शिलांग:
कांग्रेस गठबंधन ने मेघालय में एक बार फिर सत्ता हासिल कर ली। कांग्रेस को इस बार 29 सीटों पर जीत मिली जो पूर्ण बहुमत से महज दो सीट कम है। वैसे सत्तारूढ़ गठबंधन की सहयोगी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी को आठ सीटें और हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी को चार सीटें मिली हैं।
पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को 25 सीटें मिली थीं। दिग्गज नेता पीए संगमा के राकांपा छोड़कर नेशनल पीपल्स पार्टी बनाने से इस बार के चुनाव खास हो गए थे। हालांकि संगमा की एनपीपी को केवल दो सीटें ही मिल पाईं।
वहीं, दूसरी ओर राकांपा ने दो सीटों पर जीत दर्ज की। विधानसभा उपाध्यक्ष सनबोर शुलाई शहरी दक्षिण शिलांग पर जीतने में कामयाब रहे।
कांग्रेस की मुख्य सहयोगी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी ने पिछली बार जीतीं 11 सीटों के मुकाबले इस बार आठ सीटों पर ही जीत दर्ज की। पिछले तीन सालों से यूडीपी कांग्रेस मेघालय संयुक्त गठबंधन का हिस्सा बनी हुई है।
अन्य सहयोगी दल हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी) के प्रमुख होपिंगस्टोन लिंगदोह वेस्ट खासी हिल्स जिले में नोंगस्टोइन सीट पर 1972 के चुनाव के बाद से लगातार आठवीं बार जीत दर्ज कर चुके हैं। पार्टी को कुल चार सीटें मिली हैं।
इस विधानसभा चुनाव में 13 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी राज्य विधानसभा तक का रास्ता तय कर लिया। इनमें से कुछ अभी से ही कांग्रेस के खेमे में आ चुके हैं।
राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों कांग्रेस मुखिया डीडी लापांग ने नोंगपोह, पूर्व मुख्यमंत्री एससी मारक ने रेसुबेलपाड़ा और यूडीएफ अध्यक्ष दोनकुपर रॉय ने शेला सीट से जीत दर्ज की। मौजूदा मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने भी अमपाटी सीट पर एनपीपी के जी मोमीन को नौ हजार से भी अधिक मतों से हराया। उनकी पत्नी डीडी शिरा और भाई जेनिथ संगमा ने भी अपनी अपनी सीटों पर जीत दर्ज की।
मेघालय विधानसभा चुनावों में इस बार कांग्रेस की टिकटों पर चुनाव लड़ने वाली चार महिला उम्मीदवारों ने भी आसानी से विधानसभा तक पहुंचना सुनिश्चित कर लिया। यह पहली बार होगा जब राज्य विधानसभा में इतनी महिलाएं मौजूद रहेंगी। मेघालय में निवर्तमान विधानसभा की इकलौती महिला विधायक अमपरीन लिंगदोह पूर्वी शिलांग सीट-16 से फिर जीत गई हैं। उन्होंने यहां पूर्व मुख्यमंत्री बीएम लिंगदोह को चार हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया।
कैबिनेट मंत्री एचडीआर लिंगदोह और प्रिस्टोन तिनसोंग क्रमश: सोहिओंग और पिनुरसला सीटों पर फिर से वापसी करने में कामयाब रहे हैं। साथ ही आरसी लालू और एएल हेक ने भी अपनी अपनी सीट पर जीत दर्ज की।
निवर्तमान विधानसभा अध्यक्ष चार्ल्स पिंगरोप भी अपनी सीट बचाने में कामयाब नहीं रह पाए। वह नोंगथिम्माई सीट पर यूडीपी के जेमिमो माथो से पराजित हो गए। वहीं उनके बेटे डेविड नोंगरम जिन्हें कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया था, ने मॉरिंगनेंग से जीत दर्ज की।
