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अगर सिर्फ एक नाश्ता चुनना हो, तो पोहा, उपमा और दलिया में एक्सपर्ट किसे देंगे पहला नंबर?

पोहा, उपमा और दलिया भारतीय घरों के सबसे लोकप्रिय नाश्तों में गिने जाते हैं. लेकिन फाइबर, तृप्ति, वजन नियंत्रण और पोषण के मामले में इनके फायदे अलग-अलग हैं. जानिए न्यूट्रिशनिस्ट के मुताबिक रोजाना नाश्ते के लिए कौन सा विकल्प सबसे बेहतर माना जा सकता है.

अगर सिर्फ एक नाश्ता चुनना हो, तो पोहा, उपमा और दलिया में एक्सपर्ट किसे देंगे पहला नंबर?
पोहा, उपमा या दलिया: सुबह के नाश्ते में किसका चुनाव है सबसे सेहतमंद? जानिए न्यूट्रिशनिस्ट की राय

सुबह की भागदौड़ में रसोई में घुसते ही सबसे बड़ा सिरदर्द यही होता है कि आज नाश्ते में क्या तैयार करें. ज्यादातर घरों में पोहा, उपमा या दलिया ही फटाफट बनने वाले सबसे पसंदीदा विकल्प रहते हैं. स्वाद में तो ये तीनों बढ़िया हैं ही, बनाने में भी ज्यादा तामझाम नहीं करना पड़ता. लेकिन जब बात पेट भरने के साथ-साथ वजन संभालने, दिनभर चुस्त रहने और असली पोषण पाने की हो, तो तीनों का असर एक जैसा नहीं होता. आइए सीधे समझते हैं कि सुबह की प्लेट में सेहत के लिहाज से किसका पलड़ा भारी है.

रोज नाश्ते में पोहा, उपमा या दलिया? जानिए तीनों में कौन पड़ता है सबसे भारी

दलिया: फाइबर और टिकाऊ एनर्जी का सबसे पक्का जरिया

साबुत गेहूं को दरदरा तोड़कर तैयार होने वाला दलिया सादा दिखता जरूर है, पर पोषण में सबका उस्ताद है. इसमें घुलनशील और अघुलनशील दोनों तरह का फाइबर भरपूर होता है, जो आंतों को साफ रखने और पेट को खुलकर हल्का करने में मदद करता है. इसका जीआई यानी ग्लाइसेमिक इंडेक्स काफी नीचे रहता है, जिससे खाने के फौरन बाद खून में शुगर अचानक से नहीं भागती और पेट घंटों तक भरा महसूस होता है.

Deepti Khatuja, Head Clinical Nutritionist, FMRI Gurugram, का कहना है, "अगर आप ऐसा नाश्ता तलाश रहे हैं जो दोपहर तक कमजोरी न आने दे और शरीर को लगातार ताकत दे, तो दलिया तीनों में सबसे बेहतरीन है. यह एक कॉम्प्लेक्स कार्ब है जो पेट में बेहद धीमी रफ्तार से पचता है. इसका सीधा फायदा यह है कि आपको बेवजह भूख की तलब नहीं लगती. खासकर शुगर के मरीजों, वजन घटाने वालों और दिल का ख्याल रखने वालों के लिए मौसमी सब्जियों वाला दलिया नाश्ते की सबसे उम्दा प्लेट है."

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पोहा: हल्का-फुल्का और आयरन देने वाला नाश्ता

चपटे धान से बनने वाला पोहा देश भर में सबसे ज्यादा पसंद किया जाने वाला झटपट नाश्ता है. यह पेट पर बिल्कुल भारी नहीं पड़ता, इसलिए जिन्हें सुबह भारी नाश्ता देखकर ही आलस आने लगता है, उनके लिए यह बहुत मुफीद रहता है. पारंपरिक तौर पर तैयार होने की वजह से इसमें आयरन की ठीक-ठाक मात्रा मिल जाती है, जो रोजमर्रा की डाइट में खून की कमी से निपटने में मददगार है.

यह पचने में इतना आसान होता है कि कमजोर हाजमे वालों को भी कोई परेशानी नहीं देता और गट बैक्टीरिया के लिए भी अच्छा माना जाता है.

Deepti Khatuja का कहना है, "पोहा उन लोगों के लिए बहुत बढ़िया है जिनका पाचन थोड़ा सुस्त रहता है या जो सुबह हल्का खाना ही पसंद करते हैं. लेकिन सिर्फ प्याज और पोहा बनाकर खाने से शरीर में कार्ब्स बढ़ जाते हैं और जल्दी दोबारा भूख सताने लगती है. इसलिए पोहा बनाते समय उसमें थोड़ी भुनी मूंगफली, हरी मटर, गाजर और बीन्स जरूर डालें. साथ ही गैस बंद करने के बाद ऊपर से आधा नींबू जरूर निचोड़ें, क्योंकि विटामिन सी मिलते ही पोहे का आयरन शरीर में बहुत तेजी से जज्ब हो जाता है."

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उपमा: तुरंत ऊर्जा देने वाला पारंपरिक विकल्प

सूजी यानी रवे से तैयार होने वाला उपमा दक्षिण भारत की बेहद स्वादिष्ट और पुरानी सौगात है. सुबह-सुबह तुरंत एनर्जी की जरूरत पूरी करने के लिए यह बहुत सही माना जाता है.
इसमें चिकनाई या फैट न के बराबर होता है और यह मुंह का स्वाद भी तुरंत बदल देता है. हालांकि, सूजी गेहूं का ही रिफाइंड रूप है, इसलिए दलिया के मुकाबले इसमें फाइबर काफी कम बचता है.

Deepti Khatuja का कहना है, "उपमा खाते ही फौरन ताजगी तो मिलती है, लेकिन सादी सूजी का उपमा बहुत जल्दी पच भी जाता है, जिससे दो घंटे बाद ही दोबारा तेज भूख लग सकती है. इसे सेहतमंद बनाने का सबसे सही तरीका यह है कि आप सूजी की जगह रागी, बाजरा या ओट्स उपमा चुनें. अगर सादा रवा ही बना रहे हैं, तो उसमें कटी हुई खूब सारी सब्जियां, थोड़े काजू या चना-उड़द दाल का तड़का जरूर लगाएं ताकि फाइबर और प्रोटीन का संतुलन सही बैठ सके."

नाश्ता बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान

  1. चाहे पोहा बनाएं, उपमा या दलिया, उसमें मौसमी हरी सब्जियों की मात्रा अनाज के बराबर या ज्यादा रखें ताकि पेट को भरपूर फाइबर मिल सके.
  2. तड़का लगाते समय ज्यादा तेल या रिफाइंड मत उड़ेलें, एक छोटा चम्मच देसी घी या सरसों का तेल ही काफी होता है.
  3. बाजार के पैकेट वाले रेडी-टू-ईट नाश्ते से पूरी तरह दूरी बनाएं, क्योंकि उनमें सोडियम और प्रिजर्वेटिव्स बहुत ज्यादा होते हैं. हमेशा घर की ताजी सामग्री से ही नाश्ता तैयार करें.
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