
अगर कांग्रेस की सरकार बनी, तो हर झुग्गीवासी के सिर पर छत होगा। और यह उन्हें किसी स्कीम के तहत नहीं दी जाएगी, बल्कि छत पाना उनके लिए कानूनी अधिकार होगा। कांग्रेस ने आज दिल्ली की जनता से ये चुनावी वादा किया है।
दिल्ली चुनाव में प्रचार की कमान संभालने वाले अजय माकन ने आज इस बिल की ड्राफ्ट कॉपी भी पेश कर दी। कांग्रेस का वादा है कि एक साल के भीतर इस बिल को विधानसभा से पास कराकर कानून बना दिया जाएगा।
इसके तहत हर झुग्गी वाले को 25 से 40 वर्गमीटर एरिया का घर मिलेगा। घर बहुमंज़िली इमारत के रूप में होगा, जो झुग्गी वाली जगह ही बनायी जाएगी। ऐसा संभव न होने पर झुग्गी के पांच किलोमीटर के दायरे में ये बहुमंज़िली इमारत बनेगी।
ज्ञात हो कि दिल्ली में क़रीब 27 फीसदी आबादी झुग्गी बस्तियों में रहती है। ज़ाहिर है कांग्रेस ने 'राइट टू शेल्टर' का वादा कर झुग्गी वालों का दिल जीतने की कोशिश की है। झुग्गी कालोनियां कभी कांग्रेस की गढ़ हुआ करती थीं। लेकिन पिछले चुनाव में उसकी ये ज़मीन आम आदमी पार्टी ने छीन ली। कांग्रेस अपनी खोई ज़मीन वापस पाने के लिए पुरज़ोर कोशिश कर रही है।
मंगलवार को गोविंदपुरी-कालकाजी इलाक़े में रोड शो के बाद राहुल गांधी ने हर ग़रीब को छत देने का ऐलान किया था। 24 घंटे के भीतर ही कांग्रेस इस संबंध में ड्राफ्ट बिल लेकर आ गई है। इसे मुद्गल कमेटी की सिफारिशों के तहत तैयार किया गया है। ये कमेटी शहरी ग़रीबों के पुनर्वास को लेकर गठित की गई थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2022 तक देश में सबके सिर पर छत देने का वादा किया हुआ है। दिल्ली के लिए कांग्रेस जो वादा कर रही है, वह इस रूप में अलग है कि वो इसके लिए उसी तरह कानून बनाने की बात कर रही है, जैसे राइट टू वर्क, राइट टू फूड कानून बनाए गए। पिछले आम चुनाव के समय कांग्रेस ने पूरे देश के के लिए यही कानून बनाने की बात अपनी घोषणा पत्र में की थी, लेकिन फिर भी वह 44 सीटों पर ही सिमट कर रह गई।
दिल्ली चुनाव के पहले चाहे आम आदमी पार्टी हो या बीजेपी, सबने एक से बढ़ कर एक वादे किए हैं। मुफ्त पानी से लेकर सस्ती बिजली तक और पक्की नौकरी से लेकर फ्री वाई-फाई तक, हर पार्टी हर किसी को लुभाने में जुटी है। कांग्रेस वादों की बरसात में किसी से पीछे नहीं रहना चाहती।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं