदारी, कर्नाटक के दावणगेरे जिले के पुलिस अधीक्षक रवेंद्र प्रसाद तथा राज्य की गृह सचिव वत्सला वत्स को उद्धृत किया गया है।
हॉपर ने यह भी कहा कि कर्नाटक की पुलिस ने अमेरिकी अधिकारियों के साथ खुफिया सूचना साझा की थी।
संदेश में यह भी कहा गया है कि आंध्र प्रदेश के हैदराबाद में मौलवी रियाजुद्दीन के पिता मोहम्मद नसीरुद्दीन को वर्ष 2004 में गुजरात पुलिस ने राज्य के गृह मंत्री हीरेन पंड्या की हत्या के षड्यंत्र में शामिल होने के संदेह में गिरफ्तार किया था।
संदेश के मुताबिक, भारतीय पुलिस को लगता है कि नसीरुद्दीन का संबंध पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर सर्विसेज इंटेलीजेंस (आईएसआई) से है।