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धनिया, पुदीना या आंवला: रोज की थाली के लिए कौन सी चटनी है सबसे सेहतमंद? जानिए न्यूट्रिशनिस्ट और यूनानी एक्सपर्ट की राय

धनिया-पुदीना, आंवला, लहसुन और नारियल, हर चटनी के अपने अलग पोषण और फायदे हैं. जानिए न्यूट्रिशनिस्ट और यूनानी एक्सपर्ट के मुताबिक रोजाना खाने के लिए कौन सी चटनी सबसे संतुलित मानी जाती है और किसे किस जरूरत में चुनना चाहिए.

धनिया, पुदीना या आंवला: रोज की थाली के लिए कौन सी चटनी है सबसे सेहतमंद? जानिए न्यूट्रिशनिस्ट और यूनानी एक्सपर्ट की राय
क्या आपकी पसंदीदा चटनी वाकई हेल्दी है? जानिए धनिया, पुदीना और आंवले में कौन आगे

भारतीय थाली बिना चटनी के अधूरी मानी जाती है. चाहे सादा दाल-चावल हो या कोई नाश्ता, एक चम्मच चटनी पूरे खाने का स्वाद बदल देती है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ यह छोटी सी कटोरी आपकी सेहत की कई बड़ी कमियों को भी पूरा कर सकती है? हमारे यहां पुदीना, धनिया, आंवला, लहसुन और नारियल जैसी दर्जनों तरह की चटनियां बनती हैं. सवाल यह उठता है कि इनमें से रोजाना खाने के लिए सबसे ज्यादा पौष्टिक और सेहतमंद कौन सी है?

धनिया, पुदीना या आंवला? एक्सपर्ट्स ने बताया रोज की थाली के लिए कौन सी चटनी है बेहतर

धनिया और पुदीने की हरी चटनी

घरों में सबसे ज्यादा बनने वाली धनिया-पुदीने की चटनी पोषण का भंडार है. पुदीना पेट की गर्मी शांत करता है और गैस, भारीपन जैसी दिक्कतों को दूर रखता है. हरा धनिया एंटीऑक्सीडेंट्स और कई माइक्रोन्यूट्रिएंट्स का अच्छा स्रोत माना जाता है. इसमें नींबू और हरी मिर्च मिलाने से विटामिन सी की मात्रा बढ़ जाती है, जिससे आयरन सोखने की ताकत दोगुनी हो जाती है.

Deepti Khatuja, Head Clinical Nutritionist, FMRI Gurugram, का कहना है, "धनिया और पुदीने की कच्ची हरी चटनी रोज के खाने के लिए सबसे सुरक्षित और संतुलित मानी जाती है. इसमें तेल का बिल्कुल इस्तेमाल नहीं होता और यह माइक्रोन्यूट्रिएंट्स से भरी होती है. जो लोग रोजाना दाल या रोटी के साथ इसे खाते हैं, उनका पाचन तंत्र बेहतर रहता है और शरीर में एंटीऑक्सीडेंट्स की पूर्ति आसानी से हो जाती है."

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आंवले की चटनी

सर्दियों के दिनों में आंवले की चटनी विटामिन C से भरपूर होती है और पोषक तत्वों के लिहाज से अच्छे विकल्पों में गिनी जाती है. आंवले में संतरे के मुकाबले कई गुना ज्यादा विटामिन सी होता है, जो रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है. इसके अलावा यह चटनी बालों की जड़ों और त्वचा की चमक बनाए रखने के लिए बहुत फायदेमंद है. कुछ शोध बताते हैं कि आंवला ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल प्रबंधन में सहायक हो सकता है.

डॉ. सैयद अहमद खान (Dr. Syed Ahmed Khan), नई दिल्ली स्थित प्रतिष्ठित सफदरजंग अस्पताल में यूनानी विभाग के पूर्व प्रमुख (Ex Head of Unani Department), का कहना है, "यूनानी नजरिए से आंवले की तासीर मुकव्वी-ए-मेदा यानी पेट और हाजमे को ताकत देने वाली होती है. जिन लोगों को भूख न लगने की शिकायत हो या खाना खाने के बाद पेट फूला हुआ लगे, उनके लिए आंवले, सौंफ और हल्के सेंधा नमक से बनी चटनी पाचन से जुड़ी कुछ समस्याओं में मददगार माना जाता है. यह शरीर में जमे अनचाहे माद्दों को साफ करती है."

लहसुन और टमाटर की चटनी

लहसुन में एलिसिन नाम का तत्व पाया जाता है, जो दिल की नसों में ब्लॉकेज रोकने और ब्लड प्रेशर नियंत्रित करने में असरदार है.  साथ ही टमाटर में लाइकोपीन होता है, जो शरीर को अंदरूनी सूजन से बचाता है. हालांकि, एसिडिटी या अल्सर के मरीजों को तीखी लहसुन की चटनी से परहेज करना चाहिए.

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नारियल की चटनी

दक्षिण भारतीय व्यंजनों के साथ खाई जाने वाली नारियल चटनी शरीर को हेल्दी फैट्स देती है. साथ ही यह लंबे समय तक तृप्ति का अहसास कराती है और कमजोरी दूर करती है. पर ध्यान रखें, इसमें तेल और राई का तड़का लगता है, इसलिए वजन घटाने वालों को इसे कम मात्रा में ही लेना चाहिए.

Deepti Khatuja का कहना है, "अगर आप वजन नियंत्रित रखना चाहते हैं, तो नारियल चटनी के मुकाबले हरी चटनी या आंवला चटनी को प्राथमिकता दें. साथ ही पैकेज्ड या बाजार की चटनी से बचें क्योंकि उसमें नमक, चीनी और प्रिजर्वेटिव्स बहुत ज्यादा होते हैं."

चटनी बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान

  1. चटनी को हमेशा ताजा बनाएं और दो से तीन दिन से ज्यादा पुरानी चटनी न खाएं.
  2. पीसते वक्त सफेद नमक की जगह हमेशा सेंधा नमक या काला नमक इस्तेमाल करें.
  3. चीनी या गुड़ डालने से बचें, खटास के लिए देसी नींबू या कच्ची अमिया का इस्तेमाल करें.

डॉ. सैयद अहमद खान का कहना है, "चटनी को बहुत महीन पीसने के बजाय सिलबट्टे पर दरदरा पीसना ज्यादा फायदेमंद होता है. इससे उसके कुदरती एंजाइम्स नष्ट नहीं होते और पेट के लिए उसकी तासीर ज्यादा मुफीद बनी रहती है."

कुल म‍िलाकर, अगर रोज खाने के लिए एक विकल्प चुनना हो तो धनिया-पुदीना चटनी सबसे संतुलित मानी जा सकती है, जबकि विटामिन C के लिए आंवला चटनी और हार्ट हेल्थ के लिए लहसुन की चटनी फायदेमंद हो सकती है.
 

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