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This Article is From Oct 20, 2014

भाजपा में विकल्पों की समीक्षा, शिवसेना के पसीने छूटे, कैसे? पढ़ें...

भाजपा में विकल्पों की समीक्षा, शिवसेना के पसीने छूटे, कैसे? पढ़ें...
मुंबई:

महाराष्ट्र में के चुनावी नतीजों में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी लेकिन, बहुमत से 22 सीटें पीछे रह गई, वहीं पार्टी की पुरानी सहयोगी शिवसेना 63 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर रही है।
इस पूरे नतीजों में जहां भाजपा को अब किसी सहयोगी की दरकार दिखाई दे रही है वहीं, शिवसेना जो भाजपा की 25 साल तक सहयोगी रही ने, अब ज्यादा मांगने की स्थिति में नहीं है।

इसका कारण यह है कि एनसीपी ने अपनी तरफ से भाजपा की सरकार को बाहर से समर्थन देने की घोषणा कर दी है। इससे माना जा रहा है कि शिवसेना को दबाव बनाने का मौका नहीं मिल रहा है। इस चुनाव में एनसीपी के पास 41 सीटें हैं और भाजपा को बहुमत के लिए मात्र 22 सीटों की जरूरत है। उल्लेखनीय है कि अन्य के पास भी 19 सीटें है।

शिवसेना ने कहा कि वह बातचीत के लिए तैयार है, अगर कोई प्रस्ताव आएगा तब वह उस पर बात करेगी।

ठाकरे ने बीजेपी पर हमला करते हुए यह भी कहा कि वह चाहे तो एनसीपी के साथ जा सकते हैं। लेकिन बाद में उन्होंने अमित शाह से बात की।

उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र में चुनावी नतीजों के आने के बाद किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत न मिलने पर शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी प्रमुख अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बात की है। यह जानकारी शिवसेना के सूत्रों ने दी है।

मातोश्री में मौजूद सूत्र ने कहा कि जब फोन किया गया था तब पीएम मोदी भी मौजूद थे और उन्होंने भी ठाकरे से बात की। बताया जा रहा है कि करीब 10 मिनट तक चली इस बातचीत में किसी समझौते पर नहीं पहुंचा गया, सिर्फ यह बात हुई कि आगे बढ़ना चाहिए।

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