Study Abroad 2026-27: कई भारतीय छात्र अपनी आगे की पढ़ाई के लिए अमेरिका, यूके, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और जर्मनी जैसे देशों की यूनिवर्सिटीज में अप्लाई करते हैं. ऐसे में स्टूडेंट्स को इंडिया से बाहर पढ़ाई करने से पहले वहां की यूनिवर्सिटीज और वीजा के नियम-कानून को समझ लेना चाहिए. क्योंकि हर देश की पढ़ाई और वीजा से जुड़ी योग्यताएं अलग-अलग हो सकती हैं. तो चलिए जानते हैं विदेश में पढ़ाई करने के लिए आपके पास क्या योग्यता और कौन-कौन से डॉक्यूमेंट्स होने जरूरी हैं.
विदेश में पढ़ाई के लिए क्या चाहिए योग्यताएं
अंडरग्रेजुएट कोर्स के लिए उनके 10वीं और 12वीं क्लास में अच्छे मार्क्स होने चाहिए. जो छात्र पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उनके पास जरूरी मार्क्स के साथ मान्यता प्राप्त बैचलर डिग्री होनी चाहिए.
बहुत सी यूनिवर्सिटीज आपसे इंग्लिश भाषा की स्किल्स साबित करने के लिए भी कहती हैं. इसके लिए IELTS, TOEFL, PTE Academic और Duolingo English Test जैसे किसी टेस्ट का पासिंग सर्टिफिकेट मांग सकते हैं. हां, अगर आपकी पिछली पढ़ाई इंग्लिश में हुई है, तो कुछ यूनिवर्सिटीज इन टेस्ट के स्कोर नहीं भी मांग सकती हैं.
ये हैं 5 जरूरी डॉक्यूमेंट्स
- एकेडमिक मार्कशीट
- एक वैलिड पासपोर्ट
- स्टेटमेंट ऑफ पर्पस (SOP)
- लेटर ऑफ रिकमेंडेशन (LORs)
- एक अपडेटेड रिज्यूमें या सीवी (CV).
वीजा और एडमिशन के लिए डॉक्यूमेंट
छात्रों को यह भी दिखाना होगा कि वे अपनी पढ़ाई और रहने-सहने का खर्च उठा सकते हैं. इसके लिए ये 4 डॉक्यूमेंट्स एडमिशन औ वीजा के लिए जमा करने पड़ सकते हैं:
- बैंक स्टेटमेंट
- एजुकेशन लोन मंजूरी के लेटर
- स्कॉलरशिप लेटर
- फंड के सबूत के तौर पर स्पॉन्सरशिप डॉक्यूमेंट्स.
इस बात का रखें खास ध्यान
बता दें कि वीजा अधिकारी स्टूडेंट वीजा देने से पहले इन डॉक्यूमेंट्स को वैरिफाई करते हैं. इसलिए सारी जानकारी बिल्कुल सही-सही दें नहीं तो विदेश में पढ़ाई करने के सपने पर पानी फिर सकता है.
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