Written by रविकांत ओझा, Indian Automobile Ambassador Case Study: कभी देश का पूरा'पावर कॉरिडोर' सिर्फ एंबेसडर कार से चलता था. इस कार की कहानी लुटियंस दिल्ली तक सीमित नहीं थी बल्कि ये आजाद भारत के संभ्रांत परिवारों की पहली पसंद और हर आम भारतीय का एक ऐसा सपना थी, जिसे हासिल करना जीवन की सबसे बड़ी कामयाबी माना जाता था. लेकिन वक्त बीतने के साथ-साथ इस कार ने न सिर्फ अपना जलवा खोया बल्कि मार्केट से पूरी तरह गायब भी हो गया. क्या है किंग ऑफ इंडियन रोड्स कहे जाने वाली इस कार कंपनी के बनने और बिखरने की कहानी जानिए इस रिपोर्ट में