
रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर (फाइल फोटो)
नई दिल्ली:
'वन रैंक वन पेंशन' पर बने गतिरोध को तोड़ने का प्रयास नए सिरे से करते हुए पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधि गुरुवार शाम रक्षामंत्री मनोहर पर्रिकर से मिलना चाहते थे, लेकिन यह मुलाकात नहीं हो पाई। वहीं इसके बाद नृपेंद्र मिश्रा से भी उनकी मुलाकात की कोशिशें जाया ही गई।
हालांकि इस बीच खबर हैं कि प्रधानमंत्री के विशेष प्रतिनिधि शुक्रवार को इन पूर्व सैनिकों से मुलाकात करेंगे और इसी के मद्देनजर इन सैनिकों ने फैसला किया है कि वे अभी अपना आंदोलन तेज़ नहीं करेंगे।
इस बीच आंदोलनरत पूर्व सैनिकों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर हो रही बातचीत का जल्द ही कोई नतीजा सामने आएगा। पूर्व सैनिकों के मंच के प्रवक्ता अवकाश प्राप्त कर्नल अनिल कौल ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि नतीजा जल्द ही सामने आएगा।'
सूत्रों ने बताया कि सरकार चाहती है कि पेंशन के लिए 2011 को आधार वर्ष बनाया जाए, जबकि पूर्व सैनिक चाहते हैं कि यह 2014 के स्तर का होना चाहिए। साथ ही वे सालाना तीन फीसदी की बढ़ोतरी भी चाहते हैं, लेकिन सरकार इसके लिए राजी नहीं है।
साथ ही सरकार चाहती है कि भुगतान पहली अप्रैल 2015 से किया जाए। हालांकि पहले यह तारीख पहली अप्रैल 2014 थी। अगर ओआरओपी पर अमल 2014 से होता है तो सरकार को पूर्व सैनिकों को 12,000 करोड़ का एरियर भी देना होगा।
सरकारी हलकों में भी इन तमाम मुद्दों पर लगातार बात हो रही है, साथ ही पूर्व सैनिकों से भी इन पर बात की जा रही है। इस बीच पूर्व सैनिक (अवकाश प्राप्त) कर्नल पुष्पेंद्र सिंह और अवकाश प्राप्त हवलदार अशोक चव्हाण अस्पताल से ही अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं।
भूख हड़ताल पर बैठे अवकाश प्राप्त हवलदार मेजर सिंह की भी हालत बिगड़ चुकी है, लेकिन वह जंतर-मंतर पर ही डटे हुए हैं। उनके लिए वहीं पर मेडिकल इंतजाम किए गए हैं। बुधवार को अवकाश प्राप्त कमांडर ए.के. शर्मा और शहीद लांस नायक सुनील कुमार यादव के पिता सनवाल राम यादव भी भूख हड़ताल पर बैठ गए।
हालांकि इस बीच खबर हैं कि प्रधानमंत्री के विशेष प्रतिनिधि शुक्रवार को इन पूर्व सैनिकों से मुलाकात करेंगे और इसी के मद्देनजर इन सैनिकों ने फैसला किया है कि वे अभी अपना आंदोलन तेज़ नहीं करेंगे।
इस बीच आंदोलनरत पूर्व सैनिकों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर हो रही बातचीत का जल्द ही कोई नतीजा सामने आएगा। पूर्व सैनिकों के मंच के प्रवक्ता अवकाश प्राप्त कर्नल अनिल कौल ने कहा, 'हमें उम्मीद है कि नतीजा जल्द ही सामने आएगा।'
सूत्रों ने बताया कि सरकार चाहती है कि पेंशन के लिए 2011 को आधार वर्ष बनाया जाए, जबकि पूर्व सैनिक चाहते हैं कि यह 2014 के स्तर का होना चाहिए। साथ ही वे सालाना तीन फीसदी की बढ़ोतरी भी चाहते हैं, लेकिन सरकार इसके लिए राजी नहीं है।
साथ ही सरकार चाहती है कि भुगतान पहली अप्रैल 2015 से किया जाए। हालांकि पहले यह तारीख पहली अप्रैल 2014 थी। अगर ओआरओपी पर अमल 2014 से होता है तो सरकार को पूर्व सैनिकों को 12,000 करोड़ का एरियर भी देना होगा।
सरकारी हलकों में भी इन तमाम मुद्दों पर लगातार बात हो रही है, साथ ही पूर्व सैनिकों से भी इन पर बात की जा रही है। इस बीच पूर्व सैनिक (अवकाश प्राप्त) कर्नल पुष्पेंद्र सिंह और अवकाश प्राप्त हवलदार अशोक चव्हाण अस्पताल से ही अपनी भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं।
भूख हड़ताल पर बैठे अवकाश प्राप्त हवलदार मेजर सिंह की भी हालत बिगड़ चुकी है, लेकिन वह जंतर-मंतर पर ही डटे हुए हैं। उनके लिए वहीं पर मेडिकल इंतजाम किए गए हैं। बुधवार को अवकाश प्राप्त कमांडर ए.के. शर्मा और शहीद लांस नायक सुनील कुमार यादव के पिता सनवाल राम यादव भी भूख हड़ताल पर बैठ गए।
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