विज्ञापन

लाल पड़ता घाव, बढ़ता दर्द और पस... ऑपरेशन के बाद इन संकेतों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज

सर्जरी के बाद दिखने वाले कुछ संकेतों को हमें इग्नोर करने से बचना चाहिए, ताकि स्थिति गंभीर न हो सके. यहां जानते हैं इस बारे में-

लाल पड़ता घाव, बढ़ता दर्द और पस... ऑपरेशन के बाद इन संकेतों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज
Surgery Recovery: सर्जरी के बाद घाव पस जैसे लक्षणों को न करें इग्नोर

सर्जरी के बाद पूरी तरह से रिकवर होने में कुछ समय लगता है, इस बात से आप काफी अच्छी तरह से वाकिफ होंगे. इस दौरान घाव के आसपास हल्की लालिमा, सूजन और दर्द होना सामान्य माना जाता है. लेकिन अगर रिकवरी के दिनों में दर्द बढ़ने लगे, लालिमा फैलने लगे या घाव से पस निकलने लगे, तो ये शरीर की ओर से मिलने वाला ऐसा संकेत हो सकता है, जिसे इग्जनोर करना आपकी गलती हो सकती है.

गुरुग्राम स्थित सीके बिड़ला हॉस्पिटल के डायरेक्टर, जनरल एवं मिनिमली इनवेसिव सर्जरी डॉ. मृगांका एस. शर्मा का कहना है कि सर्जरी के बाद घाव की स्थिति धीरे-धीरे बेहतर होनी चाहिए. अगर इसके उलट लक्षण बढ़ते जा रहे हैं, तो ये संक्रमण या किसी अन्य जटिलता का संकेत हो सकता है. समय रहते पहचान और इलाज करने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है.

सर्जरी के बाद क्यों हो सकता है संक्रमण?

ऑपरेशन के दौरान त्वचा पर चीरा लगाया जाता है. इससे शरीर की नैचुरल सुरक्षा परत कुछ समय के लिए कमजोर हो जाती है. ऐसे में बैक्टीरिया घाव के जरिए शरीर में प्रवेश कर संक्ण पैदा कर सकते हैं. यह संक्रमण केवल त्वचा तक सीमित रह सकता है, लेकिन कुछ मामलों में अंदरूनी ऊतकों तक भी फैल सकता है. डॉ. मृगांका एस. शर्मा का कहना है कि इस स्थति में डायबिटीज, कमजोर इम्यूनिटी, धूम्रपान, मोटापा, खराब पोषण और ब्लड सर्कुलेशन से जुड़ी समस्याएं इंफेक्शन का खतरा बढ़ा सकती हैं. 

सर्जर के बाद किन संकेतों को इग्नोर नहीं करना चाहिए?

  1. शुरुआती दिनों में हल्की लालिमा सामान्य हो सकती है, लेकिन अगर लाल रंग आसपास की स्किन में फैलने लगे, सूजन बढ़ जाए या त्वचा गर्म महसूस होने लगे तो यह संक्रमण का संकेत हो सकता है.
  2. ऑपरेशन के बाद दर्द धीरे-धीरे कम होना चाहिए. अगर दर्द कम होने के बजाय बढ़ने लगे, फिर से लौट आए या दर्दनाशक दवा लेने के बाद भी राहत न मिले, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है.
  3. घाव से साफ तरल निकलना कभी-कभी सामान्य हो सकता है, लेकिन पीले, हरे या गाढ़े रंग की पस निकलना संक्रमण का संकेत माना जाता है. यदि इसके साथ बदबू भी आ रही हो तो स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए.
  4. अगर घाव की समस्या के साथ बुखार, ठंड लगना, कमजोरी या भूख कम लगना जैसी शिकायतें भी हों, तो संक्रमण शरीर में फैल रहा हो सकता है. गंभीर मामलों में यह सेप्सिस जैसी जानलेवा स्थिति का कारण बन सकता है.
  5. सर्जरी के बाद घाव धीरे-धीरे भरना चाहिए. यदि टांकों के किनारे अलग होने लगें, घाव खुल जाए या लगातार तरल निकलता रहे, तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए.

घाव की देखभाल में न करें ये गलतियां

सर्जरी के बाद डॉक्टर द्वारा दी गई हिदायतों का पालन करना बेहद जरूरी है. घाव को साफ रखें, ड्रेसिंग समय पर बदलें और ड्रेसिंग से पहले हाथों को अच्छी तरह धोएं. बिना डॉक्टर की सलाह के कोई घरेलू नुस्खा, तेल, पाउडर या एंटीसेप्टिक लगाने से बचें. डायबिटीज के मरीजों को अपने ब्लड शुगर को नियंत्रण में रखना चाहिए ताकि घाव तेजी से भर सके.

डॉक्टर का कहना है कि लालिमा, बढ़ता दर्द, पस या बुखार जैसे लक्षणों को सामान्य रिकवरी समझकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. समय पर डॉक्टर से संपर्क करने पर संक्रमण को बढ़ने से रोका जा सकता है और मरीज की रिकवरी सुरक्षित एवं बेहतर हो सकती है.

ये भी पढ़ें - किडनी में बार-बार पथरी क्यों बनती है, एक इंसान कितनी बार सर्जरी करा सकता है, ब‍िना ऑपरेशन इलाज हो सकता है?

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
Surgery, Surgery Addict, Surgery Case Reports, Health News, Health News Hindi
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com