न्यूजीलैंड के खिलाफ 22 अक्टूबर से शुरू होने वाली T20 सीरीज के लिए भुवनेश्वर कुमार की भारतीय टीम में वापसी ने चयनकर्ताओं की सोच को लेकर नई चर्चा छेड़ दी है. पिछले करीब तीन साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से दूर रहने के बावजूद अनुभवी तेज़ गेंदबाज़ को टीम में जगह मिली है. पूर्व भारतीय बल्लेबाज़ वसीम जाफर का मानना है कि यह फैसला पूरी तरह प्रदर्शन के आधार पर लिया गया है और भुवनेश्वर इसकी पूरी तरह हकदार थे.
जाफर ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा कि भुवनेश्वर ने IPL और घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन किया है. ऐसे में उन्हें टीम में वापस बुलाया जाना कोई हैरानी की बात नहीं है. उन्होंने साफ कहा कि किसी खिलाड़ी को सिर्फ उम्र के आधार पर नज़रअंदाज़ नहीं किया जाना चाहिए, खासकर तब जब वह लगातार रन बना रहा हो या विकेट ले रहा हो.
जाफर के मुताबिक टीम इंडिया को सिर्फ युवा खिलाड़ियों के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता. बड़े टूर्नामेंटों में अनुभव की अहमियत अलग ही होती है. उन्होंने कहा कि जब मैच दबाव वाले हों तो अनुभवी खिलाड़ी टीम को संभालने का काम करते हैं. इसलिए चयनकर्ताओं को युवा जोश और अनुभव के बीच सही संतुलन बनाकर चलना चाहिए.
भुवनेश्वर की वापसी के साथ जाफर ने मौजूदा भारतीय तेज़ गेंदबाज़ी आक्रमण को लेकर भी सवाल खड़े किए. उन्होंने कहा कि जसप्रीत बुमराह के अलावा भारत के दूसरे और तीसरे प्रमुख तेज़ गेंदबाज़ कौन हैं, यह तस्वीर अभी भी पूरी तरह साफ नहीं है. यही वजह है कि मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज जैसे अनुभवी गेंदबाज़ों को लेकर चर्चा लगातार बनी हुई है.
जाफर का मानना है कि मोहम्मद शमी को खास तौर पर भारत की वनडे और टेस्ट योजनाओं का हिस्सा होना चाहिए. उन्होंने कहा कि 2027 वनडे वर्ल्ड कप अब ज्यादा दूर नहीं है और ऐसे समय में टीम मैनेजमेंट को अपने सबसे अनुभवी और गुणवत्ता वाले गेंदबाज़ों पर भरोसा बनाए रखना होगा. उनके मुताबिक भारत ने पिछले कुछ समय में कई नए तेज़ गेंदबाज़ों को मौका दिया है, लेकिन अभी तक कोई भी खिलाड़ी पूरी तरह से अपनी जगह पक्की करता नहीं दिखा है.
पूर्व बल्लेबाज़ ने कहा कि अगर उन्हें अपनी पसंद की तेज़ गेंदबाज़ी तिकड़ी चुननी हो तो वह जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद शमी और मोहम्मद सिराज को चुनेंगे. उनका मानना है कि बड़े टूर्नामेंटों में यही तिकड़ी भारत को सबसे ज्यादा संतुलन और अनुभव दे सकती है. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि शमी को जल्द ही टेस्ट टीम में वापसी का मौका मिलेगा. जाफर ने यह भी चेतावनी दी कि अगर आने वाले दौरों में भी शमी को लगातार नज़रअंदाज़ किया गया तो उनके लिए टीम इंडिया में वापसी की राह काफी मुश्किल हो सकती है.
NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं