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सेबी एक्शन के मूड में, 'फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर्स' पर लगाम लगाने की तैयारी

सेबी एक्शन के मूड में, 'फाइनेंशियल इन्फ्लुएंसर्स' पर लगाम लगाने की तैयारी

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निवेशकों तक सटीक और निष्पक्ष जानकारी पहुंचाने के लिए बाजार नियामक सेबी फाइनेंशियल इन्फ्लूएंसर (Financial influencers) पर अंकुश लगाने की तैयारी कर रहा है. वित्तीय इन्फ्लूएंसर डिजिटल मीडिया, चैनल आदि के माध्यम से लोगों को निवेश के बारे में सलाह देते हैं. दरअसल ऐसा पता चला था कि ये वित्तीय इन्फ्लूएंसर सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करने के लिए 7.5 लाख रुपये तक लेते हैं और अपनी राय से लोगों के वित्तीय फैसलों को प्रभावित करते हैं.

देश में फिर कम हुए एलपीजी के दाम, इस बार कमर्शियल सिलेंडर के दाम 157 रुपये घटे

देश में फिर कम हुए एलपीजी के दाम, इस बार कमर्शियल सिलेंडर के दाम 157 रुपये घटे

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देश में एक बार फिर एलपीजी सिलेंडर के दामों को कम किया गया है. इस बार घरेलू सिलेंडर नहीं, बल्कि कमर्शियल सिलेंडर के दामों को कम किया गया है. इंडियन ऑयल ने 19 केजी के गैर-सब्सिडी वाले कमर्शियल सिलेंडर के दामों में 157.50 रुपये की कमी की है.

10,000 रुपये की मिनिमम पेंशन पाने के लिए उठा लें इस सरकारी योजना का ऐसे फायदा

10,000 रुपये की मिनिमम पेंशन पाने के लिए उठा लें इस सरकारी योजना का ऐसे फायदा

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नेशनल पेंशन सिस्टम (National Pension System, NPS) में 10,000 रुपये का पेंशन प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित प्रक्रिया का पालन करना होता है.

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना क्या है, कैसे मिलता है लाभ, सारी जानकारी यहां पढ़ें

प्रधानमंत्री मुद्रा योजना क्या है, कैसे मिलता है लाभ, सारी जानकारी यहां पढ़ें

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हर आदमी या तो बेहतर नौकरी चाहता है या फिर एक अच्छा बिजनेस करना चाहता है. बिजनेस करने के लिए पैसे की जरूरत होती है और कई बार लोग पैसे का प्रबंध नहीं कर पाते हैं और उनकी आर्थिक कठिनाइयों का अंत नहीं होता है. ऐसे में सरकार ने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (पीएमएमवाई PMMY) आरंभ की है.

घर या फ्लैट खरीदने से पहले 3/20/30/40 वाला फॉर्मूला जरूर समझें, नहीं होगी ईएमआई देने में दिक्कत

घर या फ्लैट खरीदने से पहले 3/20/30/40 वाला फॉर्मूला जरूर समझें, नहीं होगी ईएमआई देने में दिक्कत

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क्या किया जाए और कैसे किया जाए कि घर भी ले लें और आम जरूरत के खर्चों में किसी प्रकार की दिक्कत भी न आए. इसी के लिए वित्तीय प्लानर या वित्त मामलों के जानकारों ने घर खरीदने के लिए लोगों को एक फॉर्मूला भी समझाया है. इस फॉर्मूला को समझने के साथ ही अपने जीवन में उतारने से कम से कम एक आम नागरिक कुछ मामलों में अपने आर्थिक कष्टों को कम कर सकते हैं. 

रुपया शुरुआती कारोबार में सात पैसे की बढ़त के साथ 83.02 प्रति डॉलर पर

रुपया शुरुआती कारोबार में सात पैसे की बढ़त के साथ 83.02 प्रति डॉलर पर

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अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में शुक्रवार को शुरुआती कारोबार में रुपया सात पैसे चढ़कर 83.02 प्रति डॉलर पर पहुंच गया.

