
चेन्नई:
ऑस्ट्रेलियाई कप्तान माइकल क्लार्क भले ही सचिन तेंदुलकर की बल्लेबाजी का भरपूर लुत्फ उठाते हैं, लेकिन भारत के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की शृंखला में उनकी प्राथमिकता इस स्टार बल्लेबाज को ज्यादा रन बनाने से रोकना होगी।
क्लार्क ने कहा, आप सचिन तेंदुलकर के लिए जितने संभव हो, उतनी रणनीति बना सकते हैं, लेकिन वह महान खिलाड़ी हैं। मैंने जितने खिलाड़ी देखे हैं, उनमें वह महानतम हैं और मुझे हमेशा उनके खिलाफ खेलने में मजा आया। लंबे समय तक खेलना और लगातार अच्छा प्रदर्शन करना उनकी महानता की निशानी है।
उन्होंने कहा, मैंने ईरानी कप मैच में उनका शतक देखा। मैं उनकी बल्लेबाजी का मजा लेता हूं, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई कप्तान होने के नाते मैं यह सुनिश्चित करना चाहूंगा कि वह अधिक रन नहीं बनाएं। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को खुशी है कि उनकी टीम को इस शृंखला में राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को गेंदबाजी नहीं करनी होगी, जो पहले उनके खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं।
क्लार्क का मानना है कि भारत के युवा खिलाड़ी इस शृंखला में अपनी छाप छोड़ना चाहेंगे। उन्होंने कहा, हमारे लिए यह अच्छा है कि राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे महान खिलाड़ियों ने संन्यास ले लिया है। यह अच्छा है कि हमारे गेंदबाजों को उन्हें गेंदबाजी नहीं करनी पड़ेगी, लेकिन नए खिलाड़ी भी अपनी छाप छोड़ना चाहेंगे।
क्लार्क से पूछा गया कि क्या वह इंग्लैंड के भारत में प्रदर्शन से प्रेरणा लेना चाहेंगे, उन्होंने कहा, हमारे कई खिलाड़ियों ने उस सीरीज के मैच देखे थे, लेकिन हम जानते हैं कि भारत की टीम कितनी मजबूत है। जिस टीम में सचिन तेंदुलकर जैसा खिलाड़ी हो, उसे उसकी सरजमीं पर हराना आसान नहीं है। लेकिन मैंने उपमहाद्वीप में खेलने को लेकर एक बात सीखी है कि चाहे आप नंबर एक गेंदबाज हो या अपना पहला मैच खेल रहे हो, संयम और निरंतरता आप की सफलता की कुंजी होगी।
क्लार्क ने स्वीकार किया कि भारत के खिलाफ टेस्ट शृंखला में ऑस्ट्रेलिया की सफलता इस पर निर्भर करती है कि हम कैसे स्पिन खेलते हैं और कैसे स्पिन करते हैं। उन्होंने कहा, उनके पास अश्विन, ओझा, जडेजा हैं और मैं जानता हूं कि हरभजन की टीम में वापसी हुई है। उनके पास प्रतिभा की कमी नहीं है। हमें अश्विन पर करीबी नजर रखनी होगी, क्योंकि वह गेंद और बल्ले दोनों से अच्छा प्रदर्शन करता है।
क्लार्क इस बात से सहमत नहीं थे कि उनकी स्पिन तिकड़ी नाथन लियोन, जेवियर डोहर्टी और ग्लेन मैक्सवेल इंग्लैंड के ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की तुलना में कमजोर है। उन्होंने कहा, मैं वास्तव में उत्साहित हूं कि हमारे पास लियोन, डोहर्टी और मैक्सवेल जैसे स्पिनर हैं। वे इस तरह की परिस्थितियों में निश्चित तौर पर अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
क्लार्क ने कहा, आप सचिन तेंदुलकर के लिए जितने संभव हो, उतनी रणनीति बना सकते हैं, लेकिन वह महान खिलाड़ी हैं। मैंने जितने खिलाड़ी देखे हैं, उनमें वह महानतम हैं और मुझे हमेशा उनके खिलाफ खेलने में मजा आया। लंबे समय तक खेलना और लगातार अच्छा प्रदर्शन करना उनकी महानता की निशानी है।
उन्होंने कहा, मैंने ईरानी कप मैच में उनका शतक देखा। मैं उनकी बल्लेबाजी का मजा लेता हूं, लेकिन ऑस्ट्रेलियाई कप्तान होने के नाते मैं यह सुनिश्चित करना चाहूंगा कि वह अधिक रन नहीं बनाएं। ऑस्ट्रेलियाई कप्तान को खुशी है कि उनकी टीम को इस शृंखला में राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण को गेंदबाजी नहीं करनी होगी, जो पहले उनके खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं।
क्लार्क का मानना है कि भारत के युवा खिलाड़ी इस शृंखला में अपनी छाप छोड़ना चाहेंगे। उन्होंने कहा, हमारे लिए यह अच्छा है कि राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे महान खिलाड़ियों ने संन्यास ले लिया है। यह अच्छा है कि हमारे गेंदबाजों को उन्हें गेंदबाजी नहीं करनी पड़ेगी, लेकिन नए खिलाड़ी भी अपनी छाप छोड़ना चाहेंगे।
क्लार्क से पूछा गया कि क्या वह इंग्लैंड के भारत में प्रदर्शन से प्रेरणा लेना चाहेंगे, उन्होंने कहा, हमारे कई खिलाड़ियों ने उस सीरीज के मैच देखे थे, लेकिन हम जानते हैं कि भारत की टीम कितनी मजबूत है। जिस टीम में सचिन तेंदुलकर जैसा खिलाड़ी हो, उसे उसकी सरजमीं पर हराना आसान नहीं है। लेकिन मैंने उपमहाद्वीप में खेलने को लेकर एक बात सीखी है कि चाहे आप नंबर एक गेंदबाज हो या अपना पहला मैच खेल रहे हो, संयम और निरंतरता आप की सफलता की कुंजी होगी।
क्लार्क ने स्वीकार किया कि भारत के खिलाफ टेस्ट शृंखला में ऑस्ट्रेलिया की सफलता इस पर निर्भर करती है कि हम कैसे स्पिन खेलते हैं और कैसे स्पिन करते हैं। उन्होंने कहा, उनके पास अश्विन, ओझा, जडेजा हैं और मैं जानता हूं कि हरभजन की टीम में वापसी हुई है। उनके पास प्रतिभा की कमी नहीं है। हमें अश्विन पर करीबी नजर रखनी होगी, क्योंकि वह गेंद और बल्ले दोनों से अच्छा प्रदर्शन करता है।
क्लार्क इस बात से सहमत नहीं थे कि उनकी स्पिन तिकड़ी नाथन लियोन, जेवियर डोहर्टी और ग्लेन मैक्सवेल इंग्लैंड के ग्रीम स्वान और मोंटी पनेसर की तुलना में कमजोर है। उन्होंने कहा, मैं वास्तव में उत्साहित हूं कि हमारे पास लियोन, डोहर्टी और मैक्सवेल जैसे स्पिनर हैं। वे इस तरह की परिस्थितियों में निश्चित तौर पर अच्छा प्रदर्शन करेंगे।
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