
तेजस विमान में सवार अमेरिका के वायुसेना प्रमुख
जोधपुर:
आज अमेरिकी वायुसेना प्रमुख जनरल डेविड एल गोल्डफिन जोधपुर एयरबेस पर भारत में बने लड़ाकू विमान तेजस से उड़ान भरी है. ये पहला मौका है जब विदेशी वायुसेना के प्रमुख स्वदेशी तेजस से उड़ान भरी. इससे पहले पिछले साल नवंबर में सिंगापुर के रक्षा मंत्री क्लाइकोंडा एयरबेस पर तेजस मे उड़ान भर चुके हैं. देश में ही हिन्दुतान एरोनॉटिक्स लिमिटेड ने लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट यानि तेजस को बनाया गया है. तेजस को भारतीय वायुसेना में शामिल किया गया है. सबसे बड़ी बात अमरीका के वायुसेना प्रमुख का तेजस पर उड़ान भरना इस विमान के निर्माण में लगे लोगों के लिए मनोबल बढ़ाने वाली बात होगी.
लॉकहीड मार्टिन ने वायुसेना की जरूरतों के हिसाब से भारत में लड़ाकू विमान बनाने का दिया प्रस्ताव
अमेरिकी सेना के बड़े अधिकारियों में से एक जनरल गोल्डफिन गुरुवार को भारत की यात्रा पर आए हैं. भारत पहुंचने के थोड़ी ही देर बाद उन्होंने अपने फेसबुक में लिखा कि दोनों देशों की वायुसेनाओं के बीच पहले से ही अच्छे संबंध हैं. मैं इसको और मजबूत बनाने की कोशिश करूंगा. उन्होंने भारतीय वायुसेना के सी-17 ग्लोबमास्टर ट्रांसपोर्ट विमान के इस्तेमाल किए जाने की भी चर्चा फेसबुक पर की. जनरल गोल्डफिन ने कहा कि भारत दुनिया के दूसरे सबसे बड़े विमान का संचालन करता है इससे उसके इलाके में सैन्य गतिविधियों को जरूरत के मदद मिली है.
वीडियो : दो तरफा हमले के लिए वायुसेना कितना तैयार
आपको बता दें कि सी-17 ग्लोबमास्टर एक भारी-भरकम विमान है. इसमें टैंक और भारी-भरकम सैन्य सामान आसानी से ले जाए सकते हैं. इस विमान की वजह से चीन और पाकिस्तान की सीमा से सटे दुर्गम इलाकों में सेना आसानी से पहुंच सकती है.
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आपको बता दें कि सी-17 ग्लोबमास्टर एक भारी-भरकम विमान है. इसमें टैंक और भारी-भरकम सैन्य सामान आसानी से ले जाए सकते हैं. इस विमान की वजह से चीन और पाकिस्तान की सीमा से सटे दुर्गम इलाकों में सेना आसानी से पहुंच सकती है.
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