शारदीय नवरात्रि में अष्टमी और नवमी के दिन कन्या पूजन का विशेष महत्व माना जाता है. इस दौरान छोटी कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानकर उनका स्वागत किया जाता है. उनके पैर धोने, तिलक लगाने, भोजन कराने और दक्षिणा देकर विदा करने तक हर रस्म श्रद्धा के साथ निभाई जाती है. धार्मिक मान्यता है कि कन्या पूजन के दौरान मां दुर्गा के मंत्रों का जाप करने से पूजा के प्रति भक्ति और समर्पण का भाव बढ़ता है. आचार्य मदन मोहन के अनुसार, कन्या पूजन के अलग-अलग चरणों में कुछ मंत्रों का जाप किया जा सकता है. आइए जानते हैं कि कन्याओं के स्वागत से लेकर भोग लगाने तक कौन से मंत्र पढ़ सकते हैं.
कन्याओं के स्वागत के समय पढ़ें यह मंत्र
कन्या पूजन के लिए जब कन्याएं घर आएं तो उनका आदर और प्रेम के साथ स्वागत करें. इसके बाद उन्हें सम्मानपूर्वक बैठाएं। इस दौरान मां दुर्गा का स्मरण करते हुए कन्याओं के आवाहन का यह मंत्र पढ़ सकते हैं.
मंत्र
ॐ मन्त्रअक्षरमयीं लक्ष्मीं मातृणां रूपधारिणीम्।
नवदुर्गा आत्मिकां साक्षात् कन्याम् आवाहयाम्यहम्॥
आचार्य ने बताया कि धार्मिक मान्यता के अनुसार इस मंत्र के जरिए कन्याओं में देवी के स्वरूप का स्मरण करते हुए उन्हें पूजनन के लिए आमंत्रित किया जाता है.
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चरण पूजन और भोग के समय करें इस मंत्र का जाप
आचार्य ने बताया कि कन्या पूजन में कन्याओं के चरण धोना, तिलक लगाना और उन्हें भोजन कराना प्रमुख रस्में हैं. इन कामों के दौरान मां दुर्गा के इस मंत्र का जाप किया जा सकताा है.
मंत्र
या देवी सर्वभूतेषु मातृरूपेण संस्थिता।
नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
उन्होंने बताया कि इस मंत्र में देवी को सभी प्राणियों में मातृशक्ति के रूप में विराजमान बतााया गया है. इसके जरिए देवी को बार-बार प्रणाम किया जाता है.
मां दुर्गा के बीज मंत्र का भी कर सकते हैं जाप
मदन मोहन के अनुसार, नवरात्रि में मां दुर्गा की पूजा के दौरान उनके बीज मंत्रों का जाप भी किया जाता है. कन्या पूजन करते समय श्रद्धा के साथ इनमें से किसी एक मंत्र का जााप कर सकते हैं.
ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे॥
ॐ श्री दुं दुर्गायै नमः॥
कन्या पूजन में इन बातों का रखें ध्यान
आचार्य मदन मोहन के अनुसार, कन्या पूजन के दौरान मंत्रों का जाप श्रद्धा और एकाग्रता के साथ करनाा चाहिए. साथ ही कन्याओं को आदरपूर्वक भोजन कराएं और उनकी सुविधा का ध्यान रखें. मंत्रों के उच्चारण में कठिनाई हो तो मां दुर्गा का मन से स्मरण करके भी पूजाा कर सकते हैं.
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