12वीं पास करने के बाद बीए,बीएससी और बीकॉम करने वाले छात्रों के लिए एक चौंकाने वाली रिपोर्ट सामने आई है. नीति आयोग की इस नई रिपोर्ट में देश के ट्रेडिशनल एजुकेशन सिस्टम पर गंभीर सवाल उठे हैं और चिंता जताई गई है. रिपोर्ट के अनुसार, भारत में बीए (BA), बीएससी (BSc) और बीकॉम (BCom) जैसी पारंपरिक ग्रेजुएशन डिग्रियों और नौकरियों की जरूरतों के बीच का संबंध बहुत कमजोर हो गया है. यानी ये डिग्री लेने के बाद नौकरी मिलना काफी मुश्किल है, हालांकि ऐसा इसलिए भी हो सकता है, क्योंकि ये कोई प्रोफेशनल डिग्री या कोर्स नहीं हैं. रिपोर्ट में आयोग ने एजुकेशन सिस्टम को जॉब ओरिएंटेड बनाने की सिफारिश की है और इसमें बदलावों की भी बात कही है.
डिग्री है, लेकिन स्किल की कमी
नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट में साफ किया है कि हर साल लाखों छात्र BA, BSc और BCom की डिग्री लेते हैं, लेकिन जब बात नौकरी की आती है तो इंडस्ट्री की जरूरत के हिसाब से उनके पास स्किल नहीं होती है. यही वजह है कि इन पारंपरिक डिग्रियों को पूरा करने के बाद भी युवाओं को अच्छी नौकरी ढूंढने में काफी संघर्ष करना पड़ता है या उन्हें अपनी योग्यता से कम सैलरी वाली नौकरी करने पर मजबूर होना पड़ता है.
नीति आयोग ने दिए ये सुझाव
नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट में कुछ सुझाव भी दिए हैं, जिससे इस स्थिति को ठीक किया जा सकता है. आयोग ने यूनिवर्सिटीज और कॉलेजों से अपील की है कि वे अपने पारंपरिक सिलेबस को बदलें. इसमें कोडिंग, डेटा एनालिसिस, डिजिटल मार्केटिंग और व्यावहारिक कौशल जैसे नए विषयों को शामिल किया जाना चाहिए. इसके अलावा किताबी ज्ञान देने की बजाय हर छात्र के लिए पढ़ाई के दौरान कम से कम एक इंटर्नशिप करना अनिवार्य करना चाहिए.
नीति आयोग ने अपनी रिपोर्ट में शिक्षण संस्थानों को कॉर्पोरेट और उद्योगों के साथ सीधे टाइअप करने की भी सलाह दी है. जिससे छात्रों को बाजार की नई तकनीकों और व्यावहारिक समझ की जानकारी मिल सके. साथ ही वोकेशनल और स्किल-बेस्ड कोर्सेज पर जोर देने के लिए भी कहा गया है.
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