
हरियाणा में बीजेपी की पहली सरकार ने अपने 100 दिन पूरे कर लिए हैं। आज मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने अपनी उपलब्धियां गिनाने के लिए प्रेस कॉन्फ्रेंस की। मीडिया को बताया कि प्रदेश के विकास के लिए रोडमैप तैयार किया गया है और कई नई पहल की गई हैं।
उन्होंने बताया की जनता की शिकायतों को दूर करने के लिए सीएम विंडो की शुरुआत की है और स्कीम को अच्छी शुरुआत मिली है। पिछली सरकार के भर्ती घोटालों से सबक लेते हुए बीजेपी सरकार ने पुलिस भर्ती में लिखित परीक्षा को ज्यादा अंक और इंटरव्यू को न्यूनतम अंक देने की व्यवस्था लागू की है।
मुख्यमंत्री ने राज्य को स्पोर्ट्स हब बनाने के लिए नई खेल नीति और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले खिलाड़ियों की इनाम राशि बढ़ने का भी ज़िक्र किया। कर्मचारियों की सेवानिवृति उम्र 60 से 58 करने पर नाराज़गी झेल रही राज्य सरकार ने पदोन्निति में एससी कोटा लागू करने के फैसले पर हाल ही में मुहर लगाई है। मुख्यमंत्री ने इसे अपनी बड़ी उपलब्धि बताया, लेकिन सरकार के कामकाज पर नज़र डालें तो कई चर्चित मुद्दों पर उसकी किरकिरी भी हुई। शुरुआत हिसार में रामपाल आश्रम पर कार्रवाई से हुई। मीडियाकर्मियों की पुलिस पिटाई ने सरकार को परेशान रखा। आरोप लगे कि सरकार ने मामले की गंभीरता को समझने में देर की। सरकार पर प्रदेश का भगवाकरण करने के आरोप भी लगे। शिक्षा मंत्री ने आरएसएस विचारधारा से जुड़े दीनानाथ बत्रा की अगुवाई में नई शिक्षा नीति बनाने का ऐलान किया था, हालांकि अभी तक मामला ठंडे बस्ते में ही है। खुद मुख्यमंत्री ने भी स्कूलों में गीता पढ़ाने की व्यवस्था नए सत्र से लागू करने की बात कही है। योग गुरु रामदेव को प्रदेश का ब्रांड एम्बेसडर बनाने और योग को पाठ्यक्रम में शामिल करने का ऐलान सरकार कर चुकी है। यूरिया को लेकर भी सरकार को परेशानी झेलनी पड़ी। कई ज़िलों में किसानों को लाठिया खानी पड़ी और धरने पर बैठना पड़ा। बाद में सरकार को पुलिस थानों में किसानों की पर्ची कटवानी पड़ी।
अपने चुनावी घोषणा पत्र में बीजेपी ने बेरोज़गारी भत्ता देने का वादा किया था, खट्टर सरकार अभी तक इस पर खामोश है। स्कूल-कॉलेज जाने वाली लड़कियों के लिए सिक्योरिटी गार्ड वाली बसें चलाने का वादा भी परवान नहीं चढ़ सका है, हालांकि सतलुज-यमुना लिंक नहर में पानी लाने के लिए सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा जरूर खटखटाया है।
मीडिया से दूरी बनाए रखने की पॉलिसी के चलते मुख्यमंत्री खट्टर से ज्यादा उनकी कैबिनेट के सहयोगी, लेकिन सियासी प्रतिद्वंदी राम बिलास शर्मा, अनिल विज और कैप्टन अभिमन्यु खबरों में ज्यादा रहे, हालांकि मुख्यमंत्री के करीबी अब ये दूरी कम करने की कोशिश में जुट गए हैं। बहरहाल, सरकार की अभी तक की सबसे बड़ी उपलब्धि तो यही रही है की पिछले 100 दिनों में उस पर भ्रष्टाचार का कोई आरोप नहीं लगा है।
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