Vande Bharatam Grand Finale News: भारत के कोने-कोने में छुपी उद्यमिता (Entrepreneurial Talent) और नवाचार क्षमता को एक राष्ट्रीय पहचान देते हुए अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी की ओर से शुरू की गई वंदे भारतम (Vande Bharatam) पहल का ग्रैंड फिनाले सफलता के साथ संपन्न हुआ. इस मौके पर अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी (Gautam Adani) ने खुद देश भर से चुने गए शीर्ष 10 इनवेटर्स (Innovators) के विचारों को सुना और उन्हें प्रतिष्ठित वंदे भारतम ट्रॉफी (Vande Bharatam Trophy) से सम्मानित किया.
देशभर से चुने गए 50 से ज्यादा इनोवेटर्स के पहले बैच (Inaugural Cohort) में से इन 10 फाइनलिस्टों का चयन किया गया था. एक सप्ताह तक चले गहन मेंटॉरशिप प्रोग्राम, समीक्षा सत्रों और मूल्यांकन के बाद इन युवा उद्यमियों को यह सम्मान प्रदान किया गया.

प्रतिभा हर जगह है, जरूरत है सही अवसर कीः गौतम अदाणी
इस मौके पर अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने खुद वंदे भारतम एक्सपीरिएंस सेंटर का दौरा किया और इनोवेटर्स से बातचीत कर उनके सफर और उनकी ओर से विकसित समाधानों को गहराई से समझा. ग्रैंड फिनाले में बोलते हुए अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि वंदे भारतम ने हमें दिखाया है कि भारत की उद्यमिता क्षमता हमारी कल्पना से कहीं अधिक गहरी और विविध है. इन इनोवेटर्स ने वास्तविक समस्याओं की पहचान करने और उद्देश्यपूर्ण समाधान तैयार करने का साहस दिखाया है. मुझे उम्मीद है कि यह प्लेटफॉर्म उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहन, अवसर और पहुंच प्रदान करेगा, ताकि वे इस कार्यक्रम से भी परे एक बड़ा असर छोड़ सकें.

देश के प्रमुख फाउंडर्स ने दिए टिप्स
ग्रैंड फिनाले से पहले आयोजित फाइनल वीक (Finalist Week) के दौरान प्रतिभागियों को भारत के स्टार्टअप जगत के दिग्गजों से सीधे सीखने का अवसर मिला. इस दौरान भारत के अग्रणी स्टार्टअप्स के 20 से ज्यादा संस्थापकों (Founders) और मुख्य कार्यकारी अधिकारियों (CEOs) ने मेंटॉर के रूप में भाग लिया और युवाओं का मार्गदर्शन किया. विभिन्न सत्रों और समीक्षा दौर के जरिए से प्रतिभागियों ने अपने बिजनेस मॉडल और विचारों को रिफाइन किया.

हर राज्य से पहुंचीं प्रतिभाएं
अभिनेता राजीव खंडेलवाल ने इस पहल के होस्ट और एंबेसडर के रूप में काम किया, जिससे देश के युवाओं तक इस संदेश को व्यापक रूप से पहुंचाया जा सका. दरअसल, वंदे भारतम पहल ने जमीनी स्तर पर देश के हर कोने तक अपनी पहुंच बनाई है. वंदे भारतम पहल के पहले संस्करण में भारत के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 26,000 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए थे. आवेदनों में मोबिलिटी (Mobility), सस्टेनेबिलिटी, टेक्नोलॉजी, कृषि (Agriculture), रक्षा (Defense), स्वास्थ्य (Healthcare), विनिर्माण (Manufacturing) और शिक्षा जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के नवाचार शामिल थे.
वंदे भारतम पहल को ऐसे समझे
- उद्देश्य: देश के हर कोने से नवाचारों की खोज करना और उन्हें मेंटॉरशिप व संसाधन देना.
- कुल आवेदन: देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 26,000 से ज्यादा आवेदन प्राप्त हुए.
- प्रारंभिक चयन: 50 से अधिक इनोवेटर्स का पहला कोहॉर्ट
- शीर्ष विजेता : 10 फाइनलिस्टों को वंदे भारतम ट्रॉफी से सम्मानित किया गया
- प्रमुख सहायता: मेंटॉरशिप, इंडस्ट्री एक्सेस, नेटवर्किंग और नेशनल विजिबिलिटी
नए भारत के निर्माण की दिशा में बड़ा कदम
अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी की ओर से शुरू की गई वंदे भारतम केवल एक प्रतियोगिता नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय आंदोलन है, जो इस विचार पर आधारित है कि प्रतिभा हर जगह होती है, भले ही अवसर हर जगह न हों. शीर्ष 10 फाइनलिस्टों के चयन के साथ ही यह पहल अब देश भर से उभरते नए विचारों को खोजने और उन्हें देश निर्माण के लिए उद्यमों में बदलने के लिए एक व्यापक राष्ट्रीय मंच तैयार कर रही है.
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