
प्रतीकात्मक तस्वीर
नई दिल्ली:
गृह मंत्रालय ने आज कहा कि तटीय सुरक्षा को चाकचौबंद करने के तहत शीघ्र ही इसरो की उपग्रह तस्वीरों के माध्यम से समुद्र में विभिन्न संदिग्ध जहाजों और नौकाओं की निगरानी की जाएगी. भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) तटीय सुरक्षा घेरे के तहत अगले साल मार्च से 1000 ट्रांसपोर्डर प्रदान करेगा. यह 26.11 मुम्बई आतंकवादी हमले जैसे हमले को विफल करने के लिए किया जा रहा है.
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि 20 मीटर तक की नौकाओं के लिए सेटेलाइट निगरानी का प्रस्ताव रखा गया है. भारत ने मुम्बई के 2008 के आतंकवादी हमले के बाद तटीय सुरक्षा कड़ी कर दी है। तब पाकिस्तान से दस आतंकवादी अरब सागर से मुम्बई आ गये थे और उन्होंने 166 लोगों की जान ले ली थी. अबतक 19.74 लाख मछुआरे बायोमैट्रिक पहचान पत्र के लिए पंजीकरण करा चुके हैं जिनमें से 18.60 लाख को पहचानपत्र दिया जा चुका है.
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अधिकारी ने बताया कि नौकाओं की निगरानी के लिए 20 मीटर से अधिक लंबी नौकाओं पर स्वचालित पहचान प्रणाली लगायी जाएगी जबकि गहरे समुद्र और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा पर आसानी से निगरानी के लिए तटीय राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश नौकाओं पर कलर कोडिंग कर रहे हैं.
VIDEO: इसरो एक और बड़ी छलांग के लिए तैयार
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि 20 मीटर तक की नौकाओं के लिए सेटेलाइट निगरानी का प्रस्ताव रखा गया है. भारत ने मुम्बई के 2008 के आतंकवादी हमले के बाद तटीय सुरक्षा कड़ी कर दी है। तब पाकिस्तान से दस आतंकवादी अरब सागर से मुम्बई आ गये थे और उन्होंने 166 लोगों की जान ले ली थी. अबतक 19.74 लाख मछुआरे बायोमैट्रिक पहचान पत्र के लिए पंजीकरण करा चुके हैं जिनमें से 18.60 लाख को पहचानपत्र दिया जा चुका है.
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अधिकारी ने बताया कि नौकाओं की निगरानी के लिए 20 मीटर से अधिक लंबी नौकाओं पर स्वचालित पहचान प्रणाली लगायी जाएगी जबकि गहरे समुद्र और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा पर आसानी से निगरानी के लिए तटीय राज्य एवं केंद्रशासित प्रदेश नौकाओं पर कलर कोडिंग कर रहे हैं.
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(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
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