IIT Suicide Statistics : देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IIT) में छात्रों की आत्महत्या के मामलों ने एक बार फिर गंभीर चिंता खड़ी कर दी है. हाल ही में, IIT बॉम्बे में सेकेंड ईयर के एक 19 साल के स्टूडेंट ने परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन (ChatGPT) का इस्तेमाल करने के कुछ ही घंटों बाद कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. इस घटना के बाद कैंपस में भारी आक्रोश देखा गया और 400 से अधिक छात्रों ने विरोध-प्रदर्शन किया, जिसके चलते चल रही मिड-सेमेस्टर परीक्षाओं को टालना पड़ा.
संस्थान के आधिकारिक बयान के अनुसार, छात्र को परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़ा गया था और उसने जवाब पाने के लिए क्वेश्च्न पेपर को ChatGPT पर अपलोड किया था.
साल 2026 में IIT बॉम्बे में आत्महत्या की तीसरी घटना
यह साल 2026 में IIT बॉम्बे के भीतर हुई इस तरह की तीसरी दुखद घटना है.
सितंबर 202618 सितंबर को परीक्षा हॉल में मोबाइल के इस्तेमाल के विवाद के कुछ घंटों बाद दूसरे साल के छात्र ने की आत्महत्या .
जुलाई 2026फरवरी 2026इंजीनियरिंग के दूसरे साल के 21 वर्षीय छात्र ने हॉस्टल की छत से कूदकर आत्महत्या की.
दो दशकों में 115 IIT छात्रों ने गंवाई जान
IIT कानपुर के पूर्व छात्र और 'ग्लोबल IIT एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप' के संस्थापक धीरज सिंह द्वारा दायर आरटीआई (RTI) से मिले आंकड़े डराने वाले हैं-
वर्ष 2005 से 2024 के बीच देश भर के IIT संस्थानों में कुल 115 छात्रों ने आत्महत्या की. इनमें से 98 मामले कैंपस के अंदर और 17 मामले कैंपस के बाहर के थे. आत्महत्या के सबसे ज्यादा 26 मामले IIT मद्रास में दर्ज किए गए. इसके बाद IIT कानपुर में 18, IIT खड़गपुर में 13 और IIT बॉम्बे में 10 छात्रों की मौत के मामले सामने आए.
आत्महत्या के बड़े कारण
विभिन्न IIT छात्र संगठनों द्वारा किए गए आंतरिक सर्वे के अनुसार, 61% लोगों का मानना था कि छात्रों की मौत की मुख्य वजह पढ़ाई का ज्यादा तनाव (एकेडमिक स्ट्रेस) था. इसके बाद भविष्य को लेकर अनिश्चितता (12%), पारिवारिक समस्याएं (10%) और उत्पीड़न (6%) जैसे कारण सामने आए.
IIT दिल्ली में भी चिंताजनक हालात
महज एक महीने पहले IIT दिल्ली में भी ऐसी ही एक दुखद घटना सामने आई थी. आंकड़ों के मुताबिक, साल 2023 से लेकर अब तक IIT दिल्ली के 8 छात्र आत्महत्या कर चुके हैं:
डिप्रेशन और एंग्जायटीऋषिकेश (MSc फिजिक्स - अगस्त 2026), हर्षित स्वामी (BTech सिविल - 12 मार्च 2026), आयुष सिंघल (PhD बायोमेडिकल - 4 जून 2025), कुमार यश (MSc - 22 अक्टूबर 2024): मनोरोग का इलाज चल रहा था,
फैकल्टी द्वारा कथित उत्पीड़नवरद संजय नेरकर (MTech - 15 फरवरी 2024)
अन्य मामलों मेंप्रणव जैन (नवंबर 2023), अनिल कुमार (सितंबर 2023) और आयुष आशना (जुलाई 2023) शामिल हैं, जहां परीक्षा में नाकामी या तनाव मुख्य वजह रहे.
IIT दिल्ली की आंतरिक कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार, इन घटनाओं के पीछे कोचिंग के बाद का बर्नआउट, "खतरनाक कंपटीशन" को बढ़ावा देने वाला ग्रेडिंग सिस्टम, लगातार अकादमिक दबाव और जाति-लिंग आधारित भेदभाव प्रमुख कारक हैं.
राज्यसभा के आंकड़े: केंद्रीय शिक्षण संस्थानों का हाल
जुलाई 2023 में संसद (राज्यसभा) में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार, देश के केंद्रीय शिक्षण संस्थानों में आत्महत्या के आंकड़े इस प्रकार रहे हैं
- 2018: कुल 21 (IIT - 8)
- 2019: कुल 19 (IIT - 8)
- 2020: कुल 7 (IIT - 3)
- 2021: कुल 7 (IIT - 4)
- 2022: कुल 24 (IIT - 9)
- 2023: कुल 20 (IIT - 7)
इन लगातार बढ़ती घटनाओं ने एकेडेमिक्स, नीति निर्माताओं और संस्थानों के प्रबंधन के सामने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि इन उच्च शिक्षण संस्थानों में मेंटल हेल्थ सपोर्ट सिस्टम को कैसे अधिक प्रभावी बनाया जाए.
यह भी पढ़ें- UGC ने बदला नियम, अब MPT और MOT की डिग्री सिर्फ नाम की नहीं, स्पेशलाइजेशन के साथ मिलेगी
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं