
हरियाणा की राजनीति में शानदार आगाज करते हुए भाजपा ने विधानसभा चुनाव में पहली बार अपने दम पर बहुमत हासिल कर लिया और कांग्रेस और इंडियन नेशनल लोकदल (आईएनएलडी) को जबर्दस्त हार का स्वाद चखाया।
नरेंद्र मोदी की लहर के बल पर इस बार लोकसभा चुनाव में हरियाणा में सात सीटें हासिल करने वाली भाजपा ने अब विधानसभा चुनाव में 47 सीटें हासिल की, जो कि 90 सदस्यीय विधानसभा में बहुमत के लिए जरूरी संख्या से एक सीट अधिक है।
बाकी बची 43 सीटों में से कांग्रेस ने 15, इनेलो 19, हरियाणा जनहित कांग्रेस (बीएल) दो, शिरोमणि अकाली दल और बसपा एक-एक और निर्दलीय पांच सीटों पर विजयी रहे।
1966 में हरियाणा के गठन के बाद से यह भाजपा का अब तक का सबसे अच्छा प्रदर्शन है। पार्टी ने 1987 में सबसे अधिक 16 सीटें जीती थी, जबकि 20 सीटों पर चुनाव लड़ा था। पार्टी 2009 के विधानसभा चुनाव में मात्र चार सीटों पर जीत दर्ज कर पायी थी।
हरियाणा में इस बार के विधानसभा चुनाव में मुकाबला बेहद रोमांचक था, क्योंकि दौड़ में कई पार्टियां थीं। भाजपा ने कांग्रेस से सत्ता हथिया ली, जिसने जाट नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व में राज्य में करीब एक दशक तक शासन किया।
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं