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This Article is From Jan 10, 2019

आखिर किस वजह से आलोक वर्मा की CBI से हुई छुट्टी, जानें पूरा मामला...

केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की जांच रिपोर्ट में भ्रष्टाचार और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के आरोपों के कारण आलोक वर्मा (Alok Verma) को सीबीआई (CBI) प्रमुख के पद से हटना पड़ा.

आखिर किस वजह से आलोक वर्मा की CBI से हुई छुट्टी, जानें पूरा मामला...
CVC रिपोर्ट बनी आलोक वर्मा (Alok Verma) के CBI से बाहर होने की वजह.
  • CVC रिपोर्ट बनी आलोक वर्मा के बाहर होने की वजह
  • पीएम मोदी के नेतृत्व में सेलेक्शन कमेटी में हुआ फैसला
  • वर्मा को फायर सर्विसेज, होमगार्ड का डीजी बनाया गया
नई दिल्ली:

CBI चीफ आलोक वर्मा (Alok Verma) को उनके पद से हटा दिया गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Modi) के नेतृत्व में सेलेक्शन कमेटी (Select Panel Meeting) की हुई बैठक में यह फैसला लिया गया. सेलेक्शन पैनल की बैठक (Select Panel Meeting) के बाद आलोक वर्मा (Alok Verma Removed) का तबादला कर दिया गया. इसके बाद उन्हें फायर सर्विसेज (DG Fire Services), सिविल डिफेंस और होम गार्ड का महानिदेशक (DG) बना दिया गया. वहीं, अतिरिक्त निदेशक एम नागेश्वर राव को नए निदेशक की नियुक्ति तक सीबीआई प्रमुख का पद सौंपा गया. बता दें कि केंद्रीय सतर्कता आयोग (CVC) की जांच रिपोर्ट में भ्रष्टाचार और कर्तव्य निर्वहन में लापरवाही के आरोपों के कारण आलोक वर्मा को सीबीआई प्रमुख के पद से हटना पड़ा.

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सीवीसी की जांच रिपोर्ट में खुफिया एजेंसी 'रॉ' द्वारा की गई 'टेलीफोन निगरानी' का हवाला दिया गया. अधिकारियों के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नीत उच्चशक्ति प्राप्त समिति ने सीवीसी रिपोर्ट पर विचार किया. इस रिपोर्ट में वर्मा पर आठ आरोप लगाए गए. वर्मा को सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को बहाल किया था. अधिकारियों ने कहा कि आलोक वर्मा को हटाने का समिति का फैसला 2:1 के बहुमत से किया गया. कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसका विरोध किया, जबकि न्यायमूर्ति ए के सीकरी सरकार के साथ खड़े हुए.

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सीवीसी रिपोर्ट में विवादित मांस कारोबारी मोइन कुरैशी के मामले का जिक्र किया गया और दावा किया गया कि इस मामले पर गौर कर रही सीबीआई टीम हैदराबाद के कारोबारी सतीश बाबू सना को इस मामले में आरोपी बनाना चाहती थी, लेकिन वर्मा ने मंजूरी नहीं दी. इस मामले में जांच विशेष निदेशक राकेश अस्थाना के नेतृत्व में की गई. अस्थाना और वर्मा को 23 अक्टूबर को छुट्टी पर भेजा गया था. अधिकारियों ने कहा कि सीवीसी रिपोर्ट में बाहरी खुफिया एजेंसी 'रॉ' द्वारा फोन पर पकड़ी गई बातचीत का भी जिक्र है.

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खास बात यह है कि सना, अस्थाना के खिलाफ दर्ज मामले में शिकायतकर्ता है. उसने इस मामले में अपने बिचौलियों को दी गई रिश्वत के बारे में जानकारी दी थी. उसने 'रॉ' के दूसरे शीर्ष अधिकारी सामंत गोयल के नाम पर भी जिक्र किया जो बिचौलिये मनोज प्रसाद को बचाने में कथित रूप से शामिल थे. एक अन्य मामला सीबीआई द्वारा गुड़गांव में भूमि अधिग्रहण के बारे में दर्ज शुरुआती जांच से संबंधित है.

सीवीसी ने आरोप लगाया कि इस मामले में आलोक वर्मा का नाम सामने आया था. सीवीसी ने इस मामले में विस्तृत जांच की सिफारिश की थी. सीवीसी ने यह भी आरोप लगाया था कि वर्मा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू प्रसाद से जुड़े आईआरसीटीसी मामले के एक अधिकारी को बचाने का प्रयास भी किया था. आयेाग ने यह भी आरोप लगाया कि वर्मा सीबीआई में दागी अधिकारियों को लाने की कोशिश कर रहे हैं. 

VIDEO: सीबीआई के निदेशक आलोक वर्मा को हटाया गया​

(इनपुट: भाषा)

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