- नीतू सिंह मैम ने इस दिवाली अपने कोचिंग संस्थान के तीन टॉप परफॉर्मर स्टाफ को बुलेट मोटरसाइकिल उपहार में दी है
- नीतू मैम झारखंड के गिरिडीह की रहने वाली हैं और दिल्ली के मशहूर कोचिंग संस्थान केडी कैंपस की संस्थापक हैं
- उन्होंने बचपन में तीन साल की उम्र में पिता खो दिया था और संघर्ष कर दिल्ली में कोचिंग संस्थान स्थापित किया
Neetu Mam Diwali Gift: देश दिवाली 2026 मना रहा है. चहुंओर दिवाली बोनस और तोहफों की चर्चा हो रही है. इस बीच देश की जानी-मानी टीचर नीतू सिंह मैम अपने स्टाफ को दिवाली के गिफ्ट में बुलेट मोटरसाइकिल भेंट कर सुर्खियों में हैं. बचपन में पिता को खो देने, शादी के बाद संघर्ष करने और दिल्ली में केडी कैंपस व केडी लाइव जैसे नामी कोचिंग प्लेटफॉर्म खड़े करने वाली नीतू मैम की सफलता की कहानी कभी हार नहीं मानने की मिसाल है.
टॉप परफॉर्मर्स को मिली बुलेट मोटरसाइकिल
इंस्टाग्राम पर नीतू मैम द्वारा शेयर किए गए वीडियो में बताया गया है कि पिछली दिवाली से लेकर इस दिवाली तक जो कर्मचारी टॉप परफॉर्मर रहे और जिनकी टीम ने सबसे बेहतरीन प्रदर्शन किया, उनमें से पहले तीन स्टाफ को तोहफे में बुलेट मोटरसाइकिल प्रदान की गई है. इनमें दो पुरुष और एक महिला स्टाफ शामिल हैं. एक यूजर ने लिखा, “दोनों भाइयों (रजत भाई और आदेश भाई) को बहुत-बहुत बधाई एवं ढेर सारी शुभकामनाएं. हैप्पी दिवाली.”
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दिवाली के तोहफे में बुलेट बाइक देने वाली नीतू मैम कौन हैं?
बता दें कि नीतू मैम का पूरा नाम नीतू सिंह है. वे मूल रूप से झारखंड के गिरिडीह की रहने वाली हैं. दिल्ली के मुखर्जी नगर स्थित मशहूर कोचिंग संस्थान KD Campus और KD Live की संस्थापक हैं. यहां वे मुख्य रूप से SSC (CGL, CHSL, MTS आदि) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए इंग्लिश पढ़ाने के लिए जानी जाती हैं. उनके पढ़ाने के तरीके और उनकी इंग्लिश ग्रामर की किताबें (जैसे Volume-1) छात्रों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं. उनकी किताब बेस्ट सेलर रही है.
तीन साल की उम्र में सिर से उठ गया था पिता का साया
नीतू मैम ने महज तीन साल की उम्र में अपने पिता को खो दिया था. उनका बचपन तंगहाली में गुजरा. मां और भाई ने संघर्ष करके बड़ी मुश्किल से उनकी स्कूली पढ़ाई पूरी करवाई. इसके बाद वे एलएलबी करने के लिए दिल्ली पहुंचीं. खर्च निकालने के लिए उन्होंने बच्चों को ट्यूशन पढ़ाना शुरू किया. यहीं से उनके कोचिंग करियर की शुरुआत हुई. कुछ बच्चों को ट्यूशन पढ़ाने से लेकर आज वे अपने कोचिंग संस्थानों के जरिए लाखों युवाओं का भविष्य संवार रही हैं.
पार्टनर से मिला धोखा, फिर भी नहीं मानी हार
मीडिया की खबरों के अनुसार दिल्ली में कोचिंग सेंटर शुरू करने के बाद नीतू मैम को अपने पार्टनर से धोखा मिला. उनका कोचिंग सेंटर हाथ से निकल गया. उस वक्त उन्हें लगा कि सबकुछ खत्म हो गया, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और अपने पिता किशोर देव सिंह (कृष्ण देव सिंह) के नाम पर KD Campus की नींव रखी. अपनी आसान और अनोखी टीचिंग स्टाइल से उन्होंने छात्रों के मन से अंग्रेजी का डर दूर कर दिया. बाद में लॉकडाउन के दौरान जब ऑफलाइन कोचिंग सेंटर बंद हो गए, तब उन्होंने KD Live के जरिए लाखों छात्रों तक ऑनलाइन पहुंच बनाई. उनसे पढ़कर हजारों विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं पास कीं और अपने करियर को नई दिशा दी.
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