
महाराष्ट्र में भी किसानों के कर्ज माफी की तैयारी
मुंबई:
यूपी में किसानों की कर्जमाफी के फैसले के बाद अब महाराष्ट्र में भी किसानों के कर्ज माफी की तैयारी की जा रही है. देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट किया है कि उन्होंने वित्त सचिव को उत्तर प्रदेश के किसान कर्ज़माफ़ी पैकेज का अध्ययन करने को कहा है. वित्त सचिव यूपी के पैकेज का अध्ययन कर बताएंगे कि महाराष्ट्र के लिए यह कितना फिजिबल है. यही नहीं देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि पहले दिन से जबसे हमारी सरकार बनी हम किसानों की मदद में लगे हैं.
वहीं एनसीपी मुखिया और पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने किसानों को आक्रामक होने को कहा. कर्ज़माफ़ी की प्रमुख मांग लेकर राज्य में चली संघर्ष यात्रा पनवेल में मंगलवार को खत्म हुई. उस समय सभा को संबोधित करते हुए शरद पवार ने कहा कि किसानों को सरकार का जीना हराम कर देना चाहिए. इस मौके पर शरद पवार के भतीजे और एनसीपी विधायक अजीत पवार ने राज्य सरकार को किसान कर्जमाफी के मुद्दे पर 3 दिन का अल्टीमेटम दिया.
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में प्रदेश के दो करोड़ से अधिक लघु और सीमांत किसानों को फायदा देते हुए उनका एक लाख रुपये तक का कर्जा माफ करने का अहम फैसला लिया. सरकार ने किसानों का कुल मिलाकर 36,359 करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने का निर्णय लिया. सरकार ने किसानों द्वारा किसी भी बैंक से लिया गया फसली कर्ज माफ किया है. इसके लिए सभी किसानों के खातों में फौरन भुगतान किया जाएगा. इस फैसले से प्रदेश के राजकोष पर 36,359 करोड़ रुपये का बोझ आएगा.
महाराष्ट्र में भी काफ़ी समय से क़र्ज़ माफ़ी की मांग उठती रही है जो अब ज़ोर पकड़ने लगी है. सरकार की सहयोगी शिवसेना के साथ साथ एनसीपी ने भी फडणवीस सरकार से योगी सरकार के कदमों पर चलने की मांग की है.शिवसेना ने इस मुद्दे पर कहा है कि महाराष्ट्र में कर्ज माफी की मांग पर यूपी के मुख्यमंत्री ने दिखाया कि कर्ज माफ़ करना महज 'चुनावी जुमला नहीं है. मैं देवेन्द्र फडणवीस से अपील करता हूं कि आदित्यनाथ के कदमों पर चलें. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री भी कर्ज माफी का ऐलान करें.I've already instructed Finance Secretary to study UP farm loan waiver model.
— Devendra Fadnavis (@Dev_Fadnavis) April 5, 2017
We're working hard to help our farmers since Day1 of our Govt. pic.twitter.com/wRXrTBg9xO
वहीं एनसीपी मुखिया और पूर्व केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने किसानों को आक्रामक होने को कहा. कर्ज़माफ़ी की प्रमुख मांग लेकर राज्य में चली संघर्ष यात्रा पनवेल में मंगलवार को खत्म हुई. उस समय सभा को संबोधित करते हुए शरद पवार ने कहा कि किसानों को सरकार का जीना हराम कर देना चाहिए. इस मौके पर शरद पवार के भतीजे और एनसीपी विधायक अजीत पवार ने राज्य सरकार को किसान कर्जमाफी के मुद्दे पर 3 दिन का अल्टीमेटम दिया.
उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल की पहली बैठक में प्रदेश के दो करोड़ से अधिक लघु और सीमांत किसानों को फायदा देते हुए उनका एक लाख रुपये तक का कर्जा माफ करने का अहम फैसला लिया. सरकार ने किसानों का कुल मिलाकर 36,359 करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने का निर्णय लिया. सरकार ने किसानों द्वारा किसी भी बैंक से लिया गया फसली कर्ज माफ किया है. इसके लिए सभी किसानों के खातों में फौरन भुगतान किया जाएगा. इस फैसले से प्रदेश के राजकोष पर 36,359 करोड़ रुपये का बोझ आएगा.
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