विराट कोहली अन्य क्रिकटरों से अलग क्यों हैं? इसका ताजा उदाहरण न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में देखने को मिला है. बारिश की दो बूंदें गिरी नहीं थी कि वह अपने बल्ले को टी-शर्ट के अंदर डालकर छुपाने लगे. वहीं भारतीय कप्तान शुभमन गिल को कोई खौफ नहीं था कि उनका बल्ला भीग भी जाए तो कोई परेशानी होगी. कोहली के खेल के प्रति इसी समर्पण ने गौरव कपूर को काफी प्रभावित किया है.
गौरव कपूर का जन्म 11 अप्रैल साल 1981 में देश की राजधानी दिल्ली में हुआ था. वह भारत के मशहूर टेलीविजन एंकर, क्रिकेट प्रेजेंटर, यूट्यूबर, अभिनेता और स्टैंड-अप कॉमेडियन हैं. मौजूदा समय में उन्हें टेलीविजन पर ज्यादातर एंकरिंग करते हुए ही देखा जाता है.
कोहली और अन्य खिलाड़ियों के खेल भावना पर गौरव कपूर ने अपना विचार साझा करते हुए कहा, 'यह खिलाड़ी करीब दो दशक से क्रिकेट खेल रहा है. बारिश की सिर्फ दो-तीन बूंदें भी गिरती थी तो आप उन्हें अपना बल्ला टी-शर्ट के अंदर छिपाते हुए देख सकते थे, जबकि शुभमन गिल ऐसा करना भूल गए. यही चीज खेल के प्रति उनकी जागरूकता है.'
उन्होंने बताया, 'जब वह युवा थे. तब उनके सीनियर खिलाड़ी उन्हें शांतचित्त होकर खेलने की सलाह देते थे. मगर वह उस समय भी बड़े-बड़े गेंदबाजों की धुनाई कर देते थे.'
गौरव ने कहा, 'जब रोहित शर्मा और शिखर धवन जैसे बल्लेबाज 100 की स्ट्राइक रेट के साथ बल्लेबाजी करते थे. तब वह केवल 52 गेंदों में ही शतक जड़ दिया करते थे.'
एंकर के अनुसार, 'फिर एक वर्ल्ड कप आया और लोगों ने उनकी बल्लेबाजी पर सवाल खड़ा करना शुरु कर दिया. लोग कहने लगे कि वह तेज बल्लेबाजी नहीं कर सकते हैं.'
उन्होंने कहा, 'देखिए पूरी टीम 55 से 60 की स्ट्राइक रेट से खेल रही है. मगर वह किसी भी मैच में अपना स्ट्राइक रेट 100 से नीचे नहीं जाने दे रहे हैं. वह विराट कोहली है. वह जो चाहे कर सकते हैं. क्रिकेट उनके कदमों में है.'
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