रुपया दो पैसे टूटकर 83.10 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर

रुपया दो पैसे टूटकर 83.10 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर

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अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बृहस्पतिवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया दो पैसे की गिरावट के साथ 83.10 (अस्थायी) प्रति डॉलर के अपने सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ. इस गिरावट का कारण विदेशों में डॉलर का मजबूत होना और घरेलू बाजार का नकारात्मक रुख है.

म्यूचुअल फंड की NAV क्या होती है, कैसे जोड़ी जाती है, समझें यहां

म्यूचुअल फंड की NAV क्या होती है, कैसे जोड़ी जाती है, समझें यहां

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What is Mutual funds and NAV, NAV Calculations in Hindi: म्यूचुअल फंड क्या हैं. यह नाम से ही जाहिर है. हमारा तुम्हारा यानि म्यूचुअल है. आज सभी को लगता है कि बाजार में तेजी है. अर्थव्यवस्था में तेजी है और लाखों लोग पैसा बना रहे हैं. जो लोग शेयर बाजार में लगातार अपनी नजर नहीं रख सकते हैं वे इस प्रकार किसी म्यूचुअल फंड के जरिए बाजार में निवेश कर सकते हैं और कम से कम बैंक से ज्यादा ब्याज हासिल कर सकते हैं. लोग जानते हैं कि बाजार की चाल के जरिए लोग 30-40 प्रतिशत का ब्याज कमा लेते हैं लेकिन जो फुलटाइम ये काम नहीं करते हैं उन्हें इस प्रकार किसी म्यूचुअल फंड के जरिए कमाने का मौका मिल जाता है. म्यूचुअल फंड में कोई एक जानकार आपके पैसे को निवेश करता है और वह लगातार यही काम करता है. बाजार की चाल की समझ और लगातार नजर से वह एक्सपर्ट हो जाता है और पैसे को सावधानी से निवेश करता है. इसके लिए फीस ली जाती है.

रिजर्व बैंक ने रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा, मुद्रास्फीति का अनुमान बढ़ाया

रिजर्व बैंक ने रेपो दर को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा, मुद्रास्फीति का अनुमान बढ़ाया

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भारतीय रिजर्व बैंक ने बृहस्पतिवार को लगातार तीसरी बार नीतिगत दर रेपो को 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है. इसका मतलब है कि मकान, वाहन समेत विभिन्न कर्जों पर मासिक किस्त (ईएमआई) में कोई बदलाव नहीं होगा. इसके साथ ही केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए अपने आर्थिक वृद्धि दर के अनुमान को भी 6.5 प्रतिशत पर बरकरार रखा है.

आवास, अन्य कर्ज लेने वाले अब निश्चित ब्याज दर व्यवस्था का विकल्प चुन पाएंगे : आरबीआई

आवास, अन्य कर्ज लेने वाले अब निश्चित ब्याज दर व्यवस्था का विकल्प चुन पाएंगे : आरबीआई

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भारतीय रिजर्व बैंक कर्ज लेने वाले लोगों को परिवर्तनशील (फ्लोटिंग) ब्याज दर से निश्चित (फिक्स्ड) ब्याज दर का विकल्प चुनने की अनुमति देने की तैयारी कर रहा है. इस कदम से मकान, वाहन और अन्य कर्ज लेने वाले लोगों को थोड़ी राहत मिलेगी, क्योंकि ऐसे ग्राहक ही ऊंची ब्याज दरों से सबसे अधिक प्रभावित हैं.

भारतीय डाकघर बचत योजनाओं में मिल रहा है तगड़ा ब्याज और कंपाउंडिंग का फायदा

भारतीय डाकघर बचत योजनाओं में मिल रहा है तगड़ा ब्याज और कंपाउंडिंग का फायदा

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भारतीय डाकघर में सेविंग्स स्कीम भारत सरकार द्वारा संचालित संस्थान द्वारा एक महत्वपूर्ण बचत योजना है जो देश के नागरिकों को सबसे ज्यादा सुरक्षित बचत का विकल्प प्रदान करती है. ये बचत योजनाएं भारतीय डाकघर द्वारा चलाई जाती है और यह देशभर में विभाग के कार्यालयों के माध्यम से उपलब्ध होती हैं. किसी भी बचत योजना में क्या रिटर्न मिल रहा है इस पर ही निवेशक का पूरा ध्यान होता है. पोस्ट ऑफिस की योजनाओं में ब्याज दरें बहुत महत्वपूर्ण होती हैं, क्योंकि इससे नागरिकों को उनकी बचत के लिए मिलने रिटर्न की दर तय होती है.

