शाहरुख खान की फिल्म 'स्वदेश' देखकर कोई वापस अपने वतन लौट सकता है, ये शायद ही आपने कभी सोचा होगा. IIT-JEE 2000 में ऑल इंडिया टॉपर नितिन गुप्ता ने वाकई ऐसा कर दिखाया. विदेश में अच्छी नौकरी और सैलरी पैकेज छोड़कर उन्होंने भारत में ही नौकरी करने का फैसला किया. नितिन साल 2014 में आईआईटी कानपुर लौट गए और अब यहां मच्छरों का दिमाग पढ़ने की कोशिश कर रहे हैं. आज हम आपको उनकी सक्सेस स्टोरी बताएंगे, साथ ही ये भी जानेंगे कि आखिर ये टॉपर भारत में क्या-क्या काम कर रहा है.
IIT कानपुर से की पढ़ाई
JEE में पहली रैंक लाने के बाद नितिन गुप्ता ने IIT कानपुर में एडमिशन लिया और यहां से कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई की. इसके बाद उन्होंने टेक इंडस्ट्री में नौकरी करने की बजाय प्रोफेसर बनने का फैसला कर लिया. उनकी दिलचस्पी बायोलॉजी में काफी ज्यादा थी, ऐसे में उन्होंने यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया से 2009 में बायोइंफॉर्मेटिक्स और सिस्टम्स बायोलॉजी में PhD पूरी की.
अपने ही संस्थान में मिली नौकरी
नितिन खुद बताते हैं कि विदेश में नौकरी करने के दौरान जब उन्होंने शाहरुख खान की स्वदेश फिल्म देखी तो उसने उनका मन बदल दिया और वो भारत लौट आए. उन्होंने उसी संस्थान में नौकरी शुरू की, जहां वो कभी बतौर छात्र पढ़ने गए थे. 2014 में नितिन ने IIT कानपुर के बायोलॉजिकल साइंसेज एंड बायोइंजीनियरिंग विभाग में फैकल्टी के पद पर नौकरी ज्वाइन की.
जीवों का दिमाग पढ़ने का काम
नितिन गुप्ता आईआईटी कानपुर में ये स्टडी कर रहे हैं कि हमारा नर्वस सिस्टम काम कैसे करता है. जब भी कोई गंध का संकेत दिमाग में जाता है तो कैसे दिमाग उसे व्यवहार में बदल देता है. इसके लिए वो मच्छरों, टिड्डियों और मक्खियों पर रिसर्च करते हैं. नितिन गुप्ता की लैब ने मच्छरों के दिमाग के उस हिस्से को रीड किया, जो गंध को प्रोसेस करता है. यानी इंसानी पसीने की गंध से आकर्षित होना और मॉस्किटो रिपेलेंट की महक से दूर भागना...उनकी पब्लिश स्टडी में बताया गया कि मच्छर का दिमाग इसके लिए न्यूरॉन्स के कॉम्बिनेशन का इस्तेमाल करता है.
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