- बिहार की दो बहनों ने सरकारी सेवा में सफलता हासिल कर परिवार का नाम रोशन किया है
- बड़ी बेटी ज्योति कुमारी ने बीपीएससी कृषि सेवा परीक्षा में उत्तीर्ण होकर प्रखंड कृषि पदाधिकारी बनी
- ज्योति कुमारी का लक्ष्य किसानों को नई तकनीकों से जोड़कर कृषि क्षेत्र को मजबूत बनाना है
Success Story Bihar: कहा जाता है कि बुलंद हौसलों के आगे कोई मंजिल दूर नहीं रहती. बिहार के समस्तीपुर जिले के हसनपुर प्रखंड के पिरौना गांव की दो सगी बहनों ने इसे सच साबित कर दिखाया है. ग्रामीण चिकित्सक सज्जन महतो और स्वास्थ्य विभाग में एएनएम के पद पर कार्यरत इंदु देवी की बेटियों ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर अलग-अलग क्षेत्रों में सरकारी सेवा में स्थान बनाकर परिवार और गांव का नाम रोशन किया है. बड़ी बेटी ज्योति कुमारी का चयन बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) की कृषि सेवा परीक्षा के माध्यम से प्रखंड कृषि पदाधिकारी के पद पर हुआ है, जबकि छोटी बेटी जूही कुमारी नर्सिंग पदाधिकारी बनी हैं.
कृषि क्षेत्र में किसानों की सेवा करेंगी ज्योति
ज्योति कुमारी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा जवाहर नवोदय विद्यालय, बिरौली से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने डॉ. राजेंद्र प्रसाद कृषि विश्वविद्यालय, पूसा से स्नातक की पढ़ाई पूरी की. कृषि विषय में उच्च शिक्षा हासिल करने के बाद उन्होंने बीपीएससी कृषि सेवा परीक्षा में सफलता प्राप्त की. ज्योति का कहना है कि कृषि देश और राज्य की अर्थव्यवस्था की मजबूत आधारशिला है. किसानों की मेहनत से ही लोगों तक अन्न पहुंचता है. प्रखंड कृषि पदाधिकारी के रूप में उनका उद्देश्य किसानों को नई तकनीकों और उन्नत खेती के तरीकों से जोड़ना तथा कृषि क्षेत्र को और मजबूत बनाना है.
मां से प्रेरणा लेकर नर्सिंग क्षेत्र में पहुंचीं जूही
जूही कुमारी की शुरुआती पढ़ाई पीसी स्कूल सकरपुरा से हुई. इसके बाद उन्होंने हसनपुर कॉलेज से इंटरमीडिएट की शिक्षा पूरी की. नर्सिंग क्षेत्र में आगे बढ़ते हुए उन्होंने नर्सिंग पदाधिकारी के पद पर चयन हासिल किया. जूही अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के मार्गदर्शन और प्रोत्साहन को देती हैं. उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत अपनी मां को मरीजों की सेवा करते देख उनके मन में भी इसी क्षेत्र में काम करने की इच्छा जगी. अब वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में अपना योगदान देना चाहती हैं.
बेटियों ने पूरा किया माता-पिता का सपना
ग्रामीण चिकित्सक सज्जन महतो ने कहा कि उनकी हमेशा इच्छा रही कि उनकी बेटियां पढ़-लिखकर समाज और देश की सेवा करें. आज दोनों बेटियों ने अपनी मेहनत के बल पर उस सपने को साकार कर दिया है. उन्होंने कहा कि हर माता-पिता को अपनी बेटियों की शिक्षा और उनके सपनों को महत्व देना चाहिए, क्योंकि अवसर और सही मार्गदर्शन मिलने पर बेटियां किसी भी क्षेत्र में सफलता हासिल कर सकती हैं.
वहीं एएनएम इंदु देवी ने कहा कि उन्हें गर्व है कि उनकी एक बेटी स्वास्थ्य सेवा से जुड़ेगी, जबकि दूसरी कृषि क्षेत्र में किसानों के हित में काम करेगी. उन्होंने बताया कि बचपन से ही दोनों बेटियों को मेहनत, ईमानदारी और लक्ष्य के प्रति समर्पण का पाठ पढ़ाया गया, जिसका परिणाम आज सबके सामने है.
गांव की बेटियों की सफलता बनी प्रेरणा
ज्योति और जूही की उपलब्धि पर गांव के लोगों, बुद्धिजीवियों और ग्रामीणों ने खुशी जताई. लोगों ने मिठाइयां बांटकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की. ग्रामीणों का कहना है कि दोनों बहनों ने साबित कर दिया है कि बेहतर शिक्षा, परिवार का सहयोग और दृढ़ संकल्प के बल पर ग्रामीण परिवेश की बेटियां भी बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं. एक ही परिवार की दो बेटियों का अलग-अलग क्षेत्रों में सरकारी सेवा के लिए चयन क्षेत्र के लिए गर्व की बात है.
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