विज्ञापन

पेन-पेपर नहीं कंप्यूटर पर हों एग्जाम, अटेंप्ट और एज लिमिट भी हो... NTA के लिए समिति ने क्या-क्या सिफारिशें कीं

शिक्षा मंत्रालय की समिति ने NTA में सुधार के लिए अपनी सिफारिशें की रिपोर्ट सौंप दी हैं. इसमें NTA में सुधार के लिए कई सारी सिफारिशें की गई हैं.

पेन-पेपर नहीं कंप्यूटर पर हों एग्जाम, अटेंप्ट और एज लिमिट भी हो... NTA के लिए समिति ने क्या-क्या सिफारिशें कीं
NTA में कर्मचारी बढ़ाने की सिफारिश भी की गई है. (सांकेतिक तस्वीर)
NDTV
नई दिल्ली:

शिक्षा मंत्रालय से जुड़ी संसद की स्थायी समिति ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी NTA में बड़े सुधारों की सिफारिश की है. समिति ने कहा है कि नीट यूजी को चरणबद्ध ढंग से कंप्यूटर आधारित टेस्ट यानी सीबीटी में बदला जाए. साथ ही, देश भर में एक हजार सरकारी सुरक्षित परीक्षा केंद्र बनाए जाएं. समिति ने उम्मीदवारों की आयु और परीक्षा के लिए प्रयासों की सीमा तय करने का सुझाव भी दिया है.

समिति ने कहा कि जेईई मेन, नीट यूजी, यूजीसी नेट और सीयूईटी जैसी प्रमुख राष्ट्रीय परीक्षाएं आयोजित करने वाले NTA की साख और उसमें लोगों का विश्वास बहाल करने के लिए बड़े सुधारों की आवश्यकता है. इसके लिए समिति ने NTA संरचनात्मक, तकनीकी और प्रशासनिक सुधार पर जोर दिया है.

रिपोर्ट की सबसे महत्वपूर्ण सिफारिशों में से एक नीट यूजी को पेन-एंड-पेपर (ओएमआर) मोड से हटाकर सीबीटी यानी कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट मोड में ले जाना है. समिति ने जोर देकर कहा कि इस बदलाव के साथ-साथ डिजिटल बुनियादी ढांचे, विशेष रूप से टियर-2, टियर-3 शहरों और ग्रामीण इलाकों में बड़ा निवेश किया जाना चाहिए. 

समिति ने क्या सिफारिशें कीं?

समिति ने डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय विशेषज्ञ समिति की उस सिफारिश का समर्थन किया, जिसमें 1,000 सुरक्षित सरकारी CBT केंद्र स्थापित करने की बात कही गई थी.

इसके अलावा, हर जिले में कम से कम एक परीक्षा केंद्र होने और छात्रों को पूर्ण बदलाव से पहले मॉक टेस्ट देने का अवसर प्रदान करने की सिफारिश की गई है.

रिपोर्ट में कहा गया कि बायोमेट्रिक सत्यापन, मोबाइल जैमर और एआई आधारित सीसीटीवी निगरानी जैसे उपायों के बावजूद परीक्षा प्रणाली में और गहरे सुधारों की आवश्यकता है.

पेपर लीक रोकने के लिए क्या?

पेपर लीक रोकने के लिए समिति ने एक बड़ा और लगातार अपडेट होने वाला 'क्वेश्चन बैंक' बनाने और डिजिटल टूल्स के जरिए परीक्षा की तारीख के करीब ही पेपर जनरेट करने का सुझाव दिया. 

साथ ही, ब्लैकलिस्ट की गई एजेंसियों को दूसरी जगह काम मिलने से रोकने के लिए एक 'ब्लैकलिस्टेड परीक्षा विक्रेताओं का राष्ट्रीय रजिस्टर' बनाने का प्रस्ताव दिया.

अटेंप्ट और एज की लिमिट भी हो

समिति ने नीट यूजी में आयु सीमा या प्रयासों की संख्या पर कोई प्रतिबंध न होने पर चिंता व्यक्त की. रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि 70 वर्ष से अधिक आयु के उम्मीदवार भी इस परीक्षा में शामिल हुए हैं. 

समिति ने शिक्षा मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय को इसके लिए उचित आयु और प्रयासों की सीमा तय करने पर विचार करने को कहा.

22 लाख से अधिक उम्मीदवारों की संख्या को देखते हुए समिति ने नीट को दो चरणों में आयोजित करने की संभावना तलाशने का भी सुझाव दिया.

NTA में कर्मचारी बढ़ाए जाएं

कर्मचारियों की कमी को उजागर करते हुए रिपोर्ट में बताया गया कि एनटीए के 39 स्वीकृत पदों में से केवल 23 पद ही भरे हुए हैं. 

समिति ने एनटीए से केवल प्रतिनियुक्ति वाले अधिकारियों पर निर्भर रहने के बजाय साइकोमेट्रिक्स, परीक्षा सुरक्षा, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा एनालिटिक्स में अपना स्थायी कैडर बनाने का आग्रह किया.

समिति ने कोचिंग संस्कृति की आलोचना करते हुए कहा कि परीक्षा का पैटर्न अक्सर वास्तविक समझ के बजाय कोचिंग तकनीकों को बढ़ावा देता है. सिफारिश की गई कि परीक्षाएं स्कूली पाठ्यक्रम के अनुकूल रहें और कोचिंग संस्थानों की फीस, सुरक्षा मानकों व छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाए.

भविष्य की दिशा तय करते हुए समिति ने एआई आधारित कंप्यूटर एडेप्टिव टेस्टिंग यानी सीएटी अपनाने, साइबर सुरक्षा टीम को मजबूत करने और यूपीएससी की तर्ज पर परीक्षा परिणामों और गड़बड़ियों की रिपोर्ट सार्वजनिक कर पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर दिया.

पूरी स्टोरी पढ़ें

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे:
NTA, NEET Paper Leak, NEET UG, National Testing Agency, Education News
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com