
डाउनटाउन कश्मीर में जहां हुर्रियत का दबदबा है, वहां भी नरेंद्र मोदी के पोस्टर दिखने लगे हैं। यानी बीजेपी ऐसे इलाकों तक पहुंच गई है, जहां वह जीते या न जीते, लेकिन उसने अपनी मौजूदगी यहां भी दिखा दी है।
डाउनटाउन के खानियार इलाके में चुनावों का माहौल पूरी तरह से बन गया, यह कोई अजीब बात नहीं, लेकिन इस इलाके की अंदरूनी गलियों में नरेंद्र मोदी के पोस्टर नई बात जरूर है।
एनडीटीवी जब इस इलाके के लोन मोहल्ले में पहुंचा, तो न सिर्फ मोदी के पोस्टर दिखाई दिए, बल्कि कई घरों के दरवाजों पर ऐसे स्टीकर भी नजर आए। वहां हम मिले अशोक बट्ट से, जो खानियार इलाके से बीजेपी के उम्मीदवार हैं। बट्ट साहब घर-घर जाकर लोगों के दुख-दर्द सुन रहे हैं। उन्होंने बताया कि यहां काफी गरीबी है और बेरोजगारी बहुत बड़ा मसला है।
इलाके के चक्कर लगाते हुए अशोक बट्ट ने मोदी की लहर का हवाला भी हमें दिया और कहा कि उनकी मार्फत मोदी के पोस्टर यहां तक चले आए हैं। हालांकि जब हमने आम लोगों से बातं कीं, तो उनमें से कई लोग नहीं जानते थे कि मोदी कौन हैं। एक महिला ने कहा कि मोदी दिल्ली के लीडर हैं, तो दूसरी ने कहा कि वह उनके घर ठीक करवा देंगे।
दरअसल इस इलाके में हाल में आई बाढ़ से काफी तबाही हुई थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि उन्हें अभी तक राज्य सरकार से कोई मदद नहीं मिली। अशोक बट्ट का आरोप है कि उमर अब्दुल्ला की सरकार ने बाढ़ पीड़ितों को सही तरीके से राहत नहीं बांटी। जब प्रशासन को पता चला कि मोदी के पोस्टर यहां लगे हैं, तो इन्हें चेक भी नहीं दिए।
लेकिन नई पीढ़ी को मोदी की खबर है। एक नौजवान ने कहा, जब हमने एनसी ओर पीडीपी को मौका दिया, तो एक मौका बीजेपी को भी देंगे। एक अन्य नौजवान के मुताबिक मोदी की छवि एक मजबूत नेता की है, इसलिए हम उन्हें वोट देंगे। जबकि उनके साथी की राय थी कि अगर वह उनके भविष्य ठीक कर देंगे, तो मोदी को मौका दे सकते हैं।
वैसे डाउनटाउन की घेराबंदी में पीडीपी भी लगी हुई है। उसने हाल ही में यहां दफ्तर खोला है। वोटिंग ज्यादा हुई तो फायदा पीडीपी को ही होगा। पीडीपी सांसद तारिक अहमद कारा ने कहा, आप खुद देख लें, लोग बदलाव चाहते हैं। जबकि पीडीपी के उम्मीदवार खुर्शीद आलम के मुताबिक लोग मुफ्ती साहब को मुख्यमंत्री देखना चाहते हैं।
वैसे खनियार नेशनल कॉन्फ्रेंस का गढ़ माना जाता है और पिछले 9 में से 8 बार यहां नेशनल कॉन्फ्रेंस ने जीत हासिल की है। अली मोहमद सागर, जो कि उमर सरकार में मंत्री थे, एनडीटीवी से कहते हैं, यहां पर बीजेपी को कोई नहीं चाहता वह पार्टी सिर्फ लोगों को उकसा रही है। वह कहते हैं कि यहां के लोग कभी बीजेपी के साथ नहीं जाएंगे। पिछली बार सागर को 6,000 के आसपास वोट मिले थे।
वैसे इस इलाके में हुर्रियत की चलती है। हालात बिगड़ने पर सबसे ज्यादा पत्थर भी यहीं चलते हैं। उसने बायकॉट का नारा दिया है और इस नारे के बीच भी यहां मोदी के पोस्टर लगे हुए हैं।
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