IIT बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. इन्हें लेकर परिवार और बाकी तमाम छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और कड़े नियम बनाने की मांग हो रही है. इसी बीच साहिल के परिवार ने जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न के आरोप भी लगाए हैं, जिसके बाद पुलिस ने एससी-एसटी एक्ट के तहत भी मामला दर्ज कर लिया है. ऐसे में जातिगत भेदभाव को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है, कई लोग इसे लेकर मशहूर टीचर विकास दिव्यकीर्ति का एक वीडियो शेयर कर रहे हैं, जिसमें वो इस तरह के मामलों का जिक्र कर रहे हैं. इस दौरान विकास दिव्यकीर्ति ने 2012 के चर्चित मामले का जिक्र किया, जिसमें जाति देखकर कई छात्रों को फेल कर दिया गया और फिर मुंगेकर कमेटी ने इस पूरे मामले का खुलासा किया था.
2012 में क्या हुआ था?
ये पूरा मामला दिल्ली के वर्धमान महावीर डेंटल कॉलेज से जुड़ा था. यहां एक शिकायत आई की SC-ST के छात्रों को फजियोलॉजी की लिखित परीक्षा में जानबूझकर फेल किया गया है. इसके बाद विवाद बढ़ा तो एक कमेटी बनाई गई, जिसकी अध्यक्षता डॉ. भालचंद्र मुंगेकर ने की थी. इसीलिए इस कमेटी को मुंगेकर कमेटी के नाम से जाना जाता है. इस कमेटी ने पाया कि आरोप सही थे और कॉपियों पर जाति के हिसाब से टैगिंग हुई थी और जानबूझकर फेल किया गया था.
मुंगेकर कमेटी ने क्या कहा था?
मुंगेकर कमेटी की रिपोर्ट में बताया गया कि संस्थान में इन छात्रों के साथ भेदभाव और असमान व्यवहार किया जाता था. रिपोर्ट के अनुसार, कई SC/ST छात्रों को प्रैक्टिकल परीक्षाओं और इंटरनल असेसमेंट में जानबूझकर कम नंबर दिए गए या फेल कर दिया गया. कमेटी ने रिपोर्ट में ये भी कहा कि कुछ शिक्षकों का रवैया इस वर्ग के छात्रों के लिए पूर्वाग्रह से ग्रसित था, जिससे छात्र मानसिक दबाव और हीन भावना महसूस करते थे. बाद में कोर्ट की निगरानी में इसी विषय की परीक्षा करवाई गई, जिसमें वो सभी छात्र पास हो गए, जिन्हें फेल कर दिया गया था.
क्या बोले विकास दिव्यकीर्ति?
जातिगत भेदभाव को लेकर ANI को दिए गए एक इंटरव्यू में विकास दिव्यकीर्ति ने बताया था कि 2007 में एम्स को लेकर थोराट कमेटी ने ऐसे कई खुलासे किए थे, जो हैरान करने वाले थे. यहां कई छात्रों ने जातिगत भेदभाव को लेकर शिकायतें की थीं. बताया गया कि ऐसे छात्रों को सबसे ऊपरी दो फ्लोर पर रखा गया. जांच के बाद ये आरोप कुछ हद तक सही पाए गए. इसके बाद विकास दिव्यकीर्ति ने मुंगेकर कमेटी का जिक्र किया और वही कहानी बताई, जो हमने ऊपर आपको बताया है. अब उनका ये पुराना वीडियो IIT बॉम्बे में छात्र की मौत के बाद खूब शेयर किया जा रहा है.
IIT बॉम्बे की तरफ से अपने बयान में बताया गया था कि छात्र साहिल एग्जाम के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल कर रहा था, जिसके बाद उसे समझाया गया. इसी दिन शाम को हॉस्टल रूम में उसे मृत पाया गया. हालांकि परिवार और बाकी छात्रों ने जातिगत भेदभाव से लेकर मेंटल प्रेशर के आरोप लगाए, जिसके बाद इन सभी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है और जांच जारी है.
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