
प्रतीकात्मक चित्र
नई दिल्ली:
रेलवे ने फिलहाल ज्यादा सामान ले जाने पर यात्रियों से जुर्माना वसूलने की अपनी योजना को टाल दिया है. रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने गुरुवार को कहा कि इस योजना को लागू करने का फैसले के पीछे का मकसद आम यात्रियों को जागरूक करने का था. गौरतलब है कि रेलवे तय मात्रा से ज्यादा सामान ले जाने के अपने तीन दशक पुराने नियम को लागू करने की तैयारी मे था. इसके लिए बकायदा रेलवे ने ज्यादा सामान की जांच के लिए एक जून से छह दिवसीय अभियान भी शुरू किया था.
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इस योजना को लेकर बाद में रेलवे की सोशल मीडिया पर लोगों की तीखी आलोचना भी झेलनी पड़ी थी. सूत्रों के अनुसार इस नियम को लेकर आम यात्रियों की प्रतिक्रिया की वजह से ही रेलवे ने इसे फिलहाल लागू न करने का फैसला किया है. वहीं रेल मंत्रालय के प्रवक्ता राजेश बाजपेयी के मुताबिक अभियान के जरिए लोगों के बीच जागरूकता फैलाना था कि ज्यादा सामान लेकर चलने से दूसरे यात्रियों को असुविधा होती है.
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उन्होंने कहा कि ऐसा देखा किया गया है कि गर्मी में भीड़भाड़ में यात्रियों के ज्यादा सामान लेकर चलने से दूसरे यात्रियों को बहुत असुविधा होती है. इसलिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया. बाजपेयी ने कहा अभियान का मकसद यात्रियों को अधिकतम सामान ले जाने के बारे में नियम से अवगत कराना था. (इनपुट भाषा से)
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उन्होंने कहा कि ऐसा देखा किया गया है कि गर्मी में भीड़भाड़ में यात्रियों के ज्यादा सामान लेकर चलने से दूसरे यात्रियों को बहुत असुविधा होती है. इसलिए विशेष जागरूकता अभियान चलाया गया. बाजपेयी ने कहा अभियान का मकसद यात्रियों को अधिकतम सामान ले जाने के बारे में नियम से अवगत कराना था. (इनपुट भाषा से)
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