भारत के पूर्व ओपनर आकाश चोपड़ा का मानना है कि वैभव सूर्यवंशी के लिए भारत की T20I प्लेइंग XI में जगह बनाना एक बहुत बड़ी चुनौती है, क्योंकि टीम के टॉप-ऑर्डर में पहले से ही कई स्थापित खिलाड़ी मौजूद हैं, जिससे 15 साल के इस युवा खिलाड़ी के लिए जगह नहीं बचती. सूर्यवंशी न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की T20I सीरीज के लिए भारतीय टीम का हिस्सा हैं, जो 22 नवंबर से शुरू हो रही है. हालांकि, वेस्टइंडीज के खिलाफ हाल ही में खत्म हुई घरेलू सीरीज में इस युवा खिलाड़ी को एक भी मौका नहीं मिला.
चोपड़ा का मानना है कि प्लेइंग XI में इस युवा खिलाड़ी का न होना उसकी काबिलियत की कमी के कारण नहीं, बल्कि टीम में जगह खाली न होने की वजह से है. उन्होंने सुझाव दिया कि टॉप-ऑर्डर के बल्लेबाजों को रोटेट (बारी-बारी से खिलाना) करके सूर्यवंशी को मौके दिए जा सकते हैं, हालांकि उन्होंने यह भी माना कि इस विचार को ज्यादा समर्थन नहीं मिला है.
वैभव सूर्यवंशी को मौका कब?
अपने यूट्यूब चैनल पर बात करते हुए, भारत के पूर्व बल्लेबाज से पूछा गया कि क्या तिलक वर्मा के लगातार अच्छा प्रदर्शन न कर पाने को देखते हुए, उनकी जगह सूर्यवंशी को प्लेइंग XI में शामिल किया जाना चाहिए. चोपड़ा ने जवाब दिया,"वैभव सूर्यवंशी को मौके इसलिए नहीं मिल रहे हैं क्योंकि उनके लिए कोई जगह ही नहीं बन पा रही है. आप उन्हें किसकी जगह खिलाएंगे? सच कहूं तो, वह केवल संजू सैमसन, अभिषेक शर्मा या ईशान किशन की जगह ही खेल सकते हैं."
उन्होंने आगे कहा,"जब तीन खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन कर रहे हों, तो आपको अचानक मौका नहीं मिल सकता. मुझे पता है कि यह दिल तोड़ने वाला है, लेकिन कोई और रास्ता नहीं है. मैं जो तरीका सुझा रहा हूं, उससे कोई सहमत नहीं है. आप रोटेशन कर सकते हैं. इन चारों खिलाड़ियों को बारी-बारी से मौके दें."
सूर्यवंशी को खेलना चाहिए रणजी
चोपड़ा ने यह भी कहा कि पूरी सीरीज के दौरान सूर्यवंशी को टीम में रखने लेकिन खेलने का मौका न देने का कोई मतलब नहीं है. ऐसी स्थिति में, उनका मानना है कि इस युवा खिलाड़ी को टीम से रिलीज कर देना चाहिए ताकि वह रणजी ट्रॉफी में खेल सके. इस युवा खिलाड़ी ने अपने टी20 करियर की एक शानदार शुरुआत की है. उन्होंने आठ मैचों में 186 से अधिक के स्ट्राइक रेट से 246 रन बनाए हैं, जिसमें दो अर्धशतक भी शामिल हैं.
अपने बेहतरीन आंकड़ों और आक्रामक बल्लेबाजी के लिए मशहूर होने के बावजूद, उन्हें अभी तक मौजूदा अंतरराष्ट्रीय सेटअप में लगातार मौके नहीं मिल पाए हैं. क्योंकि टॉप ऑर्डर में संजू सैमसन और अभिषेक शर्मा जैसे अधिक अनुभवी खिलाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है. आकाश चोपड़ा ने आगे कहा,"अगर आप वैभव को नहीं खिलाने वाले हैं, तो उन्हें जाने दें और रणजी ट्रॉफी क्रिकेट खेलने दें."
इसके साथ ही आकाश चोपड़ा ने तिलक वर्मा का बचाव किया. उन्होंने इस बात से असहमति जताई कि भारतीय उप-कप्तान खराब प्रदर्शन कर रहे हैं और उन्हें अपनी जगह सूर्यवंशी के लिए छोड़ देनी चाहिए. उन्होंने कहा,"अगर आप कहते हैं कि तिलक वर्मा बिल्कुल भी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर रहे हैं, तो यह बात कुछ हद तक गलत है. जब तिलक वर्मा नंबर 3 पर खेले थे, तब उन्होंने दो शतक लगाए थे. इसके बाद वे चोटिल हो गए थे और विश्व कप से पहले उन्हें कुछ दिक्कतें भी थीं."
भारत के पूर्व ओपनर ने मिडिल और लोअर-मिडिल ऑर्डर में तिलक के योगदान का जिक्र किया. उन्होंने तर्क दिया कि इस बाएं हाथ के बल्लेबाज ने एशियाई खेलों, एशिया कप और हाल की द्विपक्षीय सीरीज में, बल्लेबाजी क्रम में नीचे आकर एक मुश्किल 'फिनिशर' की भूमिका में शानदार काम किया है.
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