
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विमान में अचानक खराबी आ गई थी.
नई दिल्ली:
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के विमान में आई गड़बड़ी के बाद उनकी सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बीच केंद्र सरकार ने कांग्रेस को नसीहत दे डाली है. वैसे तो राहुल गांधी की सुरक्षा का ज़िम्मा एसपीजी का है लेकिन कैबिनेट सचिवालय का मानना है कि कुछ ज़िम्मेदारी कांग्रेस की भी बनती है. खासकर तब, जब वो अपने अध्यक्ष के लिए विमान चुन रही हो.एनडीटीवी इंडिया को मिली जानकारी के मुताबिक़ राहुल की सुरक्षा की समीक्षा करते हुए कैबिनेट सचिवालय ने कई मुद्दों पर चर्चा की है.
बीएओए ने राहुल गांधी के विमान मामले में पुलिस कार्रवाई की निंदा की
किन बातों पर हुई चर्चा
जिस विमान में राहुल सफर कर रहे थे उसका चुनाव कांग्रेस ने किया था.
कांग्रेस को देखना चाहिए कि वो कंपनी भरोसे लायक है या नहीं.
ख़ासकर इसलिए भी कि पार्टी अपने कई बड़े नेताओं को हवाई दुर्घटनाओं में खो चुकी है.
VIDEO : राहुल की सुरक्षा में बड़ी चूक? भीड़ से फेंकी गई माला सीधे गले में पड़ी
एसपीजी ने भी लिखी चिट्ठी
वैसे एसपीजी ने भी एक चिट्ठी नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को लिख कर कई सवाल पूछे हैं.
जहाज में ख़राबी तकनीकी या फिर किसी और वजह से हुई थी.
फॉल्कन-2000 एयरक्राफ्ट वीटी-एवीएच को सर्टिफिकेट कब दिया गया है.
पायलट का अनुभव कितने घंटे विमान उड़ाने का था. तकनीकी क्लीयरेंस कब दिया गया था.
जब इंजीनियरों ने ऑटो पायलट मोड चेक किया तो उनका नतीजा क्या था?
राहुल की विमान घटना में कुछ गलत पाए जाने पर सरकार उपयुक्त कार्रवाई करेगी : सुरेश प्रभु
डीजीसीए की शुरुआत जांच रिपोर्ट
आपको बता दें कि डीजीसीए अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट एसपीजी को भेज चुका है उसके मुताबिक़ ऑटो पायलेट में गड़बड़ी आई थी. ऑपरेटर के अनुसार पायलेट ने विमान को मैनुअल मोड में डालकर सुरक्षित लैंडिंग करा ली थी.
वीडियो : प्लेन में तकनीकी खराबी या साजिश?
क्या हुआ था उस दिन
बीते 24 अप्रैल को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के चार्टर्ड प्लेन में एक साथ कई तकनीकी गड़बड़ियां सामने आ गईं. घटना उस समय हुई जब राहुल गांधी अपने कुछ सहयोगियों के साथ दिल्ली से कर्नाटक के रास्ते में थे. हालांकि बाद में समय रहते उनके प्लेन को हुबली में सुरक्षित उतार लिया गया है. इस घटना के पीछे कांग्रेस पार्टी को किसी की साजिश का शक है. यही वजह है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है.
बीएओए ने राहुल गांधी के विमान मामले में पुलिस कार्रवाई की निंदा की
किन बातों पर हुई चर्चा
जिस विमान में राहुल सफर कर रहे थे उसका चुनाव कांग्रेस ने किया था.
कांग्रेस को देखना चाहिए कि वो कंपनी भरोसे लायक है या नहीं.
ख़ासकर इसलिए भी कि पार्टी अपने कई बड़े नेताओं को हवाई दुर्घटनाओं में खो चुकी है.
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एसपीजी ने भी लिखी चिट्ठी
वैसे एसपीजी ने भी एक चिट्ठी नागरिक विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) को लिख कर कई सवाल पूछे हैं.
जहाज में ख़राबी तकनीकी या फिर किसी और वजह से हुई थी.
फॉल्कन-2000 एयरक्राफ्ट वीटी-एवीएच को सर्टिफिकेट कब दिया गया है.
पायलट का अनुभव कितने घंटे विमान उड़ाने का था. तकनीकी क्लीयरेंस कब दिया गया था.
जब इंजीनियरों ने ऑटो पायलट मोड चेक किया तो उनका नतीजा क्या था?
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डीजीसीए की शुरुआत जांच रिपोर्ट
आपको बता दें कि डीजीसीए अपनी शुरुआती जांच रिपोर्ट एसपीजी को भेज चुका है उसके मुताबिक़ ऑटो पायलेट में गड़बड़ी आई थी. ऑपरेटर के अनुसार पायलेट ने विमान को मैनुअल मोड में डालकर सुरक्षित लैंडिंग करा ली थी.
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क्या हुआ था उस दिन
बीते 24 अप्रैल को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के चार्टर्ड प्लेन में एक साथ कई तकनीकी गड़बड़ियां सामने आ गईं. घटना उस समय हुई जब राहुल गांधी अपने कुछ सहयोगियों के साथ दिल्ली से कर्नाटक के रास्ते में थे. हालांकि बाद में समय रहते उनके प्लेन को हुबली में सुरक्षित उतार लिया गया है. इस घटना के पीछे कांग्रेस पार्टी को किसी की साजिश का शक है. यही वजह है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराने की मांग की है.
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