पोस्ट ऑफिस की मासिक आय स्कीम (PO MIS) में अब करें ज्यादा निवेश और पाएं ज्यादा रिटर्न

पोस्ट ऑफिस की मासिक आय स्कीम (PO MIS) में अब करें ज्यादा निवेश और पाएं ज्यादा रिटर्न

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हाल ही में वित्त मंत्रालय ने डाकघर मासिक आय योजना (पीओ एमआईएस PO MIS) में निवेश सीमा बढ़ा दी है. बता दें कि वित्त मंत्रालय की ओर से 31 मार्च, 2023 को जारी अधिसूचना के अनुसार एक व्यक्ति अब पीओएमआईएस के एकल खाते में अधिकतम 9 लाख रुपये और संयुक्त खाते में 15 लाख रुपये का निवेश कर सकता है. इससे पहले एकल और संयुक्त खातों में निवेश की समय सीमा क्रमश: 4.5 लाख रुपये और नौ लाख रुपये थी. गौरतलब है कि पीओ एमआईएस के तहत निवेश सीमा में वृद्धि की घोषणा बजट 2023 में की गई थी.

बीत गई आईटीआर रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख, अब क्या करें जानें यहां

बीत गई आईटीआर रिटर्न फाइल करने की अंतिम तारीख, अब क्या करें जानें यहां

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यह अलग बात है कि हर आयकर दाता को और जो आयकर के दायरे में नहीं आते हैं उन्हें भी अपना आईटीआर भरना चाहिए. कोशिश तो यही होनी चाहिए कि हर हाल में समय पर ही आईटीआर फाइल कर दें. फिर भी अगर अंतिम तारीख निकल जाए तो क्या करें. आज इस लेख पर इसी बात पर चर्चा करते हैं.

आईटीआर 2023: आयकर रिटर्न दाखिल करने में हुई है गलती तो घबराएं नहीं, ये काम करें

आईटीआर 2023: आयकर रिटर्न दाखिल करने में हुई है गलती तो घबराएं नहीं, ये काम करें

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लोग अक्सर बहुत आयकर रिटर्न को अहमीयत तो देते हैं लेकिन होता यही है कि अंतिम दिनों तक के इंतजार में दबाव में आ जाते हैं. अमूमन होता यही है कि पहली इसे प्राथमिकता नहीं देते हैं, लेकिन जैसे-जैसे अंतिम तारीख पास आती है वे इस दबाव को डर की वजह से महसूस करते हैं. ऐसी स्थिति का एक परिणाम यह होता है कि टैक्स रिटर्न में कुछ जानकारी छूट जाती है, या हो सकता है कि कुछ विवरण गलत तरीके से दर्ज हो जाए.

वित्त वर्ष 2022-23 के लिए छह करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल

वित्त वर्ष 2022-23 के लिए छह करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल

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वित्त वर्ष 2022-23 के लिए रविवार शाम तक छह करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न (आईटीआर) दाखिल किए जा चुके थे. यह संख्या पिछले साल 31 जुलाई तक दाखिल किए गए आईटीआर के आंकड़े को पार कर गई है.

