Reported by Bhasha, वर्ष 2047 तक सभी का बीमा करने के लिए भारत को अधिक संख्या में बीमा कंपनियों, उत्पादों की व्यापक श्रृंखला और अधिक वितरण भागीदारों की जरूरत है. बीमा नियामक एवं विकास प्राधिकरण (इरडा) के चेयरमैन देवाशीष पांडा ने यह बात कही. उन्होंने भारतीय निजी इक्विटी एवं उद्यम पूंजी संघ के वार्षिक शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि बीमा क्षेत्र को दो दशक पहले खोला गया था और बाजार बहुत बड़ा हो गया है, लेकिन अभी भी इसमें तेज वृद्धि के लिए बहुत अधिक गुंजाइश है.