
प्रतीकात्मक फोटो.
मुंबई:
रिजर्व बैंक ने बैंकों के साथ-साथ लोगों को 500 और 1,000 रुपये के पुराने नोटों को लेकर सोशल मीडिया पर जारी अप्रमाणित दस्तावेज को लेकर आज आगाह किया. एक सार्वजनिक नोटिस में रिजर्व बैंक ने कहा कि लोगों को केंद्रीय बैंक की वेबसाइट द्वारा उपलब्ध सूचना पर भरोसा करना चाहिए.
बड़ी राशि के नोटों पर पाबंदी के मद्देनजर रिजर्व बैंक समय-समय पर बैंकों को निर्देश जारी करता रहा है. यह निर्देश बैंकों को सीधे एक आधिकारिक मेल के जरिए भेजे जा रहे हैं.
नोटिस के अनुसार यह पता चला है कि रिजर्व बैंक द्वारा ‘कथित रूप’ से जारी कुछ दिशानिर्देशों को सोशल मीडिया गड़बड़ी करने वाले तत्व डाल रहे हैं और लोगों तथा बैंककर्मियों में भ्रम पैदा कर रहे हैं.
शीर्ष बैंक ने बैंकों तथा लोगों से इस मामले में सतर्क रहने और केवल रिजर्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड बातों पर भरोसा करने को कहा है.
(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)
बड़ी राशि के नोटों पर पाबंदी के मद्देनजर रिजर्व बैंक समय-समय पर बैंकों को निर्देश जारी करता रहा है. यह निर्देश बैंकों को सीधे एक आधिकारिक मेल के जरिए भेजे जा रहे हैं.
नोटिस के अनुसार यह पता चला है कि रिजर्व बैंक द्वारा ‘कथित रूप’ से जारी कुछ दिशानिर्देशों को सोशल मीडिया गड़बड़ी करने वाले तत्व डाल रहे हैं और लोगों तथा बैंककर्मियों में भ्रम पैदा कर रहे हैं.
शीर्ष बैंक ने बैंकों तथा लोगों से इस मामले में सतर्क रहने और केवल रिजर्व बैंक की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड बातों पर भरोसा करने को कहा है.
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