
प्रतीकात्मक फोटो
नई दिल्ली:
भारत ने अरबों डॉलर की 110 लडाकू विमानों की खरीद प्रक्रिया शुरू करने के कुछ दिनों बाद ही रक्षा क्षेत्र की बडी कंपनियों को आश्वस्त किया कि इस प्रकिया का अंजाम पूर्व में विफल हो चुकी 126 विमानों की खरीद प्रक्रिया जैसा नहीं होगा. रक्षा सचिव संजय मित्रा ने कहा कि भारतीय वायु सेना के लिए 110 लडाकू विमान के बेडे को खरीदने की नयी प्रक्रिया में सरकार की निष्ठा पर किसी को शक नहीं होना चाहिए. यह विश्वभर में हाल के वर्षों में हुई सबसे बडी खरीद हो सकती है. उन्होंने कहा कि इस प्रकार का कोई शक नहीं होना चाहिए. यह दोहराया नहीं जाएगा. रक्षा सचिव से कुछ खास वर्ग ने इस बात पर शक जताया था कि क्या सरकार इस खरीद प्रक्रिया को पूरा कर पाएगी या नहीं.
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भारत ने पिछले सप्ताह एक आरएफआई ( सूचना का अनुरोध ) व सौदे के लिए प्रारंभिक टेडर जारी कर 110 लडाकू विमान की खरीद प्रक्रिया की शुरुआत कर दी है. गौरतलब है कि करीब पांच साल पहले सरकार ने वायु सेना के लिए 126 मीडियम मल्टी रोल कॉम्बैट एयरक्राफ्ट ( एमएमआरसीए ) की खरीद प्रक्रिया रद्द कर दी थी. उसके बाद यह पहली सबसे बडी खरीद प्रक्रिया होगी. सैन्य विमान बनाने वाली बडी कंपनियां लॉकहीड मार्टिन, बोइंग (अमेरिका), साब (स्वीडेन) जैसी बडी कंपनियां इस सौदे में इक्छुक हो सकती हैं. एक अधिकारी ने बताया कि यह सौदा 15 अरब डॉलर की हो सकता है. वहीं मित्रा ने कहा कि यह खरीद सरकार की सामरिक साझेदारी मॉडल के अनुरूप होगी. (इनपुट भाषा से)
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