Mutual Fund में करते हैं निवेश तो जान लें क्या कहता है टैक्स सिस्टम

Mutual Fund में करते हैं निवेश तो जान लें क्या कहता है टैक्स सिस्टम

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Mutual Funds Tax Rules: आज के जमाने में म्‍यूचुअल फंड में निवेश सबसे बढ़िया विकल्प है. लेकिन, कम ही लोगों को म्यूचुअल फंड से होने वाली आय पर टैक्‍स के बारे में सटीक जानकारी होती है. टैक्स की सटीक जानकारी के अभाव में किसी न किसी कंसलटेंट के चक्कर में फंसना होता है और फिर उनकी फीस भी देनी होती है. इस बचने के लिए मामूली से मेहनत यानि एक आर्टिकल के माध्यम से इसे समझना और आयकर विभाग की साइट पर जाकर उसे कंफर्म कर लेना चाहिए. म्यूचुअल फंड पर टैक्‍स देनदारी इस बात पर डिपेंड करती है कि आपने कितने समय बाद और कितना पैसा स्‍कीम से निकाला है.

सिर्फ 500 रुपये के SIP से बन जाएंगे करोड़पति, जल्दी समझें कैसे

सिर्फ 500 रुपये के SIP से बन जाएंगे करोड़पति, जल्दी समझें कैसे

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आज हम बात केवल 500 रुपये की बचत कर निवेश किसी एसआईपी SIP (Systematic Investment Plan) में करनी की कर रहे हैं. SIP एक ऐसा निवेश है जिसे हर महीने किसी फंड में निवेश किया जा सकता है. 100 रुपसे लेकर आप अपनी सीमा तक कुछ भी इसमें निवेश कर सकते हैं. बेहतर SIP के लिए चुनाव जरूरी है. किसी अच्छे वित्तीय जानकारी या बाजार के जानकार से सलाह लेने के बाद ही निवेश करना चाहिए. यह बात बेहद जरूरी है कि आप ऐसे किसी भी निवेश के लिए समझ के चलें कि आपको लंबी अवधि के लिए निवेश करना है. 

SIP से पहले Step up SIP में बन जाएंगे करोड़पति

SIP से पहले Step up SIP में बन जाएंगे करोड़पति

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एसआईपी के बारे में आप सभी ने सुना होगा. एसआईपी (SIP) यानी सिस्टेमेटिक इनवेस्टमेंट प्लान. नाम से ही साफ है कि एक सिस्टम के तहत इनवेस्टमेंट करना और रिटर्न लेना. इसके बारे में पहले  भी बात कर चुके हैं. आज बात इसी तरह के एक अन्य इनवेस्टमेंट प्लान की. इसे स्टेप-अप एसआईपी (Step Up SIP) कहा जाता है. इसके लिए थोड़ा सा एसआईपी के बारे में बात कर लेते हैं. एसआईपी में निवेशक अपना पैसा थोड़ा-थोड़ा करके किसी फंड में डालता जाता है. यहां पर फंड का मैनेजर बाजार की स्थिति को देखते हुए उस पैसे को निवेश करता है.

ITR फॉर्म कितने तरह के हैं, किसे कौन सा आईटीआर फॉर्म भरना है

ITR फॉर्म कितने तरह के हैं, किसे कौन सा आईटीआर फॉर्म भरना है

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देश में कुल 7 तरह के आईटीआर फॉर्म (7 types of ITR forms)हैं. इनकी संख्या ITR-1 से लेकर ITR-7 तक होती है. इन फॉर्म को अलग-अलग आय और आय के स्रोतों वाले लोगों के हिसाब से तैयार किया गया है.  इनके अलावा जीरो आईटीआर फॉर्म (Zero ITR) भी होता है.

BHIM UPI App क्या है, कैसे काम करता है, सब कुछ यहां समझें

BHIM UPI App क्या है, कैसे काम करता है, सब कुछ यहां समझें

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UPI or BHIM App or BHIM UPI App: कालाधन पर काबू पाने के लिए देश में अचानक नोटबंदी का फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया और फिर देश ने कैशलेस लेन-देन को समझा और देश आज दुनिया में कैशलेस लेन-देन में सबसे आगे हैं. निजी खिलाड़ियों के बाद सरकार ने भी अपना ऐप लॉन्च किया ताकि कैशलेस ट्रानजेक्शन लोगों के बीच सहूलियत के साथ लोकप्रिय हो और लोगों को किसी प्रकार की शंका न हो.

 
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