IIT बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद हुए बवाल और विरोध प्रदर्शन के बीच संस्थान ने मिड सेमेस्टर एग्जाम को टाल दिया है. ये वही एग्जाम हैं, जिसमें साहिल को कथित तौर पर नकल करते हुए पकड़ा गया था, जिसके बाद उसने खुदकुशी कर ली. फिलहाल ये नहीं बताया गया है कि कब और किस तारीख से दोबारा एग्जाम शुरू होंगे. मामला शांत होने के बाद ही परीक्षा कराई जाएगी. फिलहाल संस्थान छात्रों को शांत करने और उन्हें भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहा है.
कैंपस में जमकर बवाल
18 सितंबर को 19 साल के छात्र साहिल की मौत के बाद से ही आईआईटी कैंपस में खूब बवाल मच रहा है. छात्र लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं और कई तरह के गंभीर आरोप भी लगाए जा रहे हैं. इसी बीच एक प्रोफेसर को सस्पेंड किया गया और पुलिस मामले की जांच कर रही है. आईआईटी बॉम्बे की तरफ से मामले के तुरंत बाद बताया गया था कि साहिल को एग्जाम के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था. इसके बाद उनकी काउंसलिंग भी हुई और बताया गया कि उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी. इसी शाम को साहिल ने अपने हॉस्टल रूम में खुदकुशी कर ली.
परिवार ने लगाए हैं गंभीर आरोप
साहिल के परिवार ने संस्थान के प्रोफेसर सूर्य नारायण दूल्ला और प्रशासन पर जातिगत भेदभाव और मानसिक दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं. प्रोफेसर दूल्ला परीक्षा के दौरान इनविजिलेटर का काम कर रहे थे और साहिल को उन्होंने ही मोबाइल फोन इस्तेमाल करते हुए पकड़ा था. इसका वीडियो भी अब सामने आया है. फिलहाल पुलिस ने इस मामले में आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है.
छात्रों की सभी मांगों को माना गया
साहिल की मौत के बाद आईआईटी के छात्रों ने अपनी 18 मांगें प्रशासन के सामने रखीं थीं, इनमें से सभी को तुरंत मान लिया गया था. छात्रों ने संस्थान में मेंटल हेल्थ को लेकर व्यवस्था बनाने और काउंसलिंग को मजबूत करने की बात कही है. इसके अलावा प्रोफेसर दूल्ला पर भी कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
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