
संसद में तेलंगाना और खाद्य महंगाई सहित अन्य मसलों पर हुए भारी हंगामे के कारण दोनों सदनों कार्यवाही बुधवार को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दी गई।
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार और राज्यसभा के उपसभापति पीजे कुरियन ने शोरशराबे के बीच सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी। सबसे पहले कार्यवाही लोकसभा में स्थगित की गई।
सीमांध्र के सांसदों द्वारा तेलंगाना गठन के विरोध में नारेबाजी शुरू करने पर लोकसभा की कार्यवाही पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित की गई।
सांसदों ने महंगाई और मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों के राहत शिविरों में बच्चों की मौत का मामला भी उठाया।
हंगामे के बीच अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी। लोकसभा की कार्यवाही दोबारा शुरू होने पर सदस्यों ने 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले पर आई संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट, खाद्य महंगाई और श्रीलंकाई नौसेना द्वारा तमिल मछुआरों पर हमले जैसे मुद्दों पर हंगामा किया।
मीरा कुमार ने सदन में कहा कि कई सांसदों की ओर से उन्हें सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का नोटिस मिला है। शोरशराबे के जारी रहने पर उन्होंने कहा, "वह सदन को पूरे दिन के लिए स्थगित करने पर मजबूर हैं।"
यही दृश्य राज्यसभा में भी देखा गया, जहां सभापति हामिद अंसारी ने पहले कार्यवाही दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित की।
राज्यसभा की बैठक दोबारा शुरू होते ही बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के सांसदों ने अन्य पिछड़ी जातियों की श्रेणी में 17 अन्य जातियों को शामिल करने की मांग उठाई। बसपा को समाजवादी पार्टी (सपा) का समर्थन मिला।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एम.वेंकैया नायडू ने इस बीच 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले पर संयुक्त संसदीय समिति की रिपोर्ट पर चर्चा कराने की मांग की।
उपसभापति पीजे कुरियन द्वारा की गई शांति की अपील अनसुनी कर दी गई और इसे देखते हुए सदन की कार्यवाही अपराह्न दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
राज्यसभा में कार्यवाही फिर शुरू होने पर सपा और बसपा के सांसद अपनी मांग पर अड़े रहे।
द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) सांसद भी अध्यक्ष की आसंदी के नजदीक पहुंच गए और श्रीलंकाई नौसेना द्वारा गिरफ्तार किए गए तमिलनाडु के मछुआरों की रिहाई की मांग करने लगे।
सदन में गतिरोध को देखते हुए कुरियन ने सदन को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया।
संसद के शीतकालीन सत्र के 12 कार्य दिवसों में से बुधवार पांचवां दिन है। इस दौरान अब तक किसी प्रमुख विषय पर चर्चा नहीं हो पाई है।
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