आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक तथा राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का कहना है कि वह भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी का आज भी बेहद सम्मान करते हैं, और दावा किया कि उनकी पार्टी के नेताओं ने कभी भी किरण बेदी के खिलाफ निजी हमले नहीं किए, लेकिन इस बार के चुनाव में जो लड़ाई लड़ी जा रही है, उसमें काफी निजी और गंदे हमले किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, बीजेपी के लोग मुझे और मेरे परिवार को निशाना बना रहे हैं।
एनडीटीवी द्वारा आयोजित टाउनहॉल में दिल्ली की जनता के बीच बैठकर अरविंद केजरीवाल ने कहा, "किरण बेदी बहुत अच्छी महिला हैं... मैं उनका सम्मान करता हूं... मुझे उन पर तरस आती है। बीजेपी किरण बेदी का इस्तेमाल कर रही है और बेदी को इस बात का एहसास नहीं है। उन पर बीजेपी ने 'गैग ऑर्डर' लगा दिया है और उनकी हालत मनमोहन सिंह जैसी कर दी गई है। हममें से किसी ने भी उन पर निजी हमले नहीं किए, हम तो बस दिल्ली के मुद्दों पर उनके साथ बहस करना चाहते थे।"
खुद को 'बनिया' बताने वाले अपने बयान के बारे में अरविंद केजरीवाल ने सफाई देते हुए कहा कि 300 करोड़ रुपये की सब्सिडी देने के बावजूद हमने 700 करोड़ रुपये के फायदे के साथ दिल्ली की सरकार छोड़ी थी, इसलिए मैंने कहा था कि मैं बनिया हूं और धंधा करना जानता हूं। यह बनिया समुदाय से वोट करने की कोई अपील नहीं थी।
खुद को 'अराजक' कहे जाने पर जवाब देते हुए अरविंद ने कहा, "गांधी जी और भगत सिंह ने भी बोला था कि मैं अनार्किस्ट (Anarchist) हूं, मैंने भी उसी समझ से कहा था... हम लुटेरों के लिए अराजक हैं..."
आम आदमी पार्टी (आप) के फंड को लेकर पूछे गए सवाल पर केजरीवाल ने कहा, "हमने फंड चेक से इकट्ठा किया है... फिर भी अगर स्कैम लगता है, तो बीजेपी की सरकार है, जांच करा लें..." उन्होंने कहा, "हमारी पार्टी 'आप' उम्मीदवारों का पैसा मेहनत का, और हमने ख़राब इमेज वालों को भी टिकट नहीं दिया... वैसे, जब हमारी सरकार आएगी, हम अपने ऊपर लगे हर आरोप की भी जांच कराएंगे..."
उन्होंने कहा कि जीतने पर वह लोगों को सब्सिडी से राहत देंगे। पानी के मुद्दे पर भी उन्होंने अपने स्टैंड पर कायम रहते हुए कहा कि ग़रीब आदमी को पानी पीने का अधिकार है, और वह उसे मिलना ही चाहिए। अरविंद केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि उनके पास बिजली कंपनियों के खिलाफ सबूत हैं।
टाउनहॉल के दौरान अलग-अलग मुद्दों पर खुलकर बात करते हुए उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग से उनकी कोई लड़ाई नहीं है, और वह चुनाव आयोग का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा, "हमने चुनाव आयोग का अपमान नहीं किया... मैंने कहा था कि जो पैसे दे, उसे वोट नहीं देना..."
पिछली बार दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देने को लेकर पूछे गए सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा, "हमने भावनाओं में बहकर इस्तीफा दिया, और अब यह गलती दोबारा नहीं करेंगे, क्योंकि हमने अपनी गलतियों से सीखा है..." धरने पर बैठने के बारे में भी रुख को कुछ हद तक बदलते हुए केजरीवाल ने कहा, "अब धरने में बैठने से पहले कई बार सोचेंगे... वैसे, मैं पहला सीएम नहीं था, जो धरने पर बैठा, क्योंकि मुझसे पहले भी कई बड़े नेता धरने पर बैठे थे..."
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