किसान की बेटी जब अफसर बनती है तो उसकी चर्चा हर तरफ होती है. बिहार कैडर की एक ऐसी ही अधिकारी का नाम अक्सर सुर्खियों में रहता है, जिन्होंने IAS बनने के लिए अपनी लाखों के पैकेज वाली नौकरी को छोड़ दिया और अपने सपने को साकार किया. 2024 बैच की आईएएस अधिकारी प्रिया रानी की कहानी काफी दिलचस्प है, जिन्हें अपनी पहली पोस्टिंग SDM सासाराम के तौर पर मिली है. बीटेक की पढ़ाई के बाद कैसे प्रिया रानी की नौकरी लगी और फिर उन्होंने सिविल सर्विस में जाने का फैसला क्यों लिया... आइए जानते हैं.
कौन हैं प्रिया रानी?
प्रिया रानी बिहार के पटना में फुलवारी शरीफ के कुरकुरी गांव से ताल्लुक रखती हैं. उनका जन्म एक साधारण परिवार में हुआ, पिता किसान थे और मां घर संभालती हैं. प्रिया शुरुआत से ही पढ़ाई में काफी अच्छी थीं. 12वीं के बाद उन्होंने रांची के BIT से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में बीटेक किया. इंजीनियरिंग पूरी होने के बाद उन्हें बेंगलुरु की एक बड़ी कंपनी से ऑफर आया और सैलरी पैकेज भी लाखों में था. हालांकि नौकरी में प्रिया का ज्यादा दिन मन नहीं लगा और उन्होने यूपीएससी की तैयारी करने की सोची, इसके लिए वो दिल्ली आ गईं.
युवा अधिकारी की कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी
IAS की ट्रेनिंग पूरी करने के बाद प्रिया रानी की पहली पोस्टिंग सासाराम में बतौर एसडीएम हुई. ये एक बड़ा जिला है, ऐसे में प्रिया रानी के कंधों पर जिम्मेदारी भी काफी बड़ी है. बिहार के तमाम युवाओं में प्रिया रानी की कहानी काफी पॉपुलर है और उनकी ये कहानी यूपीएससी की तैयारी करने वाली लड़कियों के लिए किसी प्रेरणा से कम नहीं है.
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