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वैभव सूर्यवंशी का दबाव बढ़ा रहा है संजू सैमसन की मुश्किलें? पूर्व भारतीय स्टार का बड़ा दावा

वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले टी20 में 11 रन पर आउट होने के बाद संजू सैमसन एक बार फिर आलोचनाओं के केंद्र में हैं. हनुमा विहारी का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा खिलाड़ियों का दबाव उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर रहा है.

वैभव सूर्यवंशी का दबाव बढ़ा रहा है संजू सैमसन की मुश्किलें? पूर्व भारतीय स्टार का बड़ा दावा
संजू सैमसन के फॉर्म पर उठे सवाल

अफगानिस्तान के खिलाफ पहले टी20 मुकाबले में भारत ने शानदार जीत दर्ज की, लेकिन एक बार फिर संजू सैमसन का बल्ला खामोश रहा. 172 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने मैच आठ विकेट से जीत लिया, मगर सैमसन सिर्फ 11 रन बनाकर आउट हो गए. उनकी एक और नाकामी के बाद टीम में उनकी जगह को लेकर चर्चा तेज हो गई है. एशियन गेम्स के दौरान भी सैमसन का प्रदर्शन कुछ खास नहीं रहा था. उन्होंने तीन पारियों में 9, 7 और 2 रन बनाए थे. इसके अलावा पिछले महीने अफगानिस्तान के खिलाफ लगाई गई दो अर्धशतकीय पारियों को छोड़ दें तो 2026 टी20 वर्ल्ड कप के बाद से उनका प्रदर्शन लगातार सवालों के घेरे में रहा है.

भारत के लिए खेल चुके हनुमा विहारी ने भी सैमसन के फॉर्म और उन्हें लगातार मिल रहे मौकों पर अपनी राय रखी है. विहारी का मानना है कि सैमसन इस समय भारी दबाव में खेल रहे हैं और यही उनके प्रदर्शन को प्रभावित कर रहा है.

अपने यूट्यूब चैनल पर बातचीत के दौरान विहारी ने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि सैमसन को आखिर कितने और मौके मिलेंगे. उन्होंने कहा कि वह खुद सैमसन के बड़े प्रशंसक हैं और चाहते हैं कि वह सफल हों, लेकिन फिलहाल उनके खेल में आत्मविश्वास की कमी नजर आ रही है.

विहारी ने याद दिलाया कि सैमसन पहले भी सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि जब टीम में प्रतिस्पर्धा बढ़ जाती है तो उनका प्रदर्शन प्रभावित होता है. उनके मुताबिक जब टी20 विश्व कप से पहले ईशान किशन की टीम में वापसी हुई थी, तब भी सैमसन उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए थे. अब वैभव सूर्यवंशी जैसे युवा बल्लेबाज टीम में जगह बनाने के लिए दबाव बना रहे हैं, जिसका असर सैमसन पर दिख सकता है.

पूर्व भारतीय बल्लेबाज का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में मानसिक दबाव बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. उन्होंने कहा कि बाहर से देखने वालों को यह बात शायद समझ नहीं आती, लेकिन जो खिलाड़ी इस स्तर पर क्रिकेट खेल चुके हैं वे जानते हैं कि भारतीय टीम में अपनी जगह बचाए रखना कितना मुश्किल होता है. हर मैच और हर पारी आपके करियर की दिशा बदल सकती है.

विहारी ने कहा कि सैमसन अकेले ऐसे खिलाड़ी नहीं हैं जो इस स्थिति से गुजर रहे हों. उनकी जगह कोई भी बल्लेबाज होता तो उसे भी इसी तरह का दबाव महसूस होता. ऐसे हालात में खिलाड़ी को केवल अपने प्रदर्शन से जवाब देना पड़ता है.

हालांकि इस मुकाबले में सारी सुर्खियां कप्तान श्रेयस अय्यर के नाम रहीं. एशियन गेम्स से लौटने के 24 घंटे के भीतर टीम की कमान संभालने वाले अय्यर ने कप्तानी पारी खेली और सिर्फ 43 गेंदों में नाबाद 102 रन बना दिए. उन्होंने 42 गेंदों में अपना पहला टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक पूरा किया, जो इस प्रारूप में किसी भारतीय बल्लेबाज का छठा सबसे तेज शतक भी है.

अय्यर ने अपनी पारी में 10 चौके और 6 छक्के लगाए. उनके साथ ईशान किशन 37 रन बनाकर नाबाद लौटे. दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 137 रन की अविजित साझेदारी की और भारत ने 14.4 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया.

इससे पहले वेस्टइंडीज की ओर से शाई होप ने 52 और शेरफेन रदरफोर्ड ने 56 रन बनाए थे. एक समय टीम 135 रन पर 8 विकेट गंवा चुकी थी, लेकिन इन दोनों बल्लेबाजों ने स्कोर को 171 तक पहुंचाया. हालांकि भारतीय बल्लेबाजों के सामने यह स्कोर काफी नहीं था.

भारत और वेस्टइंडीज के बीच सीरीज का दूसरा मुकाबला अब शुक्रवार को रांची में खेला जाएगा. सभी की नजरें इस बात पर होंगी कि संजू सैमसन अगली पारी में बल्ले से जवाब दे पाते हैं या नहीं, क्योंकि टीम में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच उनका हर मैच बेहद अहम होता जा रहा है.

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