मुख्य चुनाव अधिकारी पी नायक ने बताया कि वह चुनावी प्रक्रिया के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने से संतुष्ट हैं।
पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को 25 सीटें मिली थीं। दिग्गज नेता पीए संगमा के राकांपा छोड़कर नेशनल पीपल्स पार्टी बनाने से इस बार के चुनाव खास हो गए थे। हालांकि संगमा की एनपीपी को केवल दो सीटें ही मिल पाईं।
वहीं, दूसरी ओर राकांपा ने दो सीटों पर जीत दर्ज की। विधानसभा उपाध्यक्ष सनबोर शुलाई शहरी दक्षिण शिलांग पर जीतने में कामयाब रहे।
कांग्रेस की मुख्य सहयोगी यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी ने पिछली बार जीतीं 11 सीटों के मुकाबले इस बार आठ सीटों पर ही जीत दर्ज की। पिछले तीन सालों से यूडीपी कांग्रेस मेघालय संयुक्त गठबंधन का हिस्सा बनी हुई है।
अन्य सहयोगी दल हिल स्टेट पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी) के प्रमुख होपिंगस्टोन लिंगदोह वेस्ट खासी हिल्स जिले में नोंगस्टोइन सीट पर 1972 के चुनाव के बाद से लगातार आठवीं बार जीत दर्ज कर चुके हैं। पार्टी को कुल चार सीटें मिली हैं।
इस विधानसभा चुनाव में 13 निर्दलीय उम्मीदवारों ने भी राज्य विधानसभा तक का रास्ता तय कर लिया। इनमें से कुछ अभी से ही कांग्रेस के खेमे में आ चुके हैं।
राज्य के तीन पूर्व मुख्यमंत्रियों कांग्रेस मुखिया डीडी लापांग ने नोंगपोह, पूर्व मुख्यमंत्री एससी मारक ने रेसुबेलपाड़ा और यूडीएफ अध्यक्ष दोनकुपर रॉय ने शेला सीट से जीत दर्ज की। मौजूदा मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने भी अमपाटी सीट पर एनपीपी के जी मोमीन को नौ हजार से भी अधिक मतों से हराया। उनकी पत्नी डीडी शिरा और भाई जेनिथ संगमा ने भी अपनी अपनी सीटों पर जीत दर्ज की।
मेघालय विधानसभा चुनावों में इस बार कांग्रेस की टिकटों पर चुनाव लड़ने वाली चार महिला उम्मीदवारों ने भी आसानी से विधानसभा तक पहुंचना सुनिश्चित कर लिया। यह पहली बार होगा जब राज्य विधानसभा में इतनी महिलाएं मौजूद रहेंगी। मेघालय में निवर्तमान विधानसभा की इकलौती महिला विधायक अमपरीन लिंगदोह पूर्वी शिलांग सीट-16 से फिर जीत गई हैं। उन्होंने यहां पूर्व मुख्यमंत्री बीएम लिंगदोह को चार हजार से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया।
कैबिनेट मंत्री एचडीआर लिंगदोह और प्रिस्टोन तिनसोंग क्रमश: सोहिओंग और पिनुरसला सीटों पर फिर से वापसी करने में कामयाब रहे हैं। साथ ही आरसी लालू और एएल हेक ने भी अपनी अपनी सीट पर जीत दर्ज की।
निवर्तमान विधानसभा अध्यक्ष चार्ल्स पिंगरोप भी अपनी सीट बचाने में कामयाब नहीं रह पाए। वह नोंगथिम्माई सीट पर यूडीपी के जेमिमो माथो से पराजित हो गए। वहीं उनके बेटे डेविड नोंगरम जिन्हें कांग्रेस ने टिकट नहीं दिया था, ने मॉरिंगनेंग से जीत दर्ज की।
मुख्य चुनाव अधिकारी पी नायक ने बताया कि वह चुनावी प्रक्रिया के शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न होने से संतुष्ट हैं।
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