Mental Health Study : दिमाग और मेंटल हेल्थ से जुड़े चैलेंजेज दुनिया भर में बढ़ रही हैं. इन्हीं चुनौतियों को बेहतर ढंग से समझने और समाधान खोजने के लिए यूनिवर्सिटी ऑफ कैम्ब्रिज ने नए Cambridge Mind and Brain Institute (CMBI) की घोषणा की है. यह इंस्टीट्यूट अप्रैल 2027 में आधिकारिक रूप से शुरू होगा और जीवन के हर स्टेप में ब्रेन और मेंटल हेल्थ पर रिसर्च करेगा. तो चलिए जानते हैं यह इंस्टीट्यूट्स किस पर रिसर्च करेगा और क्या-क्या कोर्स अवलेवल होंगें.
क्यों खास है नया Cambridge Mind and Brain Institute?यूनिवर्सिटी के अनुसार, यह इंस्टीट्यूट कई सब्जेक्ट्स के एक्सपर्ट्स, शोधकर्ताओं, डॉक्टरों, नीति निर्माताओं, मरीजों और देखभाल करने वालों को एक मंच पर लाएगा. इसका उद्देश्य यह समझना है कि लोगों में मेंटल और कॉग्निटिव समस्याएं क्यों विकसित होती हैं और अलग-अलग सिचुएशन में लोगों के रिएक्शन अलग क्यों होती है.
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कैम्ब्रिज का कहना है कि आज के समय में डिजिटल लाइफस्टाइल, खराब खानपान, बॉडी इनएक्टिव होने के कारण, गंभीर या लंबे समय तक चलने वाली बीमारियां, जलवायु परिवर्तन, संघर्ष और सामाजिक बदलाव जैसे कई कारक दिमागी स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहे हैं. हालांकि वैज्ञानिक अभी तक पूरी तरह यह नहीं समझ पाए हैं कि ये कारण मस्तिष्क और भावनात्मक स्वास्थ्य पर किस तरह असर डालते हैं. इसी वजह से कई न्यूरोलॉजिकल और मेंटल हेल्थ स्थिस्थितियों के मौजूदा इलाज अपेक्षित परिणाम नहीं दे पाते.
शोधकर्ताओं को मिलेंगी मॉडर्न रिसर्च फैसिलिटीनए संस्थान में शोधकर्ताओं को अत्याधुनिक न्यूरोइमेजिंग और ब्रेन स्टिमुलेशन टेक्नीक्स तक पहुंच मिलेगी. साथ ही टेक्किनकल एक्सपर्ट, एडवांस रिसर्च मैथोडोलॉजी और वैज्ञानिक कंप्यूटिंग की सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी. इन सुविधाओं का लाभ व्यापक शोध करने वाला वर्ग भी उठा सकेगा.
NeuroAI समेत नए कोर्सों में मिलेगा एडमिशनइस साल शरद सत्र (Autumn Term) से यूनिवर्सिटी दो महत्वपूर्ण पोस्टग्रेजुएट प्रोग्राम में स्टूडेंट्स का स्वागत करेगा. इनमें नया MPhil in NeuroAI and Intelligent Systems और पहले से संचालित MPhil in Cognitive Neurosciences शामिल हैं. इन कोर्सों के जरिए स्टूडेंट्स को मॉडर्न न्यूरोसाइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ब्रेन रिसर्च से जुड़ी नई टेक्नोलॉजी का ट्रेनिंग दिया जाएगा.
वाइस-चांसलर ने क्या कहा?यूनिवर्सिटी की वाइस-चांसलर प्रोफेसर डेबोरा प्रेंटिस ने कहा कि यह इंस्टीट्यूट्स वर्ल्ड क्लास रिसर्च सुविधाओं और मरीजों के वास्तविक अनुभवों को एक साथ जोड़ेगा. उनका मानना है कि दिमाग और मेंटल हेल्थ से जुड़े रहस्यों को समझकर लोगों को जीवन के हर स्टेप में बेहतर सहायता उपलब्ध कराई जा सकेगी.
आम लोगों को भी शोध से जोड़ा जाएगासंस्थान वीकली लेक्चर, रिसर्च वर्कशॉप, पोस्टडॉक्टरल शोधकर्ताओं के लिए विशेष कार्यक्रम और पब्लिक पार्टिसिपेशन एक्टिविटीज का भी आयोजन करेगा. इसके जरिए आम लोगों को भी ब्रेन और मेंटल हेल्थ से जुड़े शोध कार्यों से जोड़ा जाएगा.
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