NEET UG के बाद अब UGC NET को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) पर सवाल उठ रहे हैं, पहले ही एनटीए की तरफ से यूजीसी नेट के तीन विषयों की परीक्षा को रद्द कर दिया गया है, लेकिन अब बाकी विषयों के छात्र भी सामने आकर सवाल उठा रहे हैं. अभ्यर्थियों का कहना है कि कई ऐसे सवाल हैं, जो उन्हें गलत लग रहे हैं, लेकिन इन्हें चैलेंज करने के लिए उन्हें हजारों रुपये खर्च करने पड़ेंगे. छात्रों का दावा है कि आंसर की में कई गलतियां पाई गई हैं, जिन्हें चैलेंज करना जरूरी है. फिलहाल छात्र उन पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को लेकर टेंशन में हैं.
प्रोविजनल आंसर की के बाद मिलता है मौका
एनटीए की तरफ से यूजीसी नेट रिजल्ट से पहले प्रोविजनल आंसर की जारी की गई है, जिसमें उम्मीदवारों को गलत सवालों को चैलेंज करने का मौका दिया जाता है. हालांकि एक सवाल को चैलेंज करने की फीस 200 रुपये लगती है, जो रिफंडेबल भी नहीं होती. ऐसे में छात्रों के सामने ये परेशानी है कि वो अगर कई सवालों को चैलेंज करते हैं तो इतने पैसे कहां से लाएंगे.
अभ्यर्थी ने बताई अपनी परेशानी
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए यूजीसी नेट परीक्षा देने वाली एक अभ्यर्थी सुचित्रा श्रीवास्तव ने कहा, मैं पॉलिटिकल साइंस की स्टूडेंट हूं और मैंने इसी विषय में परीक्षा दी थी. इस विषय में 14 सवाल ऐसे हैं, जिन्हें कोई भी छात्र पकड़ सकता है और बता सकता है कि ये गलत हैं. आंसर की में उन्होंने इतने आसान सवालों का जवाब गलत दिया है, जिन्हें चैलेंज करना जरूरी है, लेकिन एक मिडिल क्लास स्टूडेंट के लिए 14 सवालों को चैलेंज करना आसान नहीं है. एक सवाल का 200 रुपये लगता है, ऐसे में 2800 रुपये देना हर किसी के लिए आसान नहीं है.
यूजीसी नेट अभ्यर्थी सुचित्रा ने बताया कि, मेरा दूसरा कंसर्न ये है कि मैं जो क्वेश्चन पेपर में आंसर मार्क करके आई थी और जो आंसर की के जवाब हैं, वो अलग हैं. जब मैंने इसे लेकर शिकायत की तो मुझे कहा गया कि आप झूठ बोल रही हैं. ये परेशानी सिर्फ मेरी नहीं है, बल्कि 250 छात्रों की है. हम चाहते हैं कि पेपर री-चेक हो और हमें सही नंबर दिए जाएं.
#WATCH | Delhi: Educators and Aspirants visit NTA office, Student Suchitra Srivastava says, "... I am a student of the Textbook platform. Pradyumn Sir taught me Political Science, and I appeared for the Political Science paper. The problem right now is that 14 questions are… pic.twitter.com/vpadmVyqNC
— ANI (@ANI) August 19, 2026
तीन विषयों को लेकर मचा था बवाल
यूजीसी नेट के तीन विषयों को लेकर खूब बवाल मचा था, लेकिन पहले एनटीए ने इसे मानने से इनकार कर दिया. हालांकि जब करीब 50 दिन बाद आंसर की जारी हुई तो इसके ठीक बाद इन तीनों विषयों- इंग्लिश, कॉमर्स और सोशियोलॉजी के पेपर रद्द कर दिए गए. इन परीक्षाओं में स्पेलिंग मिस्टेक से लेकर गलत सवालों और रिपीटिशन जैसी गलतियां थीं. अब सितंबर में इन पेपर्स की परीक्षा ली जाएगी.
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