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NEET काउंसलिंग में शामिल होने वाले इन छात्रों पर लग जाएगा 1 साल का बैन, फीस भी नहीं होगी रिफंड

NEET Counselling 2026: NEET UG 2026 काउंसलिंग में उम्मीदवारों को सावधानी बरतनी होगी. MCC के नियमों के अनुसार कुछ गलतियों पर 1 साल का बैन और सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त हो सकता है. इस दौरान चॉइस फिलिंग और सीट जॉइनिंग में सतर्कता जरूरी है।

NEET काउंसलिंग में शामिल होने वाले इन छात्रों पर लग जाएगा 1 साल का बैन, फीस भी नहीं होगी रिफंड
NEET काउंसलिंग में की गई ये गलती पड़ सकती है भारी

NEET Counselling 2026: अगर आप NEET UG 2026 के बाद मेडिकल कॉलेज में एडमिशन के लिए काउंसलिंग में हिस्सा लेने जा रहे हैं, तो एक छोटी-सी गलती भी भारी पड़ सकती है. मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) ने साफ कर दिया है कि कुछ खास परिस्थितियों में उम्मीदवारों पर एक साल का बैन लगाया जा सकता है. इतना ही नहीं, काउंसलिंग के दौरान जमा की गई सिक्योरिटी डिपॉजिट भी वापस नहीं मिलेगी. ऐसे में चॉइस फिलिंग से लेकर सीट जॉइन करने तक हर कदम सोच-समझकर उठाना जरूरी है.

इस राउंड के बाद एडमिशन लेना जरूरी

MCC के नियमों के मुताबिक, सबसे ज्यादा सख्ती स्ट्रे वैकेंसी राउंड (Stray Vacancy Round) में रखी गई है. अगर किसी उम्मीदवार को इस राउंड में सीट अलॉट हो जाती है और वह तय समय के भीतर कॉलेज में रिपोर्ट नहीं करता या सीट जॉइन नहीं करता, तो उस पर अगले एक शैक्षणिक सत्र की MCC काउंसलिंग से डिबार किए जाने की कार्रवाई हो सकती है. साथ ही उसकी सिक्योरिटी डिपॉजिट भी जब्त की जा सकती है.

फीस क्यों नहीं होगी रिफंड?

काउंसलिंग के दौरान उम्मीदवारों से सिक्योरिटी डिपॉजिट ली जाती है. इसका मकसद सीट ब्लॉक करने की प्रवृत्ति को रोकना है. अगर कोई उम्मीदवार नियमों का पालन नहीं करता या स्ट्रे वैकेंसी राउंड में सीट मिलने के बाद एडमिशन नहीं लेता, तो यह राशि जब्त की जा सकती है. MCC ने इस बार काउंसलिंग प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई बदलाव भी किए हैं. अब सीट अपग्रेड, ऑनलाइन रिजाइनेशन, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और NRI कोटा से जुड़ी कई प्रक्रियाएं पहले से ज्यादा डिजिटल कर दी गई हैं. इसका मकसद उम्मीदवारों को बार-बार कॉलेज जाने की जरूरत कम करना और पूरी प्रक्रिया को ज्यादा पारदर्शी बनाना है.

काउंसलिंग में ये गलती न करें

बेहतर होगी कि चॉइस फिलिंग करते समय सिर्फ उन्हीं कॉलेजों और कोर्स का विकल्प चुनें, जहां एडमिशन लेने के लिए आप वास्तव में तैयार हों. खासकर स्ट्रे वैकेंसी राउंड में सीट मिलने के बाद पीछे हटना महंगा पड़ सकता है. इसलिए हर राउंड के नियम और समय-सीमा को ध्यान से पढ़ने के बाद ही फैसला लें. यह कार्रवाई हर उम्मीदवार पर अपने आप लागू नहीं होती. बैन और सिक्योरिटी डिपॉजिट जब्त होने का नियम खास परिस्थितियों और संबंधित काउंसलिंग राउंड के नियमों के आधार पर लागू किया जाता है. इसलिए आवेदन करने से पहले MCC का इन्फॉर्मेशन बुलेटिन और संबंधित राउंड के दिशा-निर्देश जरूर पढ़ लें.

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