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लेट आने वाले छात्रों की अंडरटेकिंग और राजनीतिक रैलियों पर रोक, NTA सुधारों पर आईं ये सिफारिशें

NTA Reforms Parliamentary Panel Report: एनटीए में सुधारों को लेकर संसदीय समिति ने रिपोर्ट पेश की है, जिसमें कई तरह की सिफारिशें हैं. उन छात्रों को भी राहत देने की बात कही गई है, जो किसी वजह से एग्जाम के दिन देरी से पहुंचते हैं और उन्हें एंट्री नहीं दी जाती.

लेट आने वाले छात्रों की अंडरटेकिंग और राजनीतिक रैलियों पर रोक, NTA सुधारों पर आईं ये सिफारिशें
NTA में सुधारों को लेकर संसदीय समित के सुझाव

NEET पेपर लीक के बाद से ही नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में कई सुधार हुए हैं. इसके लिए नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में एक हाई पावर कमेटी भी बनाई गई है. इसी बीच संसदीय समिति की तरफ से भी एनटीए में सुधारों को लेकर कई तरह के सुझाव दिए हैं, जिनमें देरी से एग्जाम सेंटर पहुंचने वाले छात्रों को एंट्री देने से लेकर बड़ी परीक्षा के दिन राजनीतिक रैलियों पर रोक जैसी बातें कही गई हैं. ये सिफारिश राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक की अध्यक्षता वाली शिक्षा, महिला, बच्चे, युवा और खेल संबंधी संसदीय समिति ने राज्यसभा के सभापति को NTA में सुधार और उसे मजबूत बनाने पर रिपोर्ट सौंपते हुए की.

NTA पर उठते सवालों के बीच रिफॉर्म पर बात

ये रिपोर्ट NEET पेपर लीक विवाद और NTA में कथित प्रशासनिक कमियों के बाद आई है, जिसके चलते देश भर में छात्र प्रदर्शन हुए थे और तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा था. इस रिपोर्ट में कई तरह के सुधारों की बात कही गई है और इन्हें लेकर सिफारिश की गई है. 

संसदीय समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा, "परीक्षा के दिन सार्वजनिक रैलियां, जुलूस या बड़ी सभाएं होने से छात्र परीक्षा केंद्र पर लेट हो सकते हैं और उनकी रिपोर्टिंग छूट सकती है. इसीलिए 'सार्वजनिक परीक्षाएं (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 में संशोधन किया जाए, जिससे जिले के प्रशासन को ये निर्देश दिया जाए कि वो परीक्षा वाले दिन किसी भी रैली या जुलूस की इजाजत न दें. इसके अलावा ट्रैफिक और कानून-व्यवस्था की ऐसी पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, जिससे किसी भी छात्र को कोई भी परेशानी न हो." 

देरी से पहुंचने वाले छात्रों के लिए नियम

संसदीय समिति की तरफ से परीक्षा के दिन कुछ मिनट की देरी से पहुंचने वाले छात्रों को भी राहत देने की सिफारिश की गई है. इसके लिए अंडरटेकिंग का नियम लागू करने पर विचार करने के लिए कहा गया है. इसमें बताया गया कि परीक्षा केंद्रों पर कुछ मिनट की देरी से पहुंचने वाले छात्रों को अक्सर सीधे तौर पर एंट्री देने से मना कर दिया जाता है, जिससे एक छोटी सी देरी के कारण उनकी साल भर की मेहनत बर्बाद हो जाती है.

कमेटी की तरफ से कहा गया कि देरी की कई असली वजहें हो सकती हैं. ऐसे में एक ऐसा सिस्टम विकसित किया जाना चाहिए जिसके तहत छात्रों से एक अंडरटेकिंग पर हस्ताक्षर करवाकर उन्हें परीक्षा हॉल में एंट्री दी जाए. हालांकि, ऐसे छात्रों को बिना किसी एक्स्ट्रा टाइम के सिर्फ बचे हुए समय में ही परीक्षा देने की इजाजत दी जाए.

परीक्षा के दौरान कागजी कार्रवाई पर रोक

संसदीय समिति की तरफ से एक सिफारिश ये भी की गई है कि परीक्षा के वक्त इनविजिलेटर अक्सर कागजी चीजों में ही व्यस्त रहते हैं, जिससे छात्रों का कीमती वक्त बर्बाद होता है. समिति ने सलाह दी है कि सिग्नेचर और चेकिंग की औपचारिकता पूरी करने के लिए आखिर में अलग से 15 मिनट की विंडो रखी जानी चाहिए